क्या इस तानाशाह की सनक पूरी दुनिया को एक लड़ाई में झोंकने वाली है?
भारत के परमाणु बम से पांच गुना ताकतवर है कोरिया का हाइड्रोजन बम.
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फोटो - thelallantop
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ये फोटो उत्तरी कोरिया की है. इडली के सांचे जैसी जो चीज दिख रही है वो हाइड्रोजन बम है. उसके आस-पास जो लोग दिख रहे हैं, वो वैज्ञानिक हैं और उनके साथ खड़ा है दुनिया का सबसे बड़ा तानाशाह किम जोंग उन. उन उत्तरी कोरिया के राष्ट्रपति हैं. इस फोटो को पोस्ट करके किम जोंग उन ने दावा किया है कि उत्तरी कोरिया ने हाइड्रोजन बम का सफल परीक्षण कर लिया है. इसके बाद दक्षिणी कोरिया और जापान को जहां सीधे संकट में ला दिया है. वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ट्वीट करके आपत्ति जताई है और कहा है कि हम देख लेंगे. दक्षिणी कोरिया ने तो अगले ही दिन मिसाइल लॉन्च करके उत्तरी कोरिया को चेतावनी भी दे दी है. इससे दुनिया में एक बार फिर लड़ाई छिड़ने के आसार नजर आने लगे हैं.

मिसाइलों के जखीरे के साथ उत्तरी कोरिया के राष्ट्रपति किम जोंग (फोटो : Reuters)
आधिकारिक बयानों की मानें तो ये हाइड्रोजन बम इतना खतरनाक है कि अगर इसे किसी शहर पर गिरा दिया जाए, तो हजारों लोग मारे जाएंगे और उस शहर का नक्शा बिगड़ जाएगा. हाइड्रोजन बम किसी भी दूसरे न्यूक्लियर बमों की तुलना में ज्यादा खतरनाक होता है. अगर 100 किलो टन के एक बम को ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर पर गिरा दिया जाए, तो कम से कम 65,000 लोग मारे जाएंगे और 1,20,000 से ज्यादा लोग घायल हो जाएंगे.
भारत ने 1998 में पोखरण में परमाणु परीक्षण किया था. (फोटो: PTI)
सितंबर 2016 में भी उत्तर कोरिया ने परमाणु परीक्षण किया था, जिसमें 10 किलो टन ऊर्जा पैदा हुई थी. 1945 में अमेरिका ने हिरोशिमा पर जो बम गिराया था, उसमें 12-18 किलोटन ऊर्जा निकली थी. नागासाकी पर गिराए गए बम से 18-23 किलो टन ऊर्जा निकली थी. भारत ने जब 1998 में परमाणु परीक्षण किया था तब 40 किलो टन ऊर्जा पैदा हुई थी. वैज्ञानिकों की मानें तो उत्तरी कोरिया ने 3 सितंबर को जो परीक्षण किया है, वो पिछले बम की तुलना में 10 गुना ज्यादा ताकतवर है. यानि इस बार जिस बम का परीक्षण किया गया है, उससे 100 किलोटन ऊर्जा निकली है.
हाइड्रोजन बम में परमाणु के विखंडन से उर्जा निकलती है. (सांकेतिक फोटो)
जब न्यूक्लियर का विखंडन होता है तो बड़ी मात्रा में ऊर्जा निकलती है. एटम बम इसी आधार पर काम करता है. हाइड्रोजन बम भी इसी आधार पर काम करता है, लेकिन उससे ऊर्जा ज्यादा निकलती है, क्योंकि उसमें विखंडन यानी उसके टुकड़े ज्यादा होते हैं.
उत्तरी कोरिया ने परीक्षण की जानकारी सरकारी टीवी चैनल पर जारी की. (फोटो: Reuters)
उत्तर कोरिया के आधिकारिक सरकारी कोरियाई सेंट्रल टेलिविजन ने 3 सितंबर को घोषणा की कि हाइड्रोजन बम धमाका पूरी तरह से सफल था. ये बम उत्तर कोरिया की लंबी दूरी के मिसाइलों से भी दागा जा सकता है. दुनिया का सबसे ताकतवर देश अमेरिका भी इस हाइड्रोजन बम की तस्दीक कर रहा है. अमेरिका के मुताबिक जब उत्तरी कोरिया ने इस बम का परीक्षण किया तो परीक्षण स्थल पुनग्ये री के पास स्थित किलजू काउंटी में रिक्टर स्केल पर 6.1 तीव्रता वाला भूकंप महसूस किया गया. इसके झटके जर्मनी तक महसूस किए गए. जापान के विदेश मंत्री तारो कोनो ने भी हाइड्रोजन बम के सफल परीक्षण और इससे होने वाले धमाके की पुष्टि की है.
उत्तरी कोरिया के मिसाइलों का जखीरा (फोटो: Reuters)
उत्तरी कोरिया अब तक छह परमाणु परीक्षण कर चुका है. उत्तरी कोरिया के दावों के मुताबिक 2006, 2009, 2013 में एक-एक और 2016 में दो बमों का सफल परीक्षण हुआ है. 3 सितंबर को हुआ हाइड्रोजन परीक्षण इसका छठा परमाणु परीक्षण है.
दक्षिणी कोरिया ने उत्तरी कोरिया के हाइड्रोजन बम के जवाब में मिसाइल परीक्षण किया. (फोटो: The Guardian)
उत्तरी कोरिया के हाइड्रोजन बम के परीक्षण के जवाब में दक्षिण कोरिया की सेना ने 4 सितंबर को लाइव फायर एक्ससाइज की. इसमें सतह से सतह पर मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों और एफ K-15 लड़ाकू विमानों को भी शामिल किया गया था. वहीं अमेरिका ने कहा कि अब उत्तरी कोरिया पर लगाम कसने की तैयारी की जा रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने उत्तरी कोरिया के इस परमाणु परीक्षण पर कई ट्वीट किए हैं. ट्रम्प ने कहा है कि वो अमेरिकी सेना के अधिकारियों से व्हाइट हाउस में मुलाकात करेंगे. इसके अलावा वो उन देशों से भी व्यापारिक संबंध खत्म करने जा रहे हैं, जिनका उत्तरी कोरिया से संबंध हैं.

