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वांटेड अपराधी ने जबरन शादी की, फिर मार डाला गया, अब आया गैंगस्टर शहाबुद्दीन का नाम!

लखनऊ में वीरेंद्र ठाकुर की हत्या को लेकर दर्ज की गई FIR में उसकी पहली पत्नी प्रियंका नाम है. साथ ही साथ शहाबुद्दीन से जुड़े फिरदौस का भी नाम सामने आया है.

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27 जून 2022 (अपडेटेड: 28 जून 2022, 12:06 PM IST)
Railway contractor Virendra and Police
रेलवे ठेकेदार वीरेंद्र और पुलिस की प्रतीकात्मक तस्वीर. (फोटो: आजतक/पीटीआई)
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लखनऊ के सनसनीखेज हत्याकांड (Virendra Thakur Murder) में बिहार के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन से जुड़े एक व्यक्ति का नाम सामने आ रहा है. मृतक रेलवे ठेकेदार वीरेंद्र उर्फ गोरख ठाकुर की पत्नी ने 3 लोगो के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है, जिसमें वीरेंद्र की पहली पत्नी प्रियंका, उसके पति बिट्टू जायसवाल और फिरदौस का नाम शामिल है. बताया जा रहा है कि फिरदौस शहाबुद्दीन के करीबी रईस खान के लिए काम करता था. 

दरअसल, खुद वीरेंद्र भी एक वांटेड अपराधी था. बिहार पुलिस ने उसके खिलाफ 23 मुकदमें दर्ज किए. यही वजह है कि वीरेंद्र के कई सारे दुश्मन भी थे, जिसमें से एक उसकी शादी से जुड़ा हुआ है. 

इंडिया टुडे से जुड़े आशीष श्रीवास्तव की रिपोर्ट के मुताबिक, वीरेंद्र ने बिहार के नरकटियागंज की रहने वाली प्रियंका नाम की लड़की से जबरन शादी की थी. बताया जा रहा है कि प्रियंका बिट्टू जायसवाल नामक एक लड़के से प्यार करती थी और वो दोनों साथ रहने के लिए घर छोड़कर चले गए थे. क्योंकि एक समय वीरेंद्र उर्फ गोरख ठाकुर का नरकटियागंज सहित पूरे बेतिया पर दबदबा था, इसलिए बिट्टू जायसवाल ने लखनऊ में रहने के लिए वीरेंद्र से शरण मांगी थी. उसे उम्मीद थी कि वीरेंद्र उसे पुलिस और प्रियंका के घरवालों से बचा सकता है.

हालांकि, जानकारी के मुताबिक, कुछ दिन बाद वीरेंद्र ने बिट्टू को भगा दिया और प्रियंका से जबरन शादी कर ली. वो 13 सालों तक प्रियंका के साथ रहा और 3 बच्चे भी हुए. लेकिन इस बीच एक नए शख्स की एंट्री हुई, जिसका नाम है फिरदौस.

शहाबुद्दीन कनेक्शन!

रिपोर्ट के अनुसार, साल 2015 में बेतिया में बालू खनन का ठेका हथियाने के लिए कथित तौर रईस खान के इशारे पर फिरदौस ने एक ठेकेदार को गोली मार दी थी. उस समय फिरदौस की चचेरी बहन खुशबुन तारा लखनऊ में रहकर पढ़ाई कर रही थी. गोलीकांड के बाद फिरदौस बहन के पास छुपने आया. लेकिन सुरक्षित जगह की तलाश में उसने वीरेंद्र के यहां शरण ले ली. 

बाद में फिरदौस के साथ वीरेंद्र अक्सर खुशबुन के कमरे पर जाने लगा. वो खुशबुन को पढ़ाई के लिए रुपये देने से लेकर हर तरह से मदद करने लगा. इसी बीच दोनों को प्रेम हो गया. ये बात फिरदौस को पसंद नहीं आई और उसने बदला लेने के लिए बिट्टू जायसवाल से हाथ मिला लिया.

वीरेंद्र पर पहला हमला साल 2019 में किया गया था, जब मुलाकात के बहाने उसे चारबाग स्टेशन के पास बुलाया गया था. यहां घात लगाकर शूटरों ने वीरेंद्र पर हमला किया था, जिसमें उसकी पीठ पर तीन बुलेट लगी थीं और फिर वो चलने-फिरने लायक नहीं रह गया था. इस घटना की प्लानिंग में फिरदौस के साथ वीरेंद्र की पत्नी प्रियंका भी शामिल थी.

बाद में साल 2021 में वीरेंद्र इलाज कराने के लिए दिल्ली गया था. इसी बीच मौका पाकर प्रियंका वहां से भाग गई और बिहार में बिट्टू से मुलाकात की. प्रियंका के जाते ही वीरेंद्र ने खुशबुन तारा से शादी कर ली थी.

पहली पत्नी ने दी जानकारी

लखनऊ पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर के मुताबिक, वीरेंद्र लखनऊ में रहकर चंपारण सहित बिहार के कई जिलों में अपना सिक्का चला रहा था. उधर शहाबुद्दीन की मौत के बाद फिरदौस कमजोर पड़ गया था. लेकिन वो किसी भी कीमत पर वीरेंद्र के साम्राज्य को हथियाना चाह रहा था और अपनी चचेरी बहन खुशबुन का बदला लेने के लिए उसने वीरेंद्र की पहली पत्नी प्रियंका और उसके पति बिट्टू को भी मिला रखा था.

बताया जा रहा है कि फिरदौस ने प्रियंका से वीरेंद्र की सारी गतिविधियों की जानकारी ली और योजनाबद्ध तरीके से हमला किया. प्रियंका ने वीरेंद्र के घर पर तैनात सुरक्षा संबंधी कई जानकारी मुहैया कराई थीं.

इसी आधार पर पुलिस की वर्दी में आए बदमाशों ने ठेकेदार वीरेंद्र के घर में घुसकर उसे गोली मार दी. बदमाशों ने ठेकेदार के परिवार को कमरे में बंधक बनाकर वारदात को अंजाम दिया है. इस घटना के दौरान ठेकेदार के निजी सुरक्षा गार्ड फरार हो गए थे.

पुलिस ने बताया कि हत्यारों ने कई दिनों तक उस इलाके की रेकी की थी और वीरेंद्र को इसकी भनक लग गई थी. फिलहाल लखनऊ पुलिस बिहार में मौजूद है और वहां हर पहलू पर जांच कर रही है.

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