ये खबर है बिहार के मुजफ्फरपुर से. यहां पर पुलिस सरिता देवी की मौत की गुत्थीसुलझाने में दिमाग खपा रही है. सरिता देवी कौन? वो पेशे से इंजीनियर थी. दो बेटोंकी मां भी. पति से बनती नहीं थी तो अलग रहती थी. सरिता ने दफ्तर का काम करने के लिएकिराए पर मकान भी ले रखा था. जिसका मालिक विजय गुप्ता है. वो सरिता के काम में उसकाहाथ भी बंटाता था. सरिता की मौत ऑफिस में हुई थी. इसे मौत नहीं मर्डर कहिए. मर्डरभी ऐसा कि सिर्फ पढ़कर रात के सपनों में डराएगा. मर्डर की खबर विजय ने ही पुलिस कोदी थी. पुलिस को मौके पर सरिता की लाश नहीं बस राख मिली. और एक सुसाइड नोट भी.जिसमें सरिता ने अपनी मां को अपने छोटे बेटे आर्या का ख्याल रखने को कहा है. कमरेसे मिट्टी के तेल की धार बह रही थी. कमरे को देख कर ऐसा लग रहा था मानों किसी नेपहले सरिता को रस्सी से कुर्सी में बांधा और फिर केरोसिन तेल डालकर माचिस सुलगा दी.सरिता की मां ने बिटिया की चप्पल से उसकी पहचान की. पुलिस अपने साथ फॉरेंसिक वालोंको भी ले कर आई थी. जिन्होंने छानबीन करने के बाद राख को जांच के लिए भेज दिया है.मौके से सुसाइड नोट के मिलने से पुलिस परेशान है. उसे समझ नहीं आ रहा कि केस कोमर्डर या फिर सुसाइड किस बेसिस पर करे. हालांकि पुलिस ने मर्डर का मामला मानते हुएशुरुआती जांच शुरु कर दी है. घर का मालिक विजय पूछताछ के लिए पुलिस की हिरासत मेंहै. उसका फोन भी जब्त कर लिया है. और कॉल्स की डिटेल निकाली जा रही है. पुलिस केमुताबिक सरिता के पति के बयान पर पुलिस ने FIR लिखा है. उसे शक है कि विजय ही उसकीमौत का जिम्मेदार है. सरिता की बात अपने छोटे बेटे से संडे रात को 8 बजे तक हुई थी.उस दिन वो अपने मामा के पास बेगूसराय में था.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़िये.... लड़के की शादी नहीं हो रही थी तो डेढ़ साल की बच्ची को मार डालादो महीने से पीछा कर रहे मनचले ने मेट्रो स्टेशन पर औरत को मार डाला!