ट्विटर और फेसबुक पर कम्पटीशन लगा पड़ा है. लकड़ी की चाभी दोनों में टॉप कीवर्ड्सहैं इस टाइम पर. लकड़ी की चाभी की फोट अटी पड़ी है. एमपी के गृह राज्यमंत्री ने येबयान दिया था न कैमरे के सामने. कि भोपाल जेल से भागे संदिग्ध आतंकियों ने लकड़ी कीचाभी से ताला खोला था. उसके बाद उनका इनकाउंटर हो गया. सोमवार से ही मामला पेट्रोलहुआ है. ज्वलनशील भाई. अब लकड़ी की चाभी ट्रॉल हो रही है. 1. 2. 3. 4. वैसे अगरलकड़ी की चाभी पर भी शक नहीं करना चाहिए. कुछ दिन पहले गुजरात की जूनागढ़यूनिवर्सिटी ने गोमूत्र में सोना होने की बात की थी. अगर आप इन दोनों पर शक करतेहैं तो आलू की फैक्ट्री पर तो कुछ बोलोगे ही नहीं. उस पर भी बोल दो तो टिंबर केपेड़ पर मत बोलना. एक बात बताओ. म्यूजिक व्यूजिक का शौक है? बचपन से? कव्वाली का?चलो है तो ठीक नहीं है तो कोई बात नहीं. कव्वाली सुनने वालों को लकड़ी की अहमियतपता होगी. इसलिए नहीं कि सारा साजो सामान लकड़ी का बना होता है. बल्कि इसलिए कि एककव्वाली ही लकड़ी को डेडीकेट की गई है. सुन लो.https://www.youtube.com/watch?v=nOpP0lHE2j0 तो राज़ यही है. कि लकड़ी की चाभीहोती है. तभी तो उसकी फोटोज होती हैं. नहीं तो ये लोग इतनी सारी फोटोज कहां से लेआते. और इस केस के बाद जेल, ताला, चाबी वगैरह का सारा कॉन्सेप्ट इंसान के दिमाग मेंबदल गया है. मतलब ताले चाबी से तो भरोसा उठ ही गया है. जेल का क्या होगा ये तोआसाराम जानें.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें: बेबी छे बॉटल छीनोगे तो माल पलेगी करण जौहर को अगली फिल्म कीस्टारकास्ट मिल गई है!