न सरकार, न सन्नी देओल, कोई नहीं ला पाएगा कोहिनूर!
केंद्र सरकार ने SC से कहा- कोहिनूर लूटकर नहीं ले जाया गया था. हम दावा करेंगे तो और भी हम पर दावा करेंगे.
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फोटो - thelallantop
बहुत छोटे में चलते फिरते एक गप्प कहानी कई बार सुनी थी. अंग्रेज हमारा कोहिनूर लूटकर ले गए. छोटे में साथ के लौंडे कहा करते, सन्नी देओल इंडिया का प्रधानमंत्री होता तो कोहिनूर वापस ले आता. लेकिन सन्नी का दिन कभी सनी नहीं हो पाया. हम बड़े हुए. बालपन कम हुआ. समझ बढ़ी. साल 2016 आया. कोहिनूर वापस लाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में केस हुआ. सोमवार को सुनवाई हुई तो केंद्र सरकार ने कहा:
'इंडिया कोहिनूर पर सीधा दावा नहीं कर सकता, क्योंकि ये लूटकर नहीं ले जाया गया था. 1849 में हुए सिख युद्ध के बाद दिलीप सिंह ने कोहिनूर को अंग्रेजों को सौंप दिया था, बतौर हर्जाना.'केंद्र सरकार ने कहा, 'अगर हम कोहिनूर पर दावा करेंगे तो बाकी के देश भी ऐसा दावा कर सकते हैं. हमारे यहां के म्यूजियम्स में बाहर के देशों की बहुत सारी चीजें हैं. अगर इसी तरह चलता रहा तो फिर विदेशों से भी दावा किया जा सकता है.' सुप्रीम कोर्ट ने इतना सुनते ही कहा, 'इंडिया ने कभी किसी की चीजें अपने यहां छिपा कर नहीं रखी हैं. इंडिया ने तो कभी किसी देश को अपना उपनिवेश तक नहीं बनाया है.' बहुत हुआ कोहिनूर, अब सुनो दरिया-ए-नूर की कहानी सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को 6 हफ्ते में हलफनामा दायर करने के लिए कहा है. कोर्ट ने कहा, 'सरकार उन ऑप्शंस के बारे में हमें बताए कि क्या करके कोहिनूर वापस लाया जा सकता है. हम कोहिनूर को वापस लाने की याचिका को सिर्फ इसलिए नहीं खारिज कर सकते. ताकि बाद में कभी किसी दूसरे देश ये न कहने लगें कि आपकी सुप्रीम कोर्ट ने कोहिनूर पर दावे को ही खारिज कर दिया.'
'टीपू सुल्तान की तलवार तो आ गई, लेकिन लाने वाला चला गया' सुप्रीम कोर्ट में जब कोहिनूर को लेकर सुनवाई चल रही थी, तब एक गजब वाकया हुआ. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया टीएस ठाकुर ने कहा, 'हमने सुना कि टीपू सुल्तान की तलवार हिंदुस्तान वापस आ गई है.' इस पर सोलिसिटर जनरल रणजीत कुमार ने कहा, 'जो शख्स (विजय माल्या) तलवार को हिंदुस्तान लाया था, वो अब मुल्क छोड़ कर जा चुका है.' इस पर टीएस ठाकुर बोले- तो क्या तलवार भी उसके साथ चली गई?
इस कोहिनूर को है ब्रिटेन की महारानी का इंतजार

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