जब 29 साल का लड़का बना था देश का सबसे जवान सीएम
भारत में अब तक का सबसे युवा सीएम बस सीएम नहीं था. खैर तब जमाना दूसरा था. अब लोग साठ से ऊपर के मोदी को भी युवा प्रधानमंत्री बता देते हैं.
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फारूक, शीबू सोरेन के साथ
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अरुणाचल के नए सीएम पेमा खांडू की चर्चा चारों ओर है. रीजन, वो इस वक्त भारत के किसी भी स्टेट के सबसे युवा मुख्यमंत्री हैं. इनकी उमर 37 साल है. इनसे पहले देश के किसी भी स्टेट के मौजूदा सबसे युवा मुख्यमंत्री थे, अखिलेश यादव. याद करो, सपा इस बात का बहुत भौकाल मारती थी. अखिलेश अब 43 साल के हैं.
पर पता है, ये दोनों लोग अभी देश के आज तक के सबसे युवा मुख्यमंत्री के रिकॉर्ड के आस-पास भी नहीं हैं. भारत में अब तक के सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री रहे हैं एम. ओ. फारूक मरीकर. तीन बार ये भारत के संघ शासित प्रदेश पुद्दुचेरी के मुख्यमंत्री रहे. 1967 से 1990 के बीच मरीकर तीन बार मुख्यमंत्री रहे.
फारूक मरीकर सेंटर में स्टेट मिनिस्टर बने और दो राज्यों के गवर्नर भी
1991, 1996 और 1999 में वो तीन बार लोकसभा गए. 1991-92 के दौरान वो नरसिम्हा राव सरकार में सिविल एविएशन के स्टेट मिनिस्टर भी रहे. फारूक 2010 में झारखंड के और 2011 में केरल के राज्यपाल बनाये गए.
स्वतंत्रता सेनानी भी, इंडिया के अंबेसडर भी
उन्होंने पुद्दुचेरी की स्वतंत्रता की लड़ाई में भी भाग लिया था, एक स्टूडेंट के रूप में. 1953-54 में जब पुद्दुचेरी एक फ्रेंच कॉलोनी हुआ करता था. मरीकर सेंट्रल हज कमिटी के 1975 से लेकर 2000 तक मेंबर भी रहे. 2004 में वो सऊदी अरब में भारत के अंबेसडर भी रहे.
मरे भी तो रिकॉर्ड बनाते गए
सिकंदर बख्त के बाद वो राज्यपाल रहते हुए मरने वाले दूसरे थे. बख्त भी केरल के गवर्नर थे और 2004 में उनकी मौत हो गई थी. फारूक की मौत 26 जनवरी 2012 को हुई. और इसके साथ ही उनके नाम के साथ अनजाने ही केरल का सबसे कम समय तक राज्यपाल रहने का रिकॉर्ड भी जुड़ गया. मात्र 4 महीने वो केरल के राज्यपाल रहे.

