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  • Kolkata Court pronounces death sentence for eight persons in connection with the murder of a college student, Sourav Chowdhury in 2014

सौरव चौधरी मर्डर केस में 8 लोगों को फांसी की सज़ा

कोलकाता का ये होनहार स्टूडेंट था. 21 साल का. सट्टे और शराब को बंद कराना चाहता था. इसी चक्कर में कत्ल हो गया.

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आशुतोष चचा
19 अप्रैल 2016 (अपडेटेड: 19 अप्रैल 2016, 10:10 AM IST)
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कोलकाता कोर्ट ने 8 लोगों को फांसी की सजा सुनाई है. 2014 में एक स्टूडेंट सौरव चौधरी का बेरहमी से मर्डर हो गया था. बमनगाछी, नॉर्थ 24 परगना में. उसी केस में. शुक्रवार को बारासात कोर्ट ने 13 में से 12 आरोपियों को मुजरिम करार दिया था.
सौरव ने शराब और सट्टे के खिलाफ चलाया था कैंपेन
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सौरव 21 साल का अच्छा भला लड़का था. उसने कैंपेन चला रखा था शराब और सट्टा के खिलाफ. 4 जुलाई 2014 की रात एक लोकल गैंग्स्टर श्यामल करमाकर ने उसे किडनैप कर लिया. फिर सौरव की डेडबॉडी रेलवे ट्रैक पर मिली. 8 हिस्सों में बुरी तरह कटा हुआ. ये दिखाने की कोशिश की गई थी कि वो एक्सीडेंट का शिकार हुआ है.
लेकिन पुलिस ने जाल बिछाया. श्यामल को धर लिया. साथ में उसकी बहन पॉली मेटी और 12 अन्य को भी. एक मेन मुजरिम है लिटन तालुकदार. वो फरार है. उत्तम शिकारी नाम का एक आरोपी सरकारी गवाह बन चुका है.
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श्यामल करमाकर

शुक्रवार को इस मामले की फाइनल सुनवाई होने वाली थी. जज दमन प्रसाद बिश्वास आए. तेरहों आरोपियों को लाइन में खड़ा किया गया. महज 6 मिनट में जज ने फैसला सुना दिया. 12 लोगों को अपराधी ठहराया. सजा का ऐलान होना बाकी था, वो भी हो गई.
सौरव की मां मीता और पिता सरोज ने लंबा वक्त टॉर्चर में गुजारा. एक तो मरे बेटे का दुख. उस पर जेल के अंदर बैठे अपराधी उनको धमकियां दे रहे थे. आखिरी फैसले के दिन वो डेथ पेनाल्टी मांग रहे थे आरोपियों के लिए. सजा सुन कर श्यामल ने चिल्लाना शुरू किया. कि उसको पुलिस ने फंसाया. लेकिन फैसला तो हो चुका था.

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