2007 से अब तक खेल रहे हैं ये प्लेयर्स
2007 में हुआ था पहला वर्ल्ड कप. 2016 में ये छठा एडीशन हो रहा है. कुछ प्लेयर्स तब से अब तक खेल रहे हैं. पढ़ते हैं उनके एवोल्यूशन के बारे में.
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2007 T-20 cricket world cup winners
साल 2007. साउथ अफ़्रीका. पहला वर्ल्ड कप. 20-20 ओवर वाला. इंडिया को समझ ही नहीं आ रहा था ये फॉर्मेट. वो तो अपनी टीम ही नहीं भेज रहा था पार्टिसिपेट करने के लिए. आज यहाँ आईपीएल चलता है. धोनी ने कप्तानी की थी इंडियन टीम की. ऐसे प्लेयर्स जिनका कभी नाम नहीं सुना था, टीम में खेल रहे थे. जोगिन्दर शर्मा रातों रात हीरो बन चुका था. वही आखिरी ओवर वाला. युवराज ने दुनिया को छक्के मारना सिखाने की कोचिंग खोलने का इरादा बना लिया था. आर.पी. सिंह अपना भौकाल टाइट किये घूम रहे थे. बाहरी प्लेयर्स में शाहिद अफ़रीदी मैन-ऑफ़-द-सीरीज़ बने थे, मिस्बाह-उल-हक़ येल्लम्बे-लम्बे छक्के सूत रहे थे. क्रिस गेल ने सेंचुरी मारी थी. पहली टी-20 सेंचुरी. उमर गुल भी फायर थे.
अब आ रहा है टी-20 मैचों के वर्ल्ड कप का छठा चैप्टर. इंडिया में खेला जाएगा. 2007 से अब तक बहुत कुछ बदल चुका है. लेकिन कुछ अभी भी है जो उस वर्ल्ड कप और इस वर्ल्ड कप में कॉमन है. वो प्लेयर्स जो पहले वर्ल्ड कप में भी खेले थे और ये वाला भी खेलेंगे. अंतर 9 साल का है तो इनके खेल में क्या अंतर आया और क्या कुछ है जो वैसा ही है, देखते हैं -
नाथन मैकुलम
ब्रेंडन मैकुलम के बड़े भाई. न्यूज़ीलैंड के ऑल राउंडर. स्पिन बॉलिंग करते हैं. लेकिन 2007 के वर्ल्ड कप में इन्हें बॉलिंग करने का मौका ही नहीं मिला. न ही बैटिंग करने का. दरअसल इन्हें एक भी मैच में खिलाया ही नहीं गया. ये बेंच गरम करते रहे पूरे टूर्नामेंट. उस वक़्त ये नए नए थे. बाद में इन्होंने अपना फ़ुल रुला दिखाया. टीम के परमानेंट मेम्बर हैं अब. 61 मैचों में 55 विकेट लिए हैं. इनकी इकॉनमी है 6.9 की जो टी-20 में एक ऑफ स्पिनर के लिहाज़ से ठीक-ठाक कहा जायेगा.
तिलकरत्ने दिलशान
दिलशान वही दिलस्कूप वाले. बल्ला सर के ऊपर चलाते हैं. 2007 वर्ल्ड कप में 5 मैच खेले और रन बनाये 65. स्ट्राइक रेट था 122. 6 का. पूरे टी-20 कैरियर में 74 मैच खेल कर 1751 रन बनाये हैं. स्ट्राइक रेट वही 120.5 का.
लसिथ मलिंगा
इन्होंने भी दिलशान के साथ ही पांच मैच खेले टी-20 वर्ल्ड कप में. 5 मैचों में विकेट लिए 7. टूर्नामेंट में इकॉनमी थी 7.14 की. फ़ास्ट बॉलर के लिए ये चलता है लेकिन जब बॉलर मलिंगा हो तो थोड़ा अखरता है. इन्हें जाना ही जाता है अपनी यॉर्करों के लिए जिनपे रन बनाने की सोचना छोड़ बैट्समैन अपने विकेट बचाने की सोचता है.