उत्तरी कोरिया के राष्ट्रपति किम जोंग उन (फोटो: Mirror)
किम जोंग उन के परमाणु परीक्षणों और बैलिस्टिक मिसाइलों के परीक्षणों पर अमेरिका के साथ ही जापान और दक्षिणी कोरिया सवाल उठाते रहे हैं. अगस्त 2017 में जब उत्तरी कोरिया ने जापान पर तीन मिसाइलें दागी थीं, तो जापान ने कहा था कि इनसे कोई खतरा नहीं है. सच में ऐसा ही हुआ भी था और कोरिया की तीनों ही मिसाइलें समुद्र में जा गिरी थीं. इसके पहले भी जब अप्रैल में उत्तरी कोरिया ने एक मिसाइल का परीक्षण करने का दावा किया था. अमेरिका की पैसेफिक कमांड के अधिकारियों ने इस दावे को खारिज कर दिया था.
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तानाशाह किम जोंग के कैदी धरती पर नरक भोग रहे हैं
क्या कर सकता है ये बम

मिसाइलों के जखीरे के साथ उत्तरी कोरिया के राष्ट्रपति किम जोंग (फोटो : Reuters)
आधिकारिक बयानों की मानें तो ये हाइड्रोजन बम इतना खतरनाक है कि अगर इसे किसी शहर पर गिरा दिया जाए, तो हजारों लोग मारे जाएंगे और उस शहर का नक्शा बिगड़ जाएगा. हाइड्रोजन बम किसी भी दूसरे न्यूक्लियर बमों की तुलना में ज्यादा खतरनाक होता है. अगर 100 किलो टन के एक बम को ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर पर गिरा दिया जाए, तो कम से कम 65,000 लोग मारे जाएंगे और 1,20,000 से ज्यादा लोग घायल हो जाएंगे.
भारत के बम से खतरनाक है

भारत ने 1998 में पोखरण में परमाणु परीक्षण किया था. (फोटो: PTI)
सितंबर 2016 में भी उत्तर कोरिया ने परमाणु परीक्षण किया था, जिसमें 10 किलो टन ऊर्जा पैदा हुई थी. 1945 में अमेरिका ने हिरोशिमा पर जो बम गिराया था, उसमें 12-18 किलोटन ऊर्जा निकली थी. नागासाकी पर गिराए गए बम से 18-23 किलो टन ऊर्जा निकली थी. भारत ने जब 1998 में परमाणु परीक्षण किया था तब 40 किलो टन ऊर्जा पैदा हुई थी. वैज्ञानिकों की मानें तो उत्तरी कोरिया ने 3 सितंबर को जो परीक्षण किया है, वो पिछले बम की तुलना में 10 गुना ज्यादा ताकतवर है. यानि इस बार जिस बम का परीक्षण किया गया है, उससे 100 किलोटन ऊर्जा निकली है.
कैसे काम करता है बम

हाइड्रोजन बम में परमाणु के विखंडन से उर्जा निकलती है. (सांकेतिक फोटो)
जब न्यूक्लियर का विखंडन होता है तो बड़ी मात्रा में ऊर्जा निकलती है. एटम बम इसी आधार पर काम करता है. हाइड्रोजन बम भी इसी आधार पर काम करता है, लेकिन उससे ऊर्जा ज्यादा निकलती है, क्योंकि उसमें विखंडन यानी उसके टुकड़े ज्यादा होते हैं.
सरकारी टीवी से जारी किया बयान

