दिल्ली से लखनऊ 5 घंटे में: देश के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे के बारे में 15 बातें
यूपी की जनता 23 महीने से जिस सौगात का इंतजार कर रही थी, सोमवार की सुबह वो उसे मिल गई.

आगरा से लखनऊ अब 3 से 3.30 घंटे में! बाई रोड!
यूपी में चुनावी तैयारियां चालू हैं और परिवार का झगड़ा कालीन के नीचे दबाकर अखिलेश यादव भी फारिग हो गए हैं.
यूपी की जनता 23 महीने से जिस सौगात का इंतजार कर रही थी, सोमवार की सुबह वो उसे मिल गई. सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव की मौजूदगी में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उन्नाव में 6 लेन वाले देश के सबसे लंबे एक्सप्रेस वे का फीता काट दिया. आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे दिसंबर तक सबके लिए खुल जाएगा.
सपा सरकार चुनाव से पहले इस एक्सप्रेसवे के नाम पर खूब वोट मांगेगी. उन्नाव के खम्बौली में हुए उद्घाटन प्रोग्राम में एयरफोर्स के फाइटर जेट्स ने भी करतब दिखाए. ये एक्सप्रेस वे यमुना एक्सप्रेस वे के जरिये दिल्ली से भी जुड़ेगा, लखनऊ से दिल्ली की दूरी भी बेहद कम हो जाएगी. यानी 5 से 6 घंटे में आप बाई रोड दिल्ली से लखनऊ पहुंच सकेंगे.
आइए आपको बताते हैं कि इस एक्सप्रेस वे की खास बातें.
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे के उद्घाटन के मौके पर अखिलेश यादव
#1
अभी तक लखनऊ से आगरा जाने में 6 घंटे का वक्त लगता है, लेकिन इस एक्सप्रेस वे की वजह से ये दूरी महज तीन से साढ़े तीन घंटे में तय की जा सकेगी. साथ ही, लखनऊ से दिल्ली जाने में अभी तक 8 से 9 घंटे लगते थे, लेकिन ये दूरी भी अब 5 से 6 घंटे में पूरी हो सकेगी.
#2
302 किलोमीटर लंबा ये एक्सप्रेस वे सिर्फ 23 महीनों में तैयार किया गया, जो देश में एक रिकॉर्ड है. इसे बनाने में 20 हजार मजदूर, 1500 स्किल्ड मजदूर, हजार इंजीनियर और तीन हजार मशीनें लगाई गई थीं. ऐसा लगता है कि चुनाव के मद्देनजर सपा सरकार इसे पूरा करने की अतिरिक्त फुर्ती में थी
#3
इस एक्सप्रेस वे पर साढ़े तीन किलोमीटर का रनवे भी बनाया गया है, ताकि इमरजेंसी में फाइटर जेट यहां से उड़ान भर सकें. सोमवार को उद्घाटन में परफॉर्मेंस से पहले फाइटर जेट्स ने शुक्रवार को रनवे पर प्रैक्टिस भी की थी. इमरजेंसी में जेट्स को एक्सप्रेस वे पर उतारने के प्लान में डिफेंस मिनिस्ट्री की भी सहमति है.
एक्सप्रेसवे पर फाइटर जेट
#4
एयर फोर्स के फाइटर जेट के लिए 3 किमी का रनवे खम्बौली से कबीरपुर के बीच बनाया गया है. इसके नजदीक की सड़क को आने वाले समय में 12 लेन का बनाया जाएगा. रनवे की खासियत ये है कि जेट कभी भी लैंडिंग या टेकऑफ करें, गाड़ियों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा. वो चलती रहेंगी.
#5
लोकार्पण के इवेंट को शूट करने के लिए यूपी सरकार ने आठ कैमरों का एक सेटअप हायर किया था, ताकि हर चीज खूबसूरती से कवर की जा सके.
#6
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे बनाने में 13 हजार करोड़ की लागत आई है. पहले इसका 15 हजार करोड़ का बजट रखा गया था, लेकिन काम 13 हजार करोड़ रुपए में ही पूरा हो गया.
