The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Kerala College Namaz Controversy Nirmala College in Muvattupuzha BJP SFI

कॉलेज में नहीं मिला नमाज के लिए कमरा तो लड़कियों ने काट दिया हंगामा, बवाल थामे नहीं थम रहा!

Namaz Controversy: Kerala के Nirmala College में छात्राओं को नमाज अदा करने के लिए कमरा आवंटित नहीं किया गया. छात्राओं ने प्रिसिंपल का घेराव किया. विरोध प्रदर्शन भी किया. इस मामले पर BJP और SFI की प्रतिक्रिया आई है.

Advertisement
Kerala Namaz Controversy
कॉलेज प्रशासन ने कमरा अलॉट करने से इनकार कर दिया है. (सांकेति तस्वीर: इंडिया टुडे)
pic
रवि सुमन
29 जुलाई 2024 (पब्लिश्ड: 12:26 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

केरल (Kerala) के एर्नाकुलम जिले में स्थित निर्मला कॉलेज (Nirmala College) को कैथोलिक चर्च संचालित करता है. इस कॉलेज में मुस्लिम समुदाय की कुछ छात्राओं ने नमाज अदा करने के लिए एक कमरा आवंटित करने की मांग की थी. लेकिन कॉलेज प्रशासन ने इससे इनकार कर दिया. इसके बाद विवाद हो गया. BJP ने इस मांग के लिए छात्राओं को ‘चरमपंथी’ तक कह दिया.

न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, मामला 26 जुलाई को शुरू हुआ. जब कमरा ना मिलने पर छात्राओं ने कॉलेज के प्रिंसिपल फादर कन्नडन फ्रांसिस का घेराव किया. उन्होंने विरोध प्रदर्शन भी किया. छात्राओं ने आरोप लगाया कि एक नॉन-टीचिंग स्टाफ ने उन्हें कॉलेज के एक कमरे में नमाज अदा करने से रोका. कथित रूप से ऐसा कई दिनों तक किया गया.

भाजपा ने ‘चरमपंथी’ बताया

भाजपा ने इस घटना की आलोचना की. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग हिंदू और ईसाई समुदायों द्वारा संचालित शैक्षणिक संस्थानों में समस्या पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. भाजपा के राज्य प्रमुख के सुरेंद्रन ने आरोप लगाया,

Embed

ये भी पढ़ें: नमाज विवाद के बाद अब गुजरात यूनिवर्सिटी ने 7 अफगानी छात्रों को हॉस्टल छोड़ने को कहा, वजह भी बताई

भाजपा ने एक बयान में कहा,

Embed

इस बीच, सत्तारूढ़ CPM के छात्र संगठन स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने कहा है कि संघ परिवार के संगठन इस विरोध प्रदर्शन के लिए उन्हें दोषी ठहराने की कोशिश कर रहे हैं. SFI ने अपने एक बयान में कहा, 

Embed

SFI के राज्य सचिव पी एम अर्शो ने कहा है कि संगठन किसी भी विरोध प्रदर्शन का हिस्सा नहीं था.

सिरो-मालाबार चर्च से जुड़ी कैथोलिक कांग्रेस ने भी इस विरोध प्रदर्शन की निंदा की है. और उन्होंने कहा है कि ऐसी विभाजनकारी ताकतों को खत्म किया जाना चाहिए. संगठन ने 28 जुलाई को एक बयान जारी किया. कहा कि शैक्षणिक संस्थान छात्रों को शुक्रवार को पास की मस्जिद में नमाज अदा करने की अनुमति दे सकता है. लेकिन कॉलेज परिसर में महिलाओं के लिए जगह की मांग सिर्फ इसलिए स्वीकार नहीं की जा सकती क्योंकि मस्जिद में महिलाओं को अंदर जाने की अनुमति नहीं है. 

वीडियो: जुमे की नमाज़ पढ़ने गए वकील को बदला था, हाई कोर्ट ने स्पेशल जज को ही फटकार दिया

Advertisement

Advertisement

()