UP में सूफी-कथक डांसर की परफॉर्मेंस बीच में रोकी, वजह पूछने पर अधिकारी बोले- यहां कव्वाली नहीं चलेगी
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा- निंदनीय.
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मंजरी चतुर्वेदी के दावे से अलग यूपी सरकार ने अपनी बात रखी है और कहा है कि ये धार्मिक मुद्दा नहीं है. फोटो: फेसबुक
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लखनऊ घराने की सूफी-कथक डांसर मंजरी चतुर्वेदी ने आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारियों ने उनकी परफॉर्मेंस रोक दी. वो 'कव्वाली' पर परफॉर्म करने वाली थीं. उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने ये कहकर कार्यक्रम बंद करने को कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ को कार्यक्रम में आना है. अब समय नहीं है.
मंजरी ने कहा,

मंजरी चतुर्वेदी ने लखनऊ मीडिया पर मामले पर ध्यान ना देने का आरोप लगाया. फोटो: फेसबुक.
अखिलेश यादव ने कहा- निंदनीय
वहीं, सपा अध्यक्ष और पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा,
यूपी सरकार ने कहा- कार्यक्रम लेट चल रहा था
इस मामले में यूपी सरकार के अधिकारियों ने कहा कि मंजरी चतुर्वेदी के दो परफॉर्मेंस हो गए थे और तीसरा होने ही वाला था. लेकिन कार्यक्रम काफी लेट चल रहा था और अगला कार्यक्रम ब्रज डांस का था. आयोजकों का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आने से पहले हम सभी को मौका देना चाहते थे. क्योंकि मुख्यमंत्री के आने के बाद सीधे डिनर का कार्यक्रम था. आयोजकों ने ये भी कहा कि मंजरी चतुर्वेदी के परफॉर्मेंस को हर किसी ने सराहा है. उनके कार्यक्रम को बीच में इसलिए रोका गया था कि समय की कमी थी. इसमें किसी तरह का धार्मिक मुद्दा नहीं है.
यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कन्नौज हादसे के बाद हॉस्पिटल में बदतमीज़ी की
मंजरी ने कहा,
'मुझे उन्होंने 45 मिनट का समय दिया था, लेकिन म्यूज़िक बीच में रोक दिया गया. मुझे लगा टेक्निकल दिक्कत है. तभी अगले कार्यक्रम की घोषणा कर दी गई. जब मैंने इसके बारे में पूछा तो मुझे कहा गया कि यहां कव्वाली नहीं चलेगी. ऐसा पहली बार हुआ है जब मेरी परफॉर्मेंस को रोका गया हो. ये सब पहले से ही तय था. आयोजकों को भी इसकी जानकारी थी. लेकिन ये चौंकाने वाली बात है कि मेरे ही गृहनगर में मेरे साथ इस तरह का बर्ताव किया गया है.'हालांकि बाद में एक फेसबुक पोस्ट में उन्होंने लिखा कि यूपी सरकार ने कहा है कि कव्वाली का कार्यक्रम 27 जनवरी को भव्य यूपी दिवस पर होगा. इस विवाद पर यूपी सरकार ने भी अपना पक्ष रखा है.

मंजरी चतुर्वेदी ने लखनऊ मीडिया पर मामले पर ध्यान ना देने का आरोप लगाया. फोटो: फेसबुक.
अखिलेश यादव ने कहा- निंदनीय
वहीं, सपा अध्यक्ष और पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा,
एक सरकारी आयोजन में विश्व प्रसिद्ध नृत्यांगना मंजरी चतुर्वेदी के पूर्व नियोजित कव्वाली-आधारित नृत्य को बीच में ही ये कहते हुए रोक देना कि ‘कव्वाली नहीं चलेगी यहां’ उत्तर प्रदेश की समृद्ध गंगा-जमनी संस्कृति को संकीर्ण सोच से मारना है. भाजपा देश के कलाकारों से माफ़ी मांगे. घोर निंदनीय.
एक सरकारी आयोजन में विश्व प्रसिद्ध नृत्यांगना मंजरी चतुर्वेदी के पूर्व नियोजित कव्वाली-आधारित नृत्य को बीच में ही ये कहते हुए रोक देना कि ‘कव्वाली नहीं चलेगी यहाँ’ उप्र की समृद्ध गंगा-जमनी संस्कृति को संकीर्ण सोच से मारना है.
भाजपा देश के कलाकारों से माफ़ी माँगे.
घोर निंदनीय. pic.twitter.com/c8EGcYdloM
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) January 17, 2020
यूपी सरकार ने कहा- कार्यक्रम लेट चल रहा था
इस मामले में यूपी सरकार के अधिकारियों ने कहा कि मंजरी चतुर्वेदी के दो परफॉर्मेंस हो गए थे और तीसरा होने ही वाला था. लेकिन कार्यक्रम काफी लेट चल रहा था और अगला कार्यक्रम ब्रज डांस का था. आयोजकों का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आने से पहले हम सभी को मौका देना चाहते थे. क्योंकि मुख्यमंत्री के आने के बाद सीधे डिनर का कार्यक्रम था. आयोजकों ने ये भी कहा कि मंजरी चतुर्वेदी के परफॉर्मेंस को हर किसी ने सराहा है. उनके कार्यक्रम को बीच में इसलिए रोका गया था कि समय की कमी थी. इसमें किसी तरह का धार्मिक मुद्दा नहीं है.
यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कन्नौज हादसे के बाद हॉस्पिटल में बदतमीज़ी की

