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'केदारनाथ मंदिर में सोने की जगह पीतल...', क्या सच में 125 करोड़ का घोटाला हुआ?

केदारनाथ मंदिर के एक वरिष्ठ पुजारी ने यहां 125 करोड़ रुपए का घोटाला होने का आरोप लगाया है. मंदिर के गर्भगृह में सोने की दीवारों पर ये विवाद हुआ. एक दानदाता ने सोने की दीवारों के लिए दान दिया था. पुजारी का आरोप है कि पीतल की दीवार बना कर उस पर सोने की परत चढ़ा दी गई. क्या है ये पूरा विवाद?

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Kedar Nath Temple Gold Scam of 125 Crore.
केदारनाथ में सोने के नाम पर घोटाला. (फोटो क्रेडिट - इंडिया टुडे)
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प्रज्ञा
19 जून 2023 (अपडेटेड: 19 जून 2023, 12:29 PM IST)
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केदारनाथ मंदिर के वरिष्ठ पुजारी संतोष त्रिवेदी ने इस घोटाले के आरोप लगाए हैं. इसको लेकर विवाद खड़ा हो गया है. इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पुजारी ने कहा कि मंदिर का सोना पीतल में बदल गया है. उन्होंने श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) और अधिकारियों पर 125 करोड़ रुपए का घोटाला करने का इल्जाम लगाया है. दूसरी तरफ BKTC ने इन आरोपों को निराधार बताया है. उन्होंने कहा कि, ये मंदिर प्रबंधन को बदनाम करने की साजिश है. इसमें शामिल लोगों के खिलाफ हम कानूनी कार्रवाई करेंगे.

BKTC ने कहा, केदारनाथ की छवि खराब करने की साजिश 

संतोष त्रिवेदी चारधाम महापंचायत के उपाध्यक्ष हैं. उन्होंने एक वीडियो जारी कर ये जानकारी दी. पिछले साल, मंदिर में चांदी की परत हटाकर सोने की दीवारें बनाने का काम हुआ था. ये सोना मुंबई के एक व्यापारी ने दान में दिया था. पुजारी के इस आरोप पर BKTC ने भी अपना बयान जारी किया है. समिति ने कहा कि,

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नियम के तहत दिया गया दान - BKTC 

मंदिर समिति ने बताया कि दान देने वाले व्यापारी को नियम के तहत ही अनुमति दी गई थी. बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति अधिनियम, 1939 में इस तरह के दान देने की छूट है. दानदाता ने 230 किलोग्राम सोना दान किया है. केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह की दीवारों पर सोना चढ़ाने की उसकी लंबे समय से इच्छा थी. इस फैसले को राज्य सरकार ने भी माना था. भारत पुरातत्व सर्वेक्षण की देखरेख में ही सोने की परत चढ़ाने का काम किया गया है. समिति ने आगे बताया कि,

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मंदिर समिति ने ये भी बताया कि दानदाता ने उनके सामने कोई शर्त नहीं रखी थी. उसने अपना नाम भी उजागर करने से मना किया है. न ही उसने इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80जी के तहत सर्टिफिकेट मांगा. अब दोनों ही पक्ष इस मामले में खुद को सही और सामने वाले को साजिश करने वाला बता रहे हैं. ऐसे में किसका दावा सही, ये कहना मुश्किल है. केदारनाथ मंदिर को लेकर लगे इन आरोपों पर सरकार अब क्या करती है, ये देखने वाला होगा. 

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