‘जो इजरायल को मानेगा, वो तबाह… ’, अब पाकिस्तान ट्रंप की सुनेगा या लश्कर-ए-तैयबा की
Lashkar-e-Taiba on Pakistan: एक तरफ अमेरिका पाकिस्तान को अब्राहम अकॉर्ड्स साइन करने को कह रहा है. दूसरी तरफ आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के डिप्टी चीफ ने खुले मंच से पाकिस्तान सरकार को ही चेतावनी दे दी है. अपने बयान में उसने कई भड़काऊ बातें भी कहीं हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप लगातार मुस्लिम देशों से अब्राहम अकॉर्ड्स (Abraham Accords) साइन कर इजरायल से रिश्ते सामान्य करने को कह रहे हैं. इसमें पाकिस्तान भी शामिल है. लेकिन इसी बीच आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के डिप्टी चीफ सैफुल्लाह कसूरी ने खुले मंच से पाकिस्तान सरकार को ही चेतावनी दे दी है. कसूरी ने कहा, ‘जो भी इजरायल को कबूल करेगा, वो तबाह हो जाएगा.’ ये वही लश्कर-ए-तैयबा है, जिसे भारत-पाकिस्तान समेत दुनिया के कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन घोषित किया है.
आजतक से जुड़े सुबोध कुमार और अरविंद ओझा की रिपोर्ट के मुताबिक, लश्कर डिप्टी चीफ सैफुल्लाह कसूरी ने ईद-उल-अज़हा यानी बकरीद के दिन एक सभा को संबोधित किया. यहां उसने कई भड़काऊ बातें कहीं. सैफुल्लाह ने कहा कि दुनिया की कोई ताकत मुस्लिम देशों को इजरायल को मान्यता देने पर मजबूर नहीं कर सकती. उसने अपने भाषण में कहा,
‘वो कहते हैं इजरायल और यहूदियों को कबूल कर लो, लेकिन जो भी इजरायल को कबूल करेगा, वो बर्बाद हो जाएगा.’
अपने भाषण में सैफुल्लाह ने पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच कथित रक्षा सहयोग का भी जिक्र किया. उसने दावा किया कि इस समझौते के बाद पाकिस्तान की सैन्य पहुंच इजरायल के करीब तक पहुंच गई है. उसने बताया कि पहले इजरायल पाकिस्तान से 4000 किलोमीटर दूर था. लेकिन आज पाकिस्तान की टेक्नोलॉजी और हमारी ताकत इजरायल से सिर्फ 400 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद है.
सैफुल्लाह ने दावा किया कि पाकिस्तान और सऊदी अरब मिलकर मुस्लिम देशों की अगुवाई कर सकते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, भाषण के दौरान उसने जिहाद, शहादत और इस्लाम के दुनिया पर छाने जैसी बातें भी कहीं.
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कौन है सैफुल्लाह कसूरी?सैफुल्लाह कसूरी पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का डिप्टी चीफ है. उसे 'खालिद' के नाम से भी जाना जाता है. ये वही लश्कर है, जिसने मुंबई हमलों से लेकर कश्मीर के कई बड़े आतंकी हमलों को अंजाम दिया है. सैफुल्लाह, लश्कर के संस्थापक और भारत में वांटेड आतंकी हाफिज़ सईद का बेहद करीबी माना जाता है.
सैफुल्लाह पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में कसूर जिले का रहने वाला है. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) उसे एक 'कट्टर आतंकवादी' बताती है. उसके सिर पर 10 लाख रुपये का इनाम भी है. सैफुल्लाह अक्सर पाकिस्तान के गुजरांवाला इलाके में देखा जाता है और सफेद रंग की एक लग्जरी गाड़ी में चलता है. उसकी सुरक्षा में लश्कर के आतंकवादी हर वक्त आधुनिक हथियारों से लैस रहते हैं.
ये पहली बार नहीं है जब लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े किसी चेहरे ने इजरायल को लेकर इस तरह का बयान दिया हो. लेकिन इस बार मामला इसलिए ज्यादा संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि अमेरिका की तरफ से पाकिस्तान को अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल करने की चर्चा तेज है.
अब्राहम अकॉर्ड्स क्या है?अब्राहम अकॉर्ड्स 2020 में अमेरिका की मध्यस्थता में हुआ एक बड़ा समझौता था. इसके तहत कुछ अरब देशों ने इज़रायल के साथ राजनयिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंध सामान्य किए थे. इसमें UAE, बहरीन जैसे देश शामिल हुए थे. अब ट्रंप ने सऊदी अरब, क़तर, पाकिस्तान, तुर्किये, मिस्र, जॉर्डन और बहरीन जैसे देशों से अपील की कि वो अब्राहम अकॉर्ड्स का हिस्सा बनें. ऐसे में सैफुल्लाह कसूरी का ये बयान सिर्फ इजरायल विरोधी बयान नहीं बल्कि पाकिस्तान सरकार पर दबाव बनाने का तरीका भी बताया जा रहा है.
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