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कोलकाता में जलाई गई पुलिस की गाड़ी का वीडियो आया, BJP का झंडा लेकर गाड़ी जला रहे थे

BJP ने TMC के खिलाफ विरोध मार्च निकाला था. ये विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया था.

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BJP TMC Kolkata
वीडियो से लिए गए स्क्रीनशॉट. (फोटो: इंडिया टुडे)
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मुरारी
13 सितंबर 2022 (Updated: 14 सितंबर 2022, 09:17 AM IST)
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पश्चिम बंगाल (West Bengal) की राजधानी कोलकाता (Kolkata) में 13 सितंबर को बीजेपी ने ममता बनर्जी सरकार (Mamta Banerjee) के खिलाफ मार्च निकाला. इस विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई. हिंसा में पुलिस की एक गाड़ी को आग लगा दी गई. अब इसका एक वीडियो सामने आया है. वीडियो में कुछ लोग गाड़ी में तोड़फोड़ और आग लगाते हुए दिख रहे हैं. इन लोगों के हाथ में बीजेपी के झंडे हैं. इसे लेकर तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने बीजेपी पर निशाना साधा है. उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा,

"आज ना केवल बंगाल ने, बल्कि पूरे देश ने देखा कि बीजेपी के गुंडे क्या कर सकते हैं. ये सोचकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं कि सत्ता में होने पर ये क्या करते. पश्चिम बंगाल के लोगों, इनको रिजेक्ट करने के लिए शुक्रिया. अब वक्त है कि भारत के लोग इन्हें रिजेक्ट करें."

इधर बीजेपी की तरफ से इसका अभी कोई जवाब नहीं दिया गया है. हालांकि, पार्टी के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने ट्वीट करते हुए कहा था कि हिंसा TMC के कार्यकर्ताओं ने की है और इसका दोष बीजेपी के कार्यकर्ताओं पर मढ़ दिया. पुलिस की जिस गाड़ी को आग लगाई गई, वो कोलकाता के बड़ाबाजार इलाके में खड़ी थी. गाड़ी में दिन दहाड़े आग लगाई गई. दरअसल, 13 सितंबर को कोलकाता से दिन भर उपद्रव, तोड़फोड़ और आगज़नी की खबरें आती रहीं. भारतीय जनता पार्टी ने सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के कथित भ्रष्टाचार के विरोध में सूबे के सचिवालय नबन्ना तक एक मार्च का आयोजन किया था. जिस दौरान जमकर संघर्ष हुआ.

BJP और TMC ने एक दूसरे पर लगाए आरोप

कोलकाता और आसपास के इलाकों में पुलिस प्रशासन ने मार्च को देखते हुए पहले ही बंदोबस्त तैनात कर दिया था. भाजपा ने अपने कार्यकर्ताओं को लाने के लिए सात ट्रेनों को किराए पर लिया था. इसीलिए कोलकाता और हावड़ा के नज़दीकी रेलवे स्टेशन्स पर बैरिकेडिंग कर दी गई थी. भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि स्टेशन पर पुलिस उन्हें चुन चुनकर पकड़ रही थी. पश्चिम बर्दवान में तो चार भाजपा नेताओं को स्टेशन से ही गिरफ्तार तक कर लिया गया. भाजपा की योजना थी कि तीन दिशाओं से तीन मार्च नबन्ना के लिए निकलें. इनकी ज़िम्मेदारी नेता प्रतिपक्ष सुवेंदू अधिकारी, सूबे में पार्टी के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार और पूर्व पार्टी प्रमुख दिलीप घोष को दी गई थी.

जहां जहां मार्च पुलिस बैरिकेड से टकराए, जमकर संघर्ष हुआ जिसमें पुलिस ने वॉटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया. जब हालात बेकाबू हुए तो पुलिस ने जगह जगह लाठीचार्ज किया. संतरागाछी, हावड़ा मैदान, महात्मा गांधी रोड और लालबाज़ार से भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के जवानों के घायल होने की खबर है.

उत्पात और संघर्ष पर प्रतिक्रिया देते हुए दिलीप घोष ने कहा कि उनके कार्यकर्ता शांतिपूर्ण मार्च निकाल रहे थे, जब पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया. भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा कि पुलिस वरिष्ठ नागरिकों पर भी बलप्रयोग कर रही है. सुवेंदू अधिकारी ने तो पश्चिम बंगाल की तुलना सीधे नॉर्थ कोरिया से कर दी. जवाब में तृणमूल के महासचिव कुणाल घोष ने तंज़ कस दिया कि भाजपा के पास क्या कोई योजना है? सुवेंदू को अगर कहीं रोक लिया गया है, तो वो वहीं धरना क्यों नहीं दे देते? 

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