पाकिस्तान का सबसे बड़ा 'बच्चा खाऊ' है ये सीकड़ी
तहरीक-ए-तालिबान के ग्रुप कमांडर उमर मंसूर की जिंदगी की 10 बातें.
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फोटो - thelallantop
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बाचा खां यूनिवर्सिटी पर अटैक हुआ. पेशावर के आर्मी पब्लिक स्कूल में अटैक हुआ. सैकड़ों बच्चे मारे गए. गुनहगार कई. पर मास्टरमाइंड था एक. तहरीक-ए-तालिबान का ग्रुप कमांडर उमर मंसूर. जानिए कौन है ये उमर मंसूर. और क्यों इसने पाकिस्तान की नाक में दम किया हुआ है.
1. साथी आतंकी नैरे कहते हैं. पश्तो वर्ड नैरे का इंग्लिश में मतलब होता है स्लिम. यानी पतला. कद काठी से हल्का है उमर. इसलिए ये नाम दिया गया है.
2. इस्लामाबाद में रहते हुए हाई स्कूल तक पढ़ाई की. फिर मदरसे में पढ़ाई शुरू कर दी. लड़ाकू दिमाग का था. साथ पढ़ने वालों से आए दिन लड़ता रहता.
3. उमर मंसूर तीन बच्चों का बाप भी है. फिर भी नाशपीटे ने दिसंबर 2014 में पेशावर के आर्मी पब्लिक स्कूल में आतंकी हमला करवा दिया था. 132 मासूम मारे गए थे.
4. रॉयटर्स ने उमर मंसूर को चाइल्ड किलर और पाकिस्तान का मोस्ट हेटड मैन कहा. एकदम सही बात. जो बंदा पांच साल के बच्चों के सिर में गोली मरवा दे. उसके लिए इससे सटीक टाइटल नहीं हो सकता.
5. मंसूर के दोनों भाई भी तहरीक-ए-तालिबान में हैं. तालिबान उमर मंसूर को 'अमीर' नाम से पुकारता है.
6. वॉलीबॉल अच्छी खेल लेता है उमर मंसूर. तालिबान के एक कमांडर के मुताबिक, उमर मंसूर जहां कहीं भी अपना ऑफिस शिफ्ट करता है. वॉलीबॉल नेट जरूर साथ रखता है.
7. उमर मंसूर कराची में मजदूरी करता था. 2007 में जब तालिबान बना, जब शुरुआती दिनों में ही उमर मंसूर ने तालिबान जॉइन कर लिया था. बताते हैं कि उमर मंसूर इत्ता क्रूर है कि बाकी कमांडर्स के मुकाबले काफी तेजी से आतंकी संगठन में आगे बढ़ा.
8. 2014 में आर्मी पब्लिक स्कूल पर अटैक हुआ. पाकिस्तानी सेना ने आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन शुरू कर दिया. तब उमर मंसूर भागकर अफगानिस्तान चला गया. वहीं से सारे कांड कर रहा है.
9. मलाला यूसुफजई पर हमले के पीछे तालिबान आतंकी मुल्ला फजुल्लाह का हाथ था. बताते हैं कि फजुल्लाह और मंसूर उमर के बीच गहरी दोस्ती है. दोनों एक दूजे के राजदार हैं.
10. मंसूर उमर की पेशावर और दारा अदम में तगड़ी पैठ है. 20 जनवरी को बाचा खां यूनिवर्सिटी का इलाका चारसड्डा में भी मंसूर उमर की अच्छई पकड़ है.

