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कोलकाता के एक और अस्पताल में महिला का यौन उत्पीड़न, मोबाइल पर रिकॉर्ड भी किया

Kolkata Woman Molestation: पीड़िता अस्पताल के Child Ward में अपने बीमार बच्चे के बगल में सो रही थीं. आरोप है कि अस्पताल के ही एक Ward Boy ने उनका यौन शोषण किया और मोबाइल पर रिकॉर्ड कर लिया.

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Kolkata Police
पुलिस मामले की जांंच कर रही है. (सांकेतिक तस्वीर: इंडिया टुडे)
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राजेश साहा
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16 सितंबर 2024 (अपडेटेड: 16 सितंबर 2024, 08:55 AM IST)
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पश्चिम बंगाल (West Bengal) से एक और महिला के साथ यौन उत्पीड़न की खबर आई है. कोलकाता (Kolkata) के एक अस्पताल से 26 साल के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है. कोलकाता पुलिस ने ये गिरफ्तारी यहां के बाल स्वास्थ्य संस्थान (ICH) से की है. आरोपी ICH में ही वार्ड बॉय का काम करता है. आरोप के मुताबिक, महिला अपने बीमार बच्चे का इलाज कराने अस्पताल आई थीं. वो अपने बच्चे के बगल में ही सो रही थीं. तभी आरोपी ने कथित रूप से उनका यौन शोषण किया.

'आरोपी ने वीडियो बनाया'

इंडिया टुडे से जुड़े राजेश साहा की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी का नाम तनय पाल है. उस पर आरोप लगे हैं कि वो बच्चों के वार्ड में घुसा, महिला को अनुचित तरीके से छुआ और उनके कपड़े उतार दिए. शिकायतकर्ता ने ये भी कहा है कि आरोपी ने इसे अपने मोबाइल पर रिकॉर्ड भी किया. पीड़िता अस्पताल के पहले फ्लोर पर थीं. 

ये भी पढ़ें: कोलकाता रेप मर्डर: CBI ने संदीप घोष को किया अरेस्ट, SHO भी गिरफ्तार, बहुत बड़ी बातें सामने आईं

कराया पुलिस स्टेशन में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई गई. इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसका मोबाइल भी जब्त कर लिया गया. भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74 (महिला के सम्मान को ठेस पहुंचाना), 76 (महिला पर हमला) और 77 (ताक-झांक करना) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

RG Kar Hospital मामले में क्या हुआ?

कुछ सप्ताह पहले ही कोलकाता के RG Kar Medical College में एक जूनियर डॉक्टर के रेप और मर्डर का मामला सामने आया था. इस मामले में एक नागरिक स्वयंसेवक संजय रॉय को मुख्य आरोपी बनाया गया है. इस मामले की जांच CBI को सौंपी गई है. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है. 9 सितंबर को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने जांच एजेंसी को एक ‘फ्रेस स्टेट्स रिपोर्ट’ सौंपने को कहा है. अदालत ने इस मामले को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए. CJI डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि इस मामले में FIR दर्ज करने में कम से कम 14 घंटे की देरी हुई थी. साथ ही कोर्ट ने ये भी निर्देश दिया था कि सोशल मीडिया से पीड़िता की तस्वीरों को हटाया जाए.

वीडियो: कोलकाता केस में सबूतों से छेड़छाड करने के आरोप में पूर्व प्रिंसिपल, SHO समेत 5 को CBI कर चुकी है अरेस्ट

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