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फिर चर्चा में कोलकाता के RG Kar हॉस्पिटल, युवक की मौत के बाद हंगामा

RG Kar Medical College में युवक की मौत के बाद डॉक्टर्स पर लापरवाही का आरोप लगा है.

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7 सितंबर 2024 (अपडेटेड: 7 सितंबर 2024, 08:47 PM IST)
kolkata rg kar hospital allegations of delay in treatment doctors protest
TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा, 'लापरवाही के चलते किसी की मौत होना गैर इरादतन हत्या के समान है.' (तस्वीर-इंडिया टुडे)
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कोलकाता के RG Kar Medical College एक बार से फिर से चर्चा में है. अस्पताल में एक युवक की मौत हो गई. मृतक की मां ने आरोप लगाया कि अस्पताल की लापरवाही से उनके बेटे की मौत हुई. उन्होंने कहा कि इमरजेंसी वार्ड में एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं थे, इस वजह से इलाज में देरी के चलते उनके बेटे की मौत हो गई. हॉस्पिटल मैनेजमेंट की तरफ से इस आरोपों को सिरे से नकार दिया गया. वहीं मामले में TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी का भी बयान आया है.

इंडिया टुडे से जुड़े सूर्याग्नि रॉय की रिपोर्ट के मुताबिक घटना शुक्रवार, 6 सितंबर की है. हुगली जिले के कोन्नागर के रहने वाले 28 साल के बिक्रम भट्टाचाजी ट्रक से एक्सीडेंट में बुरी तरह घायल हो गए थे. जिसके बाद परिजनों ने उन्हें आरजी कर अस्पताल लेकर पहुंचे. लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका. युवक की मौत के बाद हंगामा शुरू हो गया. 

कबिता के मुताबिक 

बहुत समय बर्बाद हो गया. उस समय के अंदर उसकी सर्जरी पूरी हो जानी चाहिए थी. लेकिन वहां कोई डॉक्टर उपलब्ध नहीं था. यहां तक कि इमरजेंसी में भी कोई डॉक्टर नहीं था.

TMC सांसद और पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा,

"RGKar घटना के जवाब में डॉक्टरों के चल रहे विरोध के कारण, बिना इलाज के 3 घंटे तक खून बहने के बाद, कोन्नगर के एक युवक की जान चली गई. जूनियर डॉक्टरों की मांगें उचित और वैध दोनों हैं. मैं उनसे ऐसा विरोध करने का आग्रह करता हूं जिससे आवश्यक चिकित्सा सेवाएं बाधित न हों. लापरवाही के कारण किसी की मौत होना गैर इरादतन हत्या के समान है. यदि विरोध जारी रखना है, तो इसे रचनात्मक रूप से, सहानुभूति और मानवता के साथ किया जाना चाहिए." 

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हॉस्पिटल के अधिकारियों ने दी सफाई

आरजी कर के अधिकारियों ने परिवार के दावों का खंडन किया है. मेडिकल कॉलेज के सह वाइस प्रिंसिपल डॉ. सप्तर्षि चटर्जी ने कहा कि बिक्रम को आरजी कर में लाए जाने के तुरंत बाद ट्रॉमा केयर ले जाया गया. उसके दो अंगों में गंभीर चोट थी. इसके अलावा उन्होंने पाया कि उसके सिर पर भी गंभीर चोट थी. उसे सीटी स्कैन के लिए ले जाया गया. जब सीटी स्कैन की योजना बनाई जा रही थी. तो बिक्रम को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी. और उसकी मौत हो गई.

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