ओ मन, ये सोलर स्कैम नहीं आसां बस इत्ता समझ लीजै....
केरल का ये सौलम स्कैम आखिर है क्या. और CM ओमन चांडी इत्ता परेशान क्यों घूम रहे हैं?
Advertisement

फोटो - thelallantop
Quick AI Highlights
Click here to view more
सोलर स्कैम में केरल के सीएम ओमन चांडी फंसे हुए हैं. चांडी ने शुक्रवार को एफआईआर खारिज करने को लेकर केरल हाईकोर्ट में अपील की. चांडी ने कहा, 'मुझ पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं. इनका कोई आधार नहीं है.' हाईकोर्ट ने भी चांडी को दो महीने के लिए राहत दे दी.
https://twitter.com/PTI_News/status/693006101235830785
https://twitter.com/PTI_News/status/693006104620617728
https://twitter.com/ANI_news/status/692960756070010880
क्या है ये सोलर स्कैम?
1. 2013 में टीम सोलर एनर्जी कंपनी ने केरल सरकार में अपनी पैठ बनाई. आरोप है कि कंपनी ने सरकारी मदद लेने के लिए सीएम ऑफिस में गोटियां सेट की. और करीब 7 करोड़ रुपये की रिश्वत दी. ये रिश्वत केरल में सोलर प्लांट का ठेका लेने के लिए दी गई थी.
2. टीम सोलर कंपनी के दो डायरेक्टर थे, बीजू राधाकृष्णन और सरिता एस नायर. दोनों पर आरोप है कि इन्होंने लोगों को बिजनेस पार्टनर बनाने के नाम पर खूब पैसे वसूले. पर कंपनी सोलर एनर्जी वाला माल सप्लाई नहीं कर पाए. कंपनी फर्जी जो ठहरी.
3. सरिता नायर ने कहा, 'सोलर पावर प्रोजेक्ट में हेल्प पाने के लिए चांडी को 1.90 करोड़ रुपये की रिश्वत दी थी.' बिजली मंत्री आर्यदन मोहम्मद को भी 40 लाख रुपये की रिश्वत दिए जाने का आरोप है.
4. बता दें राधाकृष्णन पर अपनी ही पत्नी के मर्डर का आरोप है. साथ ही उसपर धोखाधड़ी के करीब 58 मामले दर्ज हैं.
CM ओमन चांडी के बारे में बताओ?
1. ओमन चांडी केरल के चौथी बार सीएम 2011 में बने. 1967 में केरल स्टूडेंट्स यूनियन से राजनीतिक करियर की शुरुआत की. 1970 में स्टेट यूथ कांग्रेस के प्रेसिडेंट बने. चांडी केरल के 21वें सीएम हैं.
2. 2004 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस का केरल में खाता नहीं खुल पाया था. जिसके चलते राज्य के तत्कालीन सीएम एके एंटनी को इस्तीफा देना पड़ा. एंटनी के इस्तीफे के बाद केरल के सीएम बने ओमन चांडी.
3. 2006 के विधानसभा इलेक्शन में गठबंधन पार्टियों के साथ कांग्रेस का स्कोर सिर्फ 40 सीट का रहा. कांग्रेस हारी और सीपीआई(एम) की सरकार बनी.
4. इसे इत्तेफाक ही समझिए कि करप्शन के आरोप में फंसे चांडी की सरकार को एक अवॉर्ड मिल चुका है, यूनाइटेड नेशन्स पब्लिक सर्विस अवॉर्ड. पब्लिक सर्विस में करप्शन रोकने के लिए. साल था 2013. वही साल, जब सोलर स्कैम के बारे में लोगों को पता चला.

