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जनता सड़कों पर आई तो लेबनान की पूरी सरकार ने इस्तीफ़ा दे दिया

बेरूत धमाकों के बाद से जनता सरकार से इस्तीफ़े की मांग कर रही थी.

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11 अगस्त 2020 (अपडेटेड: 10 अगस्त 2020, 04:26 AM IST)
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लेबनान के पीएम ने सरकार समेत इस्तीफ़ा दे दिया है.
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लेबनान में जनता अपनी सरकार से नाराज़ चल रही है. पिछले कई दिनों से हिंसक प्रदर्शन चल रहे हैं. लेबनान की जनता सरकार पर भ्रष्टाचार और अयोग्य होने का आरोप लगा रही है. बेरूत धमाके इसकी तात्कालिक वजह हैं, धमाके में देश का मुख्य बंदरगाह नष्ट हो गया और अरबों डॉलर का नुकसान हुआ है. 200 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई और तक़रीबन 7000 से ज़्यादा लोग घायल हुए.

अब लेबनान के प्रधानमंत्री हसन दियाब ने अपनी पूरी कैबिनेट के साथ इस्तीफ़ा दे दिया है. हसन दियाब ने सोमवार शाम राष्ट्रीय टेलीविज़न पर राष्ट्र के नाम अपने संदेश में ख़ुद इसकी घोषणा की. हालांकि लेबनान के राष्ट्रपति माइकल आउन को इस्तीफ़ा सौंपने की ख़बर पहले ही आ गई थी.

प्रधानमंत्री के इस्तीफ़ा देने से पहले उनके कई मंत्रियों ने भी अपना इस्तीफ़ा दिया था.

# अब क्या होगा?

राष्ट्रपति ने सरकार से कहा है कि जब तक नई कैबिनेट का गठन नहीं हो जाता है तब तक वो काम करती रहे. प्रधानमंत्री हसन दियाब को इसी साल जनवरी में कई महीनों के गतिरोध के बाद प्रधानमंत्री बनाया गया था.

इस्तीफ़ा देते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने देश को बचाने के लिए बहुत आगे बढ़कर एक रोडमैप तैयार किया था, लेकिन भ्रष्टाचार के कारण ऐसा नहीं हो सका.

# विस्फोट में मरने वालों की संख्या 200 के पार

बेरूत के बंदरगाह पर विस्फोटों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 200 से पार हो गई है और लगभग 7 हजार लोग घायल हैं. इसके अलावा देश का मुख्य बंदरगाह नष्ट हो गया और राजधानी के बड़े हिस्से को नुकसान हुआ था. माना जाता है कि भंडार में रखे गए 2750 टन अमोनियम नाइट्रेट में आग लगने से विस्फोट हुआ. बंदरगाह के पास भंडार घर में इसे 2013 से ही रखा गया था.

विस्फोट से 10 अरब डॉलर से लेकर 15 अरब डॉलर के नुकसान की आशंका व्यक्त की गई है. धमाके के बाद करीब तीन लाख लोग बेघर हो गए. सरकारी अधिकारियों के अनुसार धमाके के सिलसिले में लगभग 20 लोगों को हिरासत में लिया गया है जिनमें लेबनान के सीमा-शुल्क विभाग के प्रमुख भी शामिल हैं. दो पूर्व कैबिनेट मंत्रियों समेत कई लोगों से पूछताछ की गई है.


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