कोलकाता कोर्ट ने 8 लोगों को फांसी की सजा सुनाई है. 2014 में एक स्टूडेंट सौरवचौधरी का बेरहमी से मर्डर हो गया था. बमनगाछी, नॉर्थ 24 परगना में. उसी केस में.शुक्रवार को बारासात कोर्ट ने 13 में से 12 आरोपियों को मुजरिम करार दिया था.सौरव ने शराब और सट्टे के खिलाफ चलाया था कैंपेनसौरव 21 साल का अच्छा भला लड़का था. उसने कैंपेन चला रखा था शराब और सट्टा केखिलाफ. 4 जुलाई 2014 की रात एक लोकल गैंग्स्टर श्यामल करमाकर ने उसे किडनैप करलिया. फिर सौरव की डेडबॉडी रेलवे ट्रैक पर मिली. 8 हिस्सों में बुरी तरह कटा हुआ.ये दिखाने की कोशिश की गई थी कि वो एक्सीडेंट का शिकार हुआ है.लेकिन पुलिस ने जाल बिछाया. श्यामल को धर लिया. साथ में उसकी बहन पॉली मेटी और 12अन्य को भी. एक मेन मुजरिम है लिटन तालुकदार. वो फरार है. उत्तम शिकारी नाम का एकआरोपी सरकारी गवाह बन चुका है.श्यामल करमाकरशुक्रवार को इस मामले की फाइनल सुनवाई होने वाली थी. जज दमन प्रसाद बिश्वास आए.तेरहों आरोपियों को लाइन में खड़ा किया गया. महज 6 मिनट में जज ने फैसला सुना दिया.12 लोगों को अपराधी ठहराया. सजा का ऐलान होना बाकी था, वो भी हो गई.सौरव की मां मीता और पिता सरोज ने लंबा वक्त टॉर्चर में गुजारा. एक तो मरे बेटे कादुख. उस पर जेल के अंदर बैठे अपराधी उनको धमकियां दे रहे थे. आखिरी फैसले के दिन वोडेथ पेनाल्टी मांग रहे थे आरोपियों के लिए. सजा सुन कर श्यामल ने चिल्लाना शुरूकिया. कि उसको पुलिस ने फंसाया. लेकिन फैसला तो हो चुका था.