The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Kashmir violence: Death toll 23, state urges Hurriyat to help restore peace

नवाज शरीफ कश्मीर पर नसीहत दे रहे हैं, विडंबना ने सल्फास खा ली है

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कश्मीर पर कुछ बोला तो उन्हें भारत की तरफ से फौरन जवाब मिल गया.

Advertisement
pic
11 जुलाई 2016 (अपडेटेड: 11 जुलाई 2016, 02:35 PM IST)
Img The Lallantop
कश्मीर में हिंसा नहीं रुक पा रही है. PTI
Quick AI Highlights
Click here to view more
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने बुरहान वानी के मारे जाने को एक्स्ट्रा ज्युडिशियल-किलिंग कहा है. नवाज शरीफ ने कहा- 'कश्मीर में भारतीय सेना की कार्रवाई से हैरान हूं. बेगुनाहों को गोली मारी जा रही है. घाटी उबल रही है.' उन्होंने कहा कि वह इंटरनेशनल लेवल पर ह्यूमन राइट्स से जोड़कर इस मुद्दे को उठाने की कोशिश करेंगे.
शरीफ के इस बयान पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा की जम्मू-कश्मीर में जो हो रहा है वो हमारा अंदरूनी मामला है. पाकिस्तान बेकार इसमें दखल न दे. अगर उसे कुछ करना है तो गैरअधिकृत तरीके से जो कश्मीर का हिस्सा कब्जाया है, वहां ह्यूमन राइट्स पर ध्यान दे.
जम्मू-कश्मीर में एक आतंकी की मौत और फिर भारी हिंसा. पुलिस और लोगों में झड़पें हो रही है. संडे को पांच लोग और मारे गए. हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के एनकाउंटर के बाद भड़की हिंसा में अब तक 23 लोग मारे जा चुके हैं. 150 पुलिसवालों और 200 से ज्यादा आम लोग जख्मी हो चुके हैं.
पुलिस अफसर फिरोज अहमद रविवार को अपने मोबाइल बंकर में तैनात थे. प्रोटेस्ट कर रहे लोगों ने उन्हें श्रीनगर-अनंतनाग रास्ते पर संगम पुल से झेलम दरिया में फ़ेंक दिया. डूबने से उनकी मौत हो गई. प्रदेश में इस बवाल से राशन-पानी के दामों में जबरदस्त उछाल आया है. जम्मू-कश्मीर सरकार ने हुर्रियत कांफ्रेंस समेत सारे अलगाववादियों, नेशनल कांफ्रेंस, कांग्रेस और राज्य की सभी पार्टियों से अपील की है कि अमन बहाली के लिए मदद करें. लोगों से भी कहा है कि वे भी हिंसा भड़काने वालों की बातों में न आएं.

अमरनाथ यात्रा टली

10 हजार तीर्थयात्री जम्मू में फंसे हैं. तीसरे दिन भी अमरनाथ यात्रा टाल दी गई. प्रदेश सरकार ने फैसला लिया है कि अमरनाथ यात्री जम्मू से बालटाल और पहलगाम नहीं जा सकेंगे. खौफजदा तीर्थयात्री लौटने लगे हैं. एक अफसर के मुताबिक, यात्रा तब तक शुरू नहीं की जा सकती, जब तक हालात काबू में न हो.
image2
अमरनाथ यात्री.

जम्मू के IG दानेश राणा का कहना है, 'हम जम्मू से बालटाल और पहलगाम के लिए अमरनाथ यात्रा की इजाजत देकर जोखिम नहीं ले सकते. जैसे ही घाटी में हालात सुधरेंगे. हम यात्रा को जम्मू बेस कैंप से शुरू करने की इजाजत देंगे.'

दो पुलिस चौकियां और रेलवे पुलिस की बैरक फूंकी

प्रदर्शनकारियों ने संडे को भी पुलिस पर हमले किए. एक हमले में एसपी शोपियां बाल-बाल बचे. उन पर ग्रेनेड फेंका गया था, गोलियां भी चलाई गई थीं. एक थाने पर भीड़ ने हमला किया. इस हमले के बाद तीन पुलिस वाले लापता हैं. पुलवामा जिले के त्राल में एक हेड कॉन्स्टेबल के दोनों पैरों में आतंकवादियों ने गोली मार दी. सोईबुग-बड़गाम, लस्सीपोरा और पुलवामा में दो पुलिस चौकियों, बिजबिहाड़ा स्टेशन पर आरपीएफ की बैरक और जीआरपी के गार्ड रूम में आग लगा दी. सोईबुग-बड़गाम हिजबुल के चीफ कमांडर सैयद सलाहुद्दीन का गांव है.

कर्फ्यू लगा, इंटरनेट भी है बंद

अनंतनाग, शोपियां, कुलगाम, काजीगुंड और श्रीनगर के 11 पुलिस थानों में कर्फ्यू लगा है. सभी अलगाववादी नेताओं को या तो घर में नजरबंद रखा गया है या फिर हिरासत में. कश्मीर में हालात पर काबू करने के लिए दिल्ली से और फोर्स बुलाई गई है. अफसर का कहना है कि जब तक हालात नहीं सुधरते, तब तक इंटरनेट शुरू नहीं किया जा सकता.

कश्मीर हिंसा में हाफिज सईद और सैयद सलाहुद्दीन का हाथ !

वही हाफिज सईद जो 26/11 का मास्टरमाइंड है और जमात उद दावा का हेड है, उसने पाकिस्तान अधिकृत मुजफ्फराबाद में एक सभा की. बुरहान वानी के लिए हुई इस शोक सभा में हिजबुल चीफ सैयद सलाहुद्दीन भी शामिल हुआ. दोनों ने हिजबुल के आतंकवादियों को संबोधित किया. उस स्टेज पर बुरहान वानी के पोस्टर लगे थे. दोनों ने बुरहान वानी को शहीद बताया. इस मीटिंग में जमात उद दावा का साइबर सेल भी मौजूद रहा. हाफिज सईद बुरहान वानी की मौत को इंडिया के खिलाफ भुनाना चाहता था, इसलिए बिना कोई देरी किए उसने सलाहुद्दीन से मुलाकात की.

हिजबुल कमांडर के मारे जाने के बाद हाफिज सईद ने मुज़फ्फराबाद में मीटिंग की.

कहा जा रहा है कि ये आइडिया हाफिज सईद का था. वह सोशल मीडिया के जरिए घाटी में लोगों की भावनाओं को भड़काना चाहता था और ऐसा किया भी. जमात उद दावा ने पहले ही पाकिस्तान में सोशल मीडिया चलाने वालों का बड़ा जाल फैला रखा है. जमात उद दावा की मीडिया कवरेज पर बैन है, फिर भी वो बेधड़क सोशल मीडिया चला रहा है. घाटी में जमात उद दावा हिजबुल के मुकाबले कम प्रभावी है. हाफिज सईद अपनी पकड़ मजबूत बनाने का मौका नहीं गंवाना चाहता, इसलिए अपनी टीम के साथ वह मुजफ्फराबाद पहुंच गया, ताकि कश्मीरी युवाओं में भारत विरोधी भावनाओं को हवा दे सके. और हुआ भी ऐसा ही. सोशल मीडिया पर भारत विरोधी पोस्ट की बाढ़ सी आ गई. उर