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गुरुग्राम तक फैला है लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ का आतंक, शराब कारोबारी भाइयों की हत्या से मचाई थी सनसनी

लॉरेंस बिश्नोई गैंग गुरुग्राम के शराब कारोबार में एकछत्र राज करना चाहता है. इसके लिए गोल्डी बराड़ ने शूटर्स और इंफॉर्मर्स के नेटवर्क को मजबूत किया है.

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31 मई 2022 (अपडेटेड: 2 जून 2022, 11:29 PM IST)
Lawrence Bishnoi Gang and Gangster Goldie Brar Gurugram Crime Connection
दाएं से बाएं: लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ (साभार-आजतक)
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पंजाबी सिंगर सिध्दू मूसेवाला (Sidhu Moose Wala) की हत्या की जिम्मेदारी लेने वाले लॉरेंस बिश्नोई गैंग (Lawrence Bishnoi Gang) और गैंगस्टर गोल्डी बराड़ (Goldy Brar) के क्राइम का जाल गुरुग्राम में भी फैला है. गुरुग्राम के कई थानों में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गों के खिलाफ हत्या, रंगदारी मांगने से लेकर फायरिंग तक के मामले दर्ज हैं. पिछले दिनों साइबर सिटी में शराब का कारोबार करने वाले दो भाइयों की हत्या हुई थी. इस हत्याकांड में भी कनाडा में बैठे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ का नाम सामने आ चुका है. मूसेवाला की हत्या की तरह ही उस समय भी गोल्डी बराड़ ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर हत्या की जिम्मेदारी ली थी. 

आजतक से जुड़े तनसीम हैदर की रिपोर्ट के मुताबिक बीती 25 फरवरी को गुरुग्राम के पटौदी स्थित खोड़ गांव में परमजीत और सुरजीत ठाकरान की ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी गई थी. ये दोनों भाई शराब के कारोबार में थे. लॉरेंस के खास गुर्गे गोल्डी बराड़ ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर इस सनसनीखेज हत्याकांड की जिम्मेदारी ली थी. 

गुरुग्राम पुलिस के एसीपी क्राइम प्रीतपाल सिंह से इस मामले को लेकर आजतक को बताया,

‘मारे गए भाई परमजीत और सुरजीत जेल में बंद गैंगस्टर कौशल चौधरी के करीबी सहयोगी थे और उनकी अजय जेलदार के साथ रंजिश थी. जेलदार ने ही काला जठेरी-लॉरेंस बिश्नोई-नरेश सेठी और गोल्डी बराड़ के समर्थन से अवैध शराब के कारोबार में वर्चस्व हासिल करने के लिए हत्या कराई. हालांकि क्राइम ब्रांच ने इस हत्याकांड के सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया.’ 

लॉरेंस बिश्नोई गैंग की शराब कारोबार पर नजर 

तनसीम हैदर की रिपोर्ट के मुताबिक असल में लॉरेंस बिश्नोई गैंग गुरुग्राम के शराब कारोबार में एकछत्र राज करना चाहता है. इसके लिए गोल्डी बराड़ ने शूटर्स और इंफॉर्मर्स के नेटवर्क को मजबूत किया. इसके बाद बीती 12 मई को पटौदी नगर निगम के चेयरमैन के घर पर ताबड़तोड़ फायरिंग करवा दी. साथ ही नगर निगम के चेयरमैन और शराब कारोबारी से 50 लाख की रंगदारी और कारोबार में 50 फीसद की हिस्सेदारी की डिमांड कर डाली. हालांकि पुलिस का कहना है कि इन घटनाओं के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गों को पकड़ा गया है. 

एसीपी क्राइम प्रीतपाल सिंह का कहना है,  

‘बीते डेढ़ महीनों के दौरान गुरुग्राम क्राइम ब्रांच ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के शूटर्स, इंफॉर्मर्स और बाकी कनेक्शन का भंडाफोड़ किया है. साथ ही क्राइम ब्रांच ने दो दर्जन गुर्गों को पकड़ा भी है.’ 

दरअसल बीते कुछ महीनों से लॉरेंस का भाई अनमोल बिश्नोई ही साइबर सिटी के ग्रामीण इलाकों में अपने गैंग को मजबूत करने में जुटा था. इसमें पटौदी, फरुखनगर, मानेसर, शिकोहपुर जैसे ग्रामीण इलाकों में कई इंफॉर्मर्स और शूटर्स को गैंग में ज्वॉइन कराया गया. एसीपी क्राइम प्रीतपाल सिंह का कहना है कि क्राइम ब्रांच अनमोल बिश्नोई को पकड़ने की कोशिश कर रही है और जल्द ही उसे पकड़कर मामले का खुलासा कर दिया जाएगा.

वीडियो- सिद्धू मूसेवाला मर्डर में इस्तेमाल हुई AN-94 राइफल की पूरी कहानी

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