मलिंगा ने तबसे अपने कैरियर में 62 मैचों में 78 विकेट लिए हैं. हांलांकि अपने रौले के मुताबिक़ यहाँ भी उनकी इकॉनमी मिलती है 7.26
ए.बी. डिविलियर्स
इन्हें आधा हिन्दुस्तानी भी कहें तो खराबी नहीं होगी. शायद ही डिविलियर्स के सिवा किसी को इंडियन दर्शकों से इतना प्यार मिला हो. वजह? धाकड़ बैटिंग. अगर गोले में 360 की जगह और भी ज़्यादा एंगल होते तो ये उन एंगलों में भी शॉट मार दिया करते. डिविलियर्स प्लेयर नहीं बम हैं. जो फटता ही फटता है और ऐसा फटता है कि सामने वाले को कहीं का नहीं छोड़ता है.
2007 वर्ल्ड कप में डिविलियर्स एक नया चेहरा ही थे. 5 मैच खेलकर इन्होंने 50 रन बनाये थे 12.5 के एवरेज से.
लेकिन भइय्या! जो पल्टी मारी है इस लौंडे ने उसके आबाद से. ओफ्फोह!! माने एकदम पीस के रख देता है सामने वाले को. वो भी ऐसे कि अगला आह भी न कर पाए. कैरियर के 67 मैचों में डिविलियर्स ने 1258 रन बनाये हैं. एवरेज है 22.87 का और स्ट्राइक रेट तो पूछो ही मत - 128.89 इसका मतलब ये कि 1258 रन बनाने में इन्होंने सिर्फ 976 गेंदें ही खेली हैं.
जे.पी. ड्यूमिनी
2007 वर्ल्ड कप में सिर्फ 2 मैच खेले थे. रन बनाये 36. वैसे ये गेंदबाजी में भी कामचलाऊ हाथ घुमा लेते हैं. लेकिन बैटिंग में बाये हाथ से लम्बे छक्के हौंक देते हैं. कवर ड्राइव चौकस मारते हैं. ऑफ साइड के बढ़िया बैट्समैन हैं.
पूरे कैरियर में 67 मैचों में 1570 रन बनाये घूम रहे हैं. 8 बार स्कोर 50 के पार पहुंचा चुके हैं. 52 छक्के मारे हैं और 32 कैच लपके हैं.
मुहम्मद हफ़ीज़
हफ़ीज़ ने 2007 के वर्ल्ड कप में 6 ही मैच खेले थे. कुछ मैचों में इन्हें आराम दिया गया था. 6 मैचों में 99 रन बनाये. एवरेज था 16.5 का. स्ट्राइक रेट 126.9.
आगे ये टी-20 में अच्छे खासे उपयोगी स्पिन बॉलर बन गए. हांलांकि 2015 में इनके बॉलिंग ऐक्शन पर बैन लगा दिया गया.
अपने कैरियर में हफ़ीज़ ने 75 मैचों में 1545 रन बनाये हैं. एवरेज रक्खा है 22.1 का और स्ट्राइक रेट है 113 का.
शाहिद अफ़रीदी
मैन ऑफ़ द टूर्नामेंट थे ये 2007 के. पाकिस्तान फाइनल में इंडिया से हारा था. बाद में इन्होंने अपने आल राउंड खेल से पाकिस्तान को अगला वर्ल्ड कप भी जितवाया.
