पुडुचेरी में एक हादसा हो गया है. पहले वाकया हुआ, फिर हादसा.वाकये से पहले एक पहल हुई थी. पुडुचेरी की एलजी किरण बेदी ने प्रशासन को सही करनेके लिए एक व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया. नाम रखा प्रॉस्पेरस रूरल पुडुचेरी. किरण बेदी तोकिरण बेदी हैं. एक्टिव रहती हैं. इस पर लगातार संदेश देती रहती हैं.तो वाकया हुआ कि जॉइंट सेक्रेटरी रैंक के एक अफसर ने इस ग्रुप में पॉर्न भेज दिया.एक लेडी अफसर ने शिकायत दर्ज की. अब किरण बेदी की नजर में आया तो अफसर को राजभवनबुलाया गया. अब अफसर के साथ हादसा हुआ. उनको सस्पेंड कर दिया गया. पुलिस ने उनसे 16घंटे पूछताछ की. सारे पीसीएस अफसर चीफ सेक्रेटरी के पास गये. एक कैबिनेट मिनिस्टरने दखल दिया, तो उनको छोड़ा गया. कहा जा रहा है कि एफआईआर नहीं हुई है. व्हाट्सऐपग्रुप के जरिये किरण बेदी पहले भी अफसरों को लताड़ चुकी हैं. एक बार सड़क परकुत्तों को लेकर बहुत डांटा था. कहा कि सब गंदा कर देते हैं. स्वच्छ अभियान पर बहुतसीरियस थीं. पर अफसर उनके मन-मुताबिक सहयोग नहीं कर रहे थे. पर अभी इस बात पर राज्यके मुख्यमंत्री और एलजी में ठन गई है. किरण बेदी पहले भाजपा की मुख्यमंत्रीकैंडिडेट थीं दिल्ली में. बाद में उनको पुडुचेरी का एलजी बना दिया गया. पर वहां परमुख्यमंत्री वी नारायणसामी हैं. कांग्रेस के. दोनों में खूब ठनती रहती है. एकदमदिल्ली की तर्ज पर. जैसे मुख्यमंत्री केजरीवाल और नजीब जंग के बीच होता था.पुडुचेरी भी दिल्ली की तरह केंद्रशासित प्रदेश है. अधिकारों को लेकर यहां केमुख्यमंत्री भी दुखी रहते हैं.वी नारायणसामीअब पुलिस के सामने समस्या हो गई है. एफआईआर करें या ना करें. किरण बेदी की बातमानें या नारायणसामी की. यहां दिल्ली से एक चीज अलग है. पुलिस मुख्यमंत्री के हाथमें है. पर ए़डमिनिस्ट्रेटर एलजी हैं. तो दोनों के आदेश एक साथ आते हैं. पहले भीदोनों कई बातों पर ठन चुके हैं. पर पब्लिक में यही कहते हैं कि ऐसा कुछ नहीं हुआहै. हम लोग मिल के काम करते हैं. नारायणसामी के एक मंत्रीका कहना है कि किरण बेदीको वापस केंद्र में बुला लिया जाये. कहां ऐसा होता है कि व्हाट्सऐप ग्रुप पर अफसरोंको हिदायत दी जाए. एलजी अपने मन से कुछ भी कर रही हैं.अफसर ने माफी मांग ली है. कह रहे हैं कि मैसेज डिलीट कर रहा था. गलती से चला गया.कोई इरादा नहीं था भेजने का. इस ग्रुप में क्यों भेजूंगा. ये कोऑपरेटिव सोसाइटीज केरजिस्ट्रार हैं. जॉइंट सेक्रेटरी रैंक के.अब अफसर के अलावा कोई नहीं बता सकता कि गलती से मैसेज गया या जान-बूझ के भेजा गया.पर गया तो है. पॉर्न का प्रशासन से क्या ताल्लुक है. अफसर को समझना चाहिए. वो भीपब्लिक में बांट रहे हैं. केस तो उन पे कई लद जाएंगे. औरतों को पॉर्न दिखाने कामॉलेस्टेशन वाला केस चलेगा. डिसिप्लिनरी ऐक्शन अलग होगा. पॉर्न बांटने का अलग केसहोगा. फिर फोन की जांच हो जाए तो कहीं और ना फंस जाएं. कुल मिलाकर समस्या गंभीर है.पब्लिक में तो वैसे ही सावधान रहना चाहिए अफसरों को. इमेज की बात होती है. पूरीअफसरशाही ही इमेज पर चलती है.(आउटलुक से)--------------------------------------------------------------------------------टीपू सुल्तान के बहाने पॉर्न स्टार देख रहे थे कांग्रेस के मंत्रीपॉर्न स्टार्स के 'गंधैले' फैन्स की अनसुनी कहानियांरेप करने के पहले वो औरत को पॉर्न क्यों दिखाते हैं?पॉर्न फिल्मों के वो 8 सीन जो आपको नहीं दिखाए जाते हैं