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'अटल जी की कमी...', राम मंदिर के उद्घाटन से पहले क्या बोले आडवाणी?

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले लाल कृष्ण आडवाणी ने अयोध्या आंदोलन को लेकर अपने अनुभवों को साझा किया है.

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12 जनवरी 2024 (अपडेटेड: 15 जनवरी 2024, 01:18 PM IST)
Lal Krishna Advani on Ram temple
22 जनवरी के कार्यक्रम में लाल कृष्ण आडवाणी भी शामिल होंगे (फाइल फोटो)
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भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले कहा कि वे इस आयोजन में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कमी को महसूस कर रहे हैं. राम मंदिर के उद्घाटन से पहले पहली बार उनका बयान आया है. आडवाणी ने लखनऊ से छपने वाली एक 'राष्ट्रवादी' पत्रिका 'राष्ट्रधर्म' को बताया कि उनकी राजनीतिक यात्रा में अयोध्या आंदोलन सबसे निर्णायक घटना थी, जिसने उन्हें भारत को दोबारा जानने और अपने आपको भी समझने का मौका दिया. इसी 'राष्ट्रधर्म' पत्रिका में उनका लेख 15 जनवरी को प्रकाशित होने वाला है.

लाल कृष्ण आडवाणी अयोध्या में राम मंदिर के लिए आंदोलन का नेतृत्व करने वालों में एक थे. साल 1990 में उन्होंने सोमनाथ से अयोध्या तक 'रथ यात्रा' निकाली थी. बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के मामले में आडवाणी अभियुक्त भी थे. हालांकि सितंबर 2020 में सीबीआई की विशेष अदालत ने आडवाणी समेत सभी 32 अभियुक्तों को 'सबूतों के अभाव' में बरी कर दिया था.

'रथ यात्रा ने जीवन को प्रभावित किया'

96 साल के आडवाणी 22 जनवरी को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल भी होने वाले हैं. 'राष्ट्रधर्म' पत्रिका में उन्होंने लिखा है कि 25 सितंबर 1990 को जब 'रथ यात्रा' शुरू की तब उन्हें ये नहीं पता था कि वो देश में आंदोलन का रूप ले लेगा. उस रथ यात्रा के दौरान नरेंद्र मोदी उनके सहयोगी भी थे. उन्होंने इस लेख के लिए कहा है,

"रथ यात्रा के समय ऐसे कई अनुभव हुए, जिन्होंने मेरे जीवन को प्रभावित किया. सुदूर गांव के अनजान ग्रामीण रथ देखकर भाव-विभोर होकर मेरे पास आते. वे प्रणाम करते. राम का जयकारा करते और चले जाते."

आडवाणी ये भी कहते हैं कि उस समय उन्हें लग रहा था कि नियति ने ये तय कर लिया है कि एक दिन अयोध्या में राम का भव्य मंदिर जरूर बनेगा, बस अब सिर्फ समय की बात है.

22 जनवरी के कार्यक्रम को लेकर आडवाणी कहते हैं,

"जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा करेंगे, तब वे भारत के सभी नागरिकों का प्रतिनिधित्व करेंगे. मेरी प्रार्थना है कि यह मंदिर सभी भारतीयों को राम के गुणों को अपनाने के लिये प्रेरित करेगा."

कुछ दिन पहले खबर आई थी कि स्वास्थ्य कारणों से आडवाणी 22 जनवरी के कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकते हैं. हालांकि दो दिन पहले विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने साफ किया कि आडवाणी प्राण प्रतिष्ठा समारोह का हिस्सा होंगे.

VHP के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने समाचार एजेंसी ANI को बताया था कि उन्होंने आरएसएस के दूसरे नेताओं के साथ आडवाणी से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद उन्होंने बताया कि अयोध्या में लालकृष्ण आडवाणी के लिए सभी जरूरी मेडिकल सेवाओं की व्यवस्था की जाएगी.

वीडियो: राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा: क्या है अयोध्या का सिक्योरिटी प्लान? आम लोगों को सौंपा गया बड़ा काम

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