7 जुलाई 2016 (अपडेटेड: 7 जुलाई 2016, 07:34 AM IST)
फोटो - thelallantop
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आपने सत्यमेव जयते सुना होगा. या ये सुना होगा कि ऊपर वाले के घर देर है, अंधेर नहीं. ये खबर पढने के बाद आप दोनों बातें कहना भूल जाएंगे.
सच की जीत होती है. भैरों साह को भी ऐसा ही लगता था. लेकिन जब उसको सच बोलने की सजा मिली तो ये बात उसकी खोपड़िया में समा गया कि झूठ का बोल बाला और सच्चे का मुंह काला होता है. बात बिहार के समस्तीपुर की है. बंबैया हरलाल गांव. पिछले हफ्ते खाप पंचायत ने गांव के रहने वाले भैरों को उसी का थूक चाटने की सजा दी. जानते हो क्यों? क्योंकि भैरों ने दो साल पहले सच बोलकर एक लड़की की जिंदगी बर्बाद होने से बचाई थी.
थोड़ा रिवांइंड कर चलते हैं. दो साल पहले के बंबैया हरलाल गांव में. गांव में किसी ने हल्ला मचा रखा था कि गांव में रहने वाले मुरारी झा को सरकारी नौकरी मिल गई है. गांवों में तो होता ही है. किसी की नौकरी हो गई तो बात आग की तरह फैल जाती है. ऐसा ही हुआ. मुरारी की नौकरी वाली बात पड़ोस के गांव दशरथपुर जा पहुंची.
दशरथपुर वालों के मन में लगा लड्डू फूटने. अपनी बेटियों के रिश्ते ले कर टपकने लगे हरलाल गांव. एक बाप अपनी बेटी का रिश्ता ले कर आया. वो होता है न शादी-बियाह के पहले लड़कीवाले सीबीआई की तरह लड़के के बारे में जांच-पड़ताल करते हैं. वो भी बेचारे ऐसा ही कर रहे थे. तभी उनकी भेंट भैरों साह से हुई. उनने मुरारी के बारे में पूछ लिया. और उसकी नौकरी के बारे में भी. भैरों को पहले से पता था कि मुरारी की कोई सरकारी नौकरी नहीं लगी है. उसने लड़की के पापा को सारा सच बता दिया. भैरों की बात सुनकर लड़की के पप्पा ने रिश्ते से मुंह फेर लिया.
कुछ महीनों बाद मुरारी को सरकारी नौकरी लग गई. जैसे ही नौकरी हुई, बियाह भी हो गया. सबकुछ नॉर्मल चल रहा था. कि पिछले हफ्ते उस आदमी का हरलाल गांव आना हुआ जो दो साल पहले अपनी बेटी की शादी मुरारी से करने वाला था. वो गांव के मुखिया बउआजी झा से मिला. और लगा बखान ने दो साल पहले का वाकया.
लड़की के पापा की बात सुनकर मुखिया को बहुत अजीब लगा. खून खौल गया कि कोई गांव वाला अपनों के साथ ऐसा कैसे कर सकता है. अगले ही दिन पंचायत लगाया. वो भी भैरों के घर पर ही. उसमें मुखिया ने भैरों को झोला भर के खरी-खोटी सुनाया. और सजा के तौर पर उसे खुद का थूक चाटने को कहा. भैरों ने ये किया भी. किसी ने वीडियो बना लिया. वायरल हो गया.
इसके बाद ये मामला पहुंचा पुलिस के पास. पुलिस ने गांव के मुखिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया है. और उसके खिलाफ अरेस्ट वारेंट भी जारी कर दिया है. भैरों ने पुलिस को बताया कि पहले पंचायत ने उसे 25 हजार रुपये देने को कहा. जब उसने कहा कि वो पैसे नहीं दे सकता तो पंचायत ने उसे 50 बेंत मारने को कहा. भैरों हाथ-पैर जोड़ने लगा. तब पंचायत ने उसे थूक कर चाटने को कहा.