WhatsApp की कमान अब एक भारतीय के हाथ में, कौन हैं कुणाल शाह?
मेटा ने WhatsApp की लीडरशिप में बदलाव किया है. फिनटेक कंपनी CRED के फाउंडर कुणाल शाह को वॉट्सऐप का नया ग्लोबल सीईओ बनाया गया है. वे मौजूदा सीईओ विल कैथकार्ट की जगह लेंगे. कुणाल शाह ने साल 2018 में क्रेड की नींव रखी. अपनी मार्केटिंग और लीडरशिप स्किल के दम पर उन्होंने क्रेड को देश की सबसे बड़ी फिनटेक कंपनियों में से एक बना दिया.

दुनिया के सबसे बड़े मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp का लीडर अब एक भारतीय होगा. ग्लोबल सोशल मीडिया कंपनी मेटा ने भारतीय फिनटेक कंपनी CRED के फाउंडर कुणाल शाह को ये जिम्मेदारी दी है. कुणाल WhatsApp के मौजूदा ग्लोबल सीईओ विल कैथकार्ट की जगह लेंगे. इसके साथ ही मेटा उनकी कंपनी क्रेड में लगभग 8,550 करोड़ रुपये का निवेश करेगी.
कुणाल शाह बने WhatsApp CEOकुणाल शाह ने घोषणा की है कि नई जिम्मेदारी संभालने के लिए वे 22 जून से CRED के CEO का पद छोड़ रहे हैं. इधर मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने कुणाल शाह की लीडरशिप क्वालिटी की जमकर तारीफ की है. उन्होंने लीडरशिप में हुए बदलाव पर अपने आधिकारिक बयान में कहा,
कुणाल शाह अब WhatsApp के नए लीडर के तौर पर मेटा का हिस्सा बनेंगे. उन्होंने क्रेड को भारत की बड़ी टेक कंपनियों में से एक के तौर पर खड़ा किया है. उनके पास एक बिल्डर की सोच और वैश्विक नजरिया है, जो दुनिया के सबसे बड़े मैसेजिंग ऐप को चलाने में काम आएगा.
जुकरबर्ग ने आगे कहा कि वे अरबों लोगों और लाखों तरह के बिजनेस के लिए WhatsApp को बेहतरीन प्लेटफॉर्म बनाने की दिशा में कुणाल के साथ काम करने को लेकर उत्सुक हैं.
FreeCharge से CRED की यात्रा
कुणाल शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट लिखकर FreeCharge से लेकर CRED और WhatsApp तक की यात्रा के बारे में बताया है. उन्होंने बताया कि क्रेड की शुरुआत ऐसे लोगों को इनाम देने के प्लान से शुरू हुई थी जो सही समय पर क्रेडिट कार्ड का बिल चुकाते थे. इसमें उन्होंने अपनी खुद की पूंजी में से 10 लाख डॉलर (9.5 करोड़ रुपये) का निवेश किया था. शाह ने आगे बताया,
क्रेड की शुरुआत सही समय पर क्रेडिट कार्ड का बिल चुकाने वालों को रिवॉर्ड देने के प्लान से हुई थी. लेकिन अब ये एक मजबूत और मुनाफा कमाने वाला बिजनेस बन चुका है, जो लाखों ग्राहकों को सर्विस दे रहा है. कंपनी की लीडरशिप टीम आगे भी इसी तरह कारोबार को बढ़ाती रहेगी.
कुणाल शाह ने बताया कि वे कंपनी में शेयरहोल्डर बने रहेंगे. वहीं मितेन संपत अंतरिम सीईओ के तौर पर क्रेड की जिम्मेदारी संभालेंगे. उन्होंने बताया,
मितेन साल 2020 से स्ट्रैटजी और फाइनेंस संभाल रहे हैं और मुझे झेल रहे हैं. उनके पास क्रेड का काम संभालने के लिए एक बेहद टैलेंटेड टीम है.
मेटा बनी स्ट्रैटजिक इन्वेस्टर
मेटा ने कंफर्म किया है कि वह इस ट्रांजैक्शन के जरिए क्रेड में माइनॉरिटी इन्वेस्टर बनेगी. इस डील के तहत कंपनी को कस्टमर से जुड़ी जानकारियों का एक्सेस नहीं मिलेगा. शाह ने बताया,
मेटा क्रेड में माइनॉरिटी इन्वेस्टर के तौर पर आ रही है. लेकिन उनके पास मेंबर डेटा का कोई एक्सेस नहीं होगा.
WhatsApp में नया चैप्टर
कुणाल शाह ने बताया कि वे अब WhatsApp को ग्लोबल लेवल पर लीड करने के लिए मेटा से जुड़ेंगे. उन्होंने बताया कि वे मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग, चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर क्रिस कॉक्स और पूरी लीडरशिप टीम के साथ काम करने को लेकर उत्साहित हैं. शाह ने WhatsApp के मौजूदा चीफ विल कैथकार्ट को धन्यवाद देते हुए लिखा,
विल, ऐसी चीजों को बड़े स्तर पर ले जाने के लिए धन्यवाद जिस पर दुनिया चुपचाप भरोसा करती है. इस बदलाव को आसान बनाने के लिए भी.
कौन हैं कुणाल शाह?
कुणाल शाह की गिनती देश के सफल एंटरप्रेन्योर के तौर पर होती है. कुणाल ने साल 2010 में फ्रीचार्ज नाम से एक ऑनलाइन रिचार्ज प्लेटफॉर्म शुरू किया था. साल 2015 में इस स्टार्टअप को स्नैपडील ने खरीद लिया. फ्रीचार्ज के बाद साल 2018 में उन्होंने क्रेड की नींव रखी. अपनी मार्केटिंग और लीडरशिप स्किल के दम पर उन्होंने क्रेड को देश की सबसे बड़ी फिनटेक कंपनियों में से एक बना दिया. आज क्रेड के 1.7 करोड़ से ज्यादा एक्टिव मेंबर्स हैं. कुणाल शाह अपनी शानदार सूझबूझ और लीक से हटकर सोचने के लिए जाने जाते हैं.
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