The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • 'Lost' hunter-gatherer tribesman is accused of drowning little boy with light skin 'because his father was an outsider'

रंग गोरा होने की वजह से मरा आदिवासी जारवा बच्चा

विलुप्तप्राय जनजाति है जारवा. उनकी फैमिली में घुस गया कोई बाहरी आदमी. उनकी लड़की को प्रेगनेंट कर गया. बच्चा पांच महीने का था.

Advertisement
Img The Lallantop
फोटो - thelallantop
pic
आशुतोष चचा
15 मार्च 2016 (अपडेटेड: 15 मार्च 2016, 01:33 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share
जारवा का नाम सुना है? नहीं सुना तो कोई गुनाह नहीं है. हम बताए देते हैं. जारवा का मतलब होता है "धरती के लोग." जारवा एक जनजाति है. विलुप्तप्राय टाइप की. अंडमान निकोबार के पास द्वीप में रहते हैं ये लोग. बाहरी दुनिया से कोई संबंध नहीं. संपर्क नहीं. उधर से एक खबर आई है. उन लोगों ने एक बच्चे को मार के बहा दिया. क्योंकि उसका रंग साफ था. उन लोगों से शक्ल नहीं मिलती थी उसकी. उनको शक था कि कोई बाहरी इंसान इसका बाप है. उस बच्चे की मां शादीशुदा नहीं थी. और उसका स्किन कलर हल्का था. अपनी जाति वालों से. पुलिस का मानना है कि शायद इसी वजह से उसको मार दिया. क्योंकि उसका बाप बाहरी था. न्यूयॉर्क टाइम्स में छपी रिपोर्ट के मुताबिक दो औरतों ने बताया. उन्होंने एक जारवा आदमी को उस लड़के की मौत से एक दिन पहले दारू पीते देखा था. उसके साथ एक आदमी बाहर का था. मतलब अपनी दुनिया का. जारवा नहीं था वो. उसने दारू सप्लाई की थी. आदिवासी का नाम है तातेहाने. उसने पांच महीने के बच्चे को उसकी मां की गोद से उठा लिया. जब वो सो रही थी. पुलिस ने उस आदमी को अरेस्ट कर लिया है जिसने दारू दी थी. लेकिन और किसी पर केस करे तो कइसे? कौन हैं जारवा इनका पूरा मामला जानोगे तो रोएं खड़े हो जाएंगे. दुनिया की सबसे आइसोलेटेड जनजाति है जारवा. साउथ अंडमान से लेकर बंगाल की खाड़ी तक इनका बसेरा है. भारत और थाईलैंड के बीच में. अब तक जानवरों के शिकार पर निर्भर हैं. खेती वेती का शऊर बहुत धीरे धीरे आ रहा है.
jarawa_bnr
इनका काम और जीने का तरीका इस हद तक पुराना है कि इस जनजाति को भारतीय कानून के हिसाब से प्रोटेक्शन मिला है. इसीलिए इंडिया की तरफ से किसी पुलिस या एजेंसी ने किसी के खिलाफ रिपोर्ट नहीं की इस मामले में. किसी को उनकी लाइफ में घुसने की परमीशन नहीं है. आज तक कोई भी जारवा आदिवासी अरेस्ट नहीं हुआ है.
Jarawa_tribe
साइंटिस्ट लोगों की थ्योरी बताती है कि जारवा आए अफ्रीका से अंडमान. करीब 60 हजार साल पहले. ये पहले प्रवासी थे जो इतनी दूरी नापने में कामयाब रहे. कबीलों में बसते हैं. 300 वर्गमील में इनका दायरा फैला है. इसी में इनके गांव हैं. जिनमें ये अपनी पुरानी परंपरा के साथ रहते हैं.  

Advertisement

Advertisement

()