उत्तरी कोरिया ने परीक्षण की जानकारी सरकारी टीवी चैनल पर जारी की. (फोटो: Reuters)
उत्तर कोरिया के आधिकारिक सरकारी कोरियाई सेंट्रल टेलिविजन ने 3 सितंबर को घोषणा की कि हाइड्रोजन बम धमाका पूरी तरह से सफल था. ये बम उत्तर कोरिया की लंबी दूरी के मिसाइलों से भी दागा जा सकता है. दुनिया का सबसे ताकतवर देश अमेरिका भी इस हाइड्रोजन बम की तस्दीक कर रहा है. अमेरिका के मुताबिक जब उत्तरी कोरिया ने इस बम का परीक्षण किया तो परीक्षण स्थल पुनग्ये री के पास स्थित किलजू काउंटी में रिक्टर स्केल पर 6.1 तीव्रता वाला भूकंप महसूस किया गया. इसके झटके जर्मनी तक महसूस किए गए. जापान के विदेश मंत्री तारो कोनो ने भी हाइड्रोजन बम के सफल परीक्षण और इससे होने वाले धमाके की पुष्टि की है.
अब तक छह परमाणु परीक्षण कर चुका है उत्तरी कोरिया

उत्तरी कोरिया के मिसाइलों का जखीरा (फोटो: Reuters)
उत्तरी कोरिया अब तक छह परमाणु परीक्षण कर चुका है. उत्तरी कोरिया के दावों के मुताबिक 2006, 2009, 2013 में एक-एक और 2016 में दो बमों का सफल परीक्षण हुआ है. 3 सितंबर को हुआ हाइड्रोजन परीक्षण इसका छठा परमाणु परीक्षण है.
आगे क्या हो सकता है

दक्षिणी कोरिया ने उत्तरी कोरिया के हाइड्रोजन बम के जवाब में मिसाइल परीक्षण किया. (फोटो: The Guardian)
उत्तरी कोरिया के हाइड्रोजन बम के परीक्षण के जवाब में दक्षिण कोरिया की सेना ने 4 सितंबर को लाइव फायर एक्ससाइज की. इसमें सतह से सतह पर मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों और एफ K-15 लड़ाकू विमानों को भी शामिल किया गया था. वहीं अमेरिका ने कहा कि अब उत्तरी कोरिया पर लगाम कसने की तैयारी की जा रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने उत्तरी कोरिया के इस परमाणु परीक्षण पर कई ट्वीट किए हैं. ट्रम्प ने कहा है कि वो अमेरिकी सेना के अधिकारियों से व्हाइट हाउस में मुलाकात करेंगे. इसके अलावा वो उन देशों से भी व्यापारिक संबंध खत्म करने जा रहे हैं, जिनका उत्तरी कोरिया से संबंध हैं.
The United States is considering, in addition to other options, stopping all trade with any country doing business with North Korea.
— Donald J. Trump (@realDonaldTrump) September 3, 2017
I will be meeting General Kelly, General Mattis and other military leaders at the White House to discuss North Korea. Thank you. — Donald J. Trump (@realDonaldTrump) September 3, 2017
दक्षिणी कोरिया के रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी चांग क्यांग सू ने बताया,North Korea has conducted a major Nuclear Test. Their words and actions continue to be very hostile and dangerous to the United States.....
— Donald J. Trump (@realDonaldTrump) September 3, 2017
"हम लोगों ने हमेशा से ये देखा है कि उत्तरी कोरिया के बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च करने की संभावनाएं हैं. हमने ये भी कहा था कि उत्तरी कोरिया एक अंतरद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च कर सकता है."
पहले भी खारिज होते रहे हैं किम जोंग उन के दावे

उत्तरी कोरिया के राष्ट्रपति किम जोंग उन (फोटो: Mirror)
किम जोंग उन के परमाणु परीक्षणों और बैलिस्टिक मिसाइलों के परीक्षणों पर अमेरिका के साथ ही जापान और दक्षिणी कोरिया सवाल उठाते रहे हैं. अगस्त 2017 में जब उत्तरी कोरिया ने जापान पर तीन मिसाइलें दागी थीं, तो जापान ने कहा था कि इनसे कोई खतरा नहीं है. सच में ऐसा ही हुआ भी था और कोरिया की तीनों ही मिसाइलें समुद्र में जा गिरी थीं. इसके पहले भी जब अप्रैल में उत्तरी कोरिया ने एक मिसाइल का परीक्षण करने का दावा किया था. अमेरिका की पैसेफिक कमांड के अधिकारियों ने इस दावे को खारिज कर दिया था.
ये भी पढ़ें:
नॉर्थ कोरिया शुरू कर रहा है अमेरिका से जंग!
अगर भावनाओं पर काबू नहीं रहा तो ये जहाज बड़ी लड़ाई करवाएगा
जिस दिन दुनिया अनाज के लिए तरसेगी, सबको यहां जाना पड़ेगा
क्या न्यूक्लियर युद्ध में सब मारे जाएंगे? पढ़िए एटम बम से जुड़े दस बड़े झूठ
तानाशाह किम जोंग के कैदी धरती पर नरक भोग रहे हैं