2007 वर्ल्ड कप में शाहिद ने 7 मैच खेले. 91 रन बनाये. और इन 91 रनों के लिए स्ट्राइक रेट था 197.8 का. यानी लगभग आधी गेंदे खेलीं. साथ ही 12 विकेट लिए और एवरेज मात्र 15.६६ का. इकॉनमी भी लाजवाब - 6.71
कैरियर में 1315 रन बना चुके अफ़रीदी ने 94 मैच खेले हैं. स्ट्राइक रेट यहाँ भी जाबड़ है 148.9 का. साथ ही विकेट लिए हैं 93. आंकड़ों के हिसाब से इनसे अच्छा आल राउंडर इस वर्ल्ड कप में और कोई भी नहीं है.
शोएब मलिक
2007 वर्ल्ड कप में शोएब मलिक ने सभी 7 मैच खेले. रन बनाये 195. स्ट्राइक रेट था 126.6 का और 39 रनों का बहुत ही अच्छा एवरेज.
अपने कैरियर में 74 मैच खेले हुए शोएब मलिक 1372 रन बना चुके हैं. एवरेज है 25.4 का और स्ट्राइक रेट है 110.7
महेंद्र सिंह धोनी
इंडिया के कप्तान थे और वर्ल्ड जितवाने वाले कप्तान थे. सभी 7 मैच खेले. रन बनाये 154. एवरेज 30.8 का. स्ट्राइक रेट 128.3 वैसे जिस हिसाब से ये खेलते हैं, धोनी के स्ट्राइक रेट में कोई गिनती नहीं बल्कि 'कभी भी' लिखा जाना चाहिए.
उस वक़्त धोनी नए थे. कोई कहता था ज़्यादा दिन नहीं तकेगा तो कोई बस बाल ही कॉपी करता रहता था. वर्ल्ड कप जीत के बाल कटवा लिए. और आज इंडिया के सबसे ज़्यादा सक्सेफुल कप्तान बने बैठे हैं. देह की मजबूती के दम पर बल्ले के नीचे लगने वाली गेंद को भी स्टेडियम के बाहर मार फेंकने के बारे में यहां पर कोई भी बात नहीं की जायेगी.
कैरियर में 63 मैच खेले हैं. रन बनाये हैं 952. इस वर्ल्ड कप में 1000 रन पूरे करने का पूरा भरोसा है. एवरेज है 34 का और स्ट्राइक रेट है 121.4 का.
रोहित शर्मा
इंडियन ओपनर बैट्समैन जो जब फॉर्म में होता है तो मैदान में और कोई नहीं दिखता है. 2007 वर्ल्ड कप में 4 मैच ही खेले और चारों में आउट ही नहीं हुए. 88 रन बनाये 144.3 के एवरेज से. साउथ अफ्रीका के खिलाफ़ अगर 50 रन नहीं मारे होते तो उसी दिन टूर्नामेंट से पत्ता साफ़ हो गया होता
टी-20 कैरियर में 55 मैच खेले हैं और 1204 रन बनाये हैं.एवरेज बहुत ही अच्छा है 32.5 का.
युवराज सिंह
पहले इंग्लैंड और फिर ऑस्ट्रेलिया को 2007 वर्ल्ड कप से धकिया के बाहर निकालने का ज़िम्मेदार अगर कोई और है तो वो है युवराज सिंह. स्टुअर्ट ब्रॉड का जनाज़ा निकलना बचा रह गया था, बाकी छके मारे में तो युवराज ने कोई कसर नहीं छोड़ी थी.
2007 वर्ल्ड कप में रन मारे 148. स्ट्राइक रेट था 194.7 का. एवरेज 29.6
टी-20 कैरियर में युवराज ने 1082 रन मारे हैं. एवरेज है 30.9 साथ ही स्ट्राइक रेट है 139.4
हरभजन सिंह
टर्बोनेटर यानी भज्जी यानी हरभजन सिंह. टीम में फिर से वापस आ गए हैं. वर्ल्ड कप 2007 में सातों मैच खेले थे. अचानक ही स्पिन में यॉर्कर फेंकने लगे थे. सात मैचों में 7 विकेट लिए और इकॉनमी रही 7.9 की.