एक्सप्रेसवे उद्घाटन के मौके पर मुलायम सिंह यादव
#7
ये एक्सप्रेस वे 302 किलोमीटर लंबा है और इसकी चौड़ाई 110 मीटर है. एक्सप्रेस वे लखनऊ, उन्नाव, कानपुर, हरदोई, औरैया, मैनपुरी, कन्नौज, इटावा और फिरोजाबाद को आगरा से जोड़ेगा.
#8
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे के रास्ते में गंगा और यमुना के अलावा तीन और नदियां भी पड़ेंगी, जिन्हें क्रॉस करने के लिए 13 बड़े पुल और 52 छोटे पुल बनाए गए हैं. गाड़ियों के आने-जाने में कोई परेशानी न हो, इसलिए 132 फुट के ओवरब्रिज बनाए गए हैं. गांवों और कस्बों की सुविधा के लिए 59 अंडरपास दिए गए हैं.
#9
6 लेन का एक्सप्रेसवे है पर जरूरत पड़ने पर इसे कभी भी 8 लेन तक का बनाया जा सकता है. इस पर जितने भी पुल, पुलिया, अंडरपास और दूसरे स्ट्रक्चर बनाए गए हैं, वो सभी 8 लेन के हैं. एक्सप्रेस वे पर छोटे-बड़े मिलाकर कुल 911 स्ट्रक्चर बनाए गए हैं और 4 रेलवे ओवरब्रिज भी हैं.
https://twitter.com/ANINewsUP/status/800610841670270976 #10सोमवार को इस एक्सप्रेस वे का उद्घाटन तो कर दिया गया है, लेकिन आम लोगों के लिए ये करीब एक सप्ताह बाद या दिसंबर में खोला जाएगा.
#11
ये एक्सप्रेस वे अडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट से लैस होगा, जिससे धुंध और कोहरे में भी ट्रैफिक पर कोई असर नहीं पड़ेगा. हालांकि, इसे लगाया जाना अभी बाकी है. इसके अलावा एक्सप्रेस वे के किनारे लगी साइड बैरीकेडिंग में अडवांस रिफ्लेक्टिव पेंट भी होगा, जिससे दुर्घटना की संभावना काफी हद तक कम हो जाती है.
#12
एक्सप्रेस वे के उद्घाटन में इंडियन एयर फोर्स के आठ फाइटर जेट भी शामिल हुए. चार सुखोई जेट ने बरेली से उड़ान भरी थी, जबकि चार मिराज 2000 ग्वालियर से आए थे. ऐसा पहली बार हुआ है, जब किसी एक्सप्रेस वे पर फाइटर जेट उतारे गए. ये जेट एक्सप्रेसवे को छूते हुए गुजरे.
#13
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे एक ग्रीनफील्ड प्रॉजेक्ट है. ग्रीनफील्ड प्रॉजेक्ट वो होता है, जिसमें आप एक बिल्कुल नया स्ट्रक्चर तैयार करते हैं. सरकार जब भी कोई नेशनल हाइवे बनाती है, तो जो रोड पहले से बनी होती है, उसी को बड़ा कर देती है. लेकिन ये एक्सप्रेस वे जहां बना है, वहां इससे पहले तक कुछ भी नहीं था. पगदंडी तक नहीं. लेकिन, 23 महीने में वहां एक्सप्रेस वे तैयार कर दिया गया.
https://twitter.com/ANINewsUP/status/800606591040925697 #14इस एक्सप्रेस वे के लिए यूपी एक्सप्रेस वे इंजस्ट्रियल डिवेलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA) ने किसानों से लगभग 3127 हेक्टेयर जमीन खरीदी. उपलब्धि ये है कि इसमें कोई विवाद नहीं हुआ. ग्रामीण इलाकों में जिन लोगों से जमीनें खरीदी गईं, उन्हें सर्किल रेट से चार गुना ज्यादा पैसा दिया गया और शहरी इलाकों में सर्किल रेट से दोगुनी कीमत पर जमीनें खरीदी गईं. बाकी की जमीन जमीन अधिग्रहण मैथड से खरीदी गई.
#15
इस एक्सप्रेस वे पर सर्विस रोड, ग्रीन बेल्ट, रेस्ट हाउस, पेट्रोल पंप, सर्विस सेंटर, रेस्ट्रॉन्ट और चार अग्रीकल्चरल मंडियां भी होंगी, जहां दूध, आलू, अनाज, फल और सब्जी बेचने की व्यवस्था होगी.

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