9 साल का रिश्ता सड़क पर खत्म, रास्ता वही तीन तलाक
क्या कहा? तीन तलाक के विक्टिम खोजे नहीं मिलते? यहां आओ.
Advertisement

फोटो - thelallantop
तीन तलाक पर बहस थोड़ी धीमी जरूर पड़ी है लेकिन थमी नहीं है. फिर बढ़ सकती है. क्योंकि जोधपुर से एकदम नया केस सामने आया है. वहां एक आदमी ने घर के बाहर रोड पर अपनी बीवी को तीन बार बोला तलाक. और किस्सा खतम. 9 साल की शादी टूट गई. अब औरत अपनी तीन साल की बेटी को लेकर कहां जाए, कुछ समझ नहीं आ रहा.
जोधपुर के शास्त्रीनगर की बात है. इरफान नाम का आदमी है. इस घर में उसकी बाकी फैमिली रहती है. 2 साल पहले तक बीवी भी साथ थी. दो साल बाद जब ये घर आई तो घर के बाहर ही इरफान ने तलाक बोला और वो रोते हुए थाने चली गई. इरफान की बीवी का नाम फरहा है.
दोनों ने लड़ाई झगड़े की अलग अलग वजहें बताईं हैं. पहले फरहा की बात सुनो.
https://www.youtube.com/watch?v=sjFxOddKh9Y
फरहा- शादी के सात साल तक हमको कोई औलाद नहीं हुई. इस बात को लेकर झगड़ा होता था. ये हमको मारता पीटता था. गला भी दबाया. फिर बच्ची पैदा हो गई. इनको लड़का चाहिए था. रोज लड़ाई होने लगी. एक दिन किसी रिश्तेदार के घर फंक्शन में गई थी. उसके बाद घर से निकाल दिया. कभी नहीं रखा. दो साल के बाद मैं अपने घरवालों के साथ आई थी कि कोई गलती हो तो माफी मांग लें. फिर मुझे रहना तो यहीं है. ऐसे तलाक बोल देने से कुछ थोड़ी हो जाएगा. मैं बच्ची को लेकर कहां जाऊं?
इरफान के लॉजिक कतई वाहियात हैं. अपना दिमाग खुद लगाओ और फैसला करो.
इरफान- इसने कभी मेरी इज्जत नहीं की. कभी मेरे मां बाप की इज्जत नहीं की. खाना नहीं बनाती. कोई काम नहीं करती. मुझे मारा भी. मेरे पेट पर लात मारी. सुबूत है मेरे पास. इसके कोई बच्चा नहीं हो रहा था. मैंने 5-6 लाख रुपए खर्च किए. ये दो साल से यहां नहीं आई. हमको इसके रिश्तेदार मारने आए थे.
अभी तक तीन तलाक वाले मामले को ये कहकर गिरा दिया जाता था कि ऐसा होता कहां है? दो चार एग्जांपल लाओ. तो ये एक एग्जांपल तो हो गया. अगर कानून इस मामले में कुछ कर दे तो दिक्कत. न करे तो औरत का गुजारा कैसे हो? ये सिर्फ एक मामला है. जो बता रहा है कि ट्रिपल तलाक वाले सिस्टम पर फिर गौर करने की बहुत ज्यादा जरूरत है.
ये भी पढ़ें: ट्रिपल तलाक के विक्टिम खोज रहे लोग यहां आएंट्रिपल तलाक हटाने के लिये 300 कानून भी बनाने पड़ें तो बनाये जायें

.webp?width=60)