पूरे टी-20 कैरियर में विकेट लिए हैं 25 और मैच खेले हैं 28. इकॉनमी बहुत ही अच्छी. 6.2 की. यानी विकेट मिले न मिले, इतना भरोसा तो है कि रन नहीं देंगे.
क्रिस गेल
गेल ने सिर्फ दो ही मैच खेले थे 2007 टी-20 वर्ल्ड कप में. टूर्नामेंट के पहले ही मैच में तो साउथ अफ्रीका के खिलाफ़ सेंचुरी मार दी थी. दो मैचों में कुल रन बनाये 117, एवरेज 58.5 का और स्ट्राइक रेट 195 का.
टी-20 कैरियर में 45 मैचों में 1406 रन बनाये हैं. 35.2 का एवरेज और स्ट्राइक रेट 142.6 का.
मार्लोन सेम्युएल्स
वेस्ट इंडीज़ के भौकाली आल राउंडर. 2015 में बॉलिंग ऐक्शन पर बैन लगा दिया गया. 2012 टी-20 वर्ल्ड कप के मैन ऑफ़ द सीरीज़. 2007 में 2 मैच खेले, रन बनाये 33. स्ट्राइक रेट था 183.3 का.
टी-20 कैरियर में 40 मैच खेलने के बाद 952 रन बनाये हैं. एवरेज है 28.8 का और स्ट्राइक रेट है 122.4 का.
दिनेश रामदीन
वर्ल्ड कप 2007 में 2 मैचों में मात्र 8 रन बनाये थे.
टी-20 कैरियर में 52 मैचों में 385 रन बनाकर विकेट के पीछे 30 कैच लिए हैं और 18 स्टम्पिंग की हैं.
डैरेन सामी
2007 वर्ल्ड कप में इन्हें एक भी मैच खिलाया ही नहीं गया. और 2009 वर्ल्ड कप में इन्होंने अपनी कप्तानी में वेस्ट इंडीज़ को वर्ल्ड कप जिताया.
पूरे कैरियर में 60 मैच खेलकर 43 विकेट लिए हैं और एवरेज रहा है 24.1 का.
मशरफ़े मुर्तज़ा
2007 वर्ल्ड कप में 5 मैच खेले. सिर्फ 2 विकेट लिए और एवरेज रहा 80 का. इकॉनमी बहुत ही ज़्यादा - 9 रन की.
टी-20 के ओवरआल कैरियर में 42 मैच खेले हुए हैं और विकेट लिए हैं 35. रन के मामले में महंगे साबित होते हैं. इकॉनमी है 8 रन प्रति ओवर.
शाकिब अल हसन
बांग्लादेश के टॉपमटॉप आल राउंडर. 2007 वर्ल्ड कप में 5 मैच खेल कर रन बनाये 67 और स्ट्राइक रेट रहा 119.6 का. साथ ही विकेट लिए 6 और इकॉनमी 6.8 की.
टी-20 कैरियर में 47 मैचों में 974 रन और 55 विकेट ले चुके हैं.
तमीम इकबाल
बायें हाथ के भौकाली बैट्समैन. वर्ल्ड कप में 5 मैच खेले, रन बनाये 56. लेकिन उसके बाद इनके दिन खूब बहुरे. कैरियर में 46 मैचों में 107 के स्ट्राइक रेट से 859 रन बनाये हुए हैं.
मुश्फीकुर रहीम
मुश्फीकुर बांग्लादेश के पर्मानेंट विकेट कीपर हैं. मुझे नहीं याद कि मैंने किसी और को बांग्लादेश के लिए विकेट कीपिंग करते देखा भी है या नहीं.
2007 वर्ल्ड कप में 5 मैच खेले और रन मात्र 14 बन पाए.
पूरे कैरियर में 50 मैच खेले हुए हैं और रन बनाये हैं 659. स्ट्राइक रेट है 112.6 का और साथ ही 21 कैच और 21 स्टम्पिंग कर चुके हैं.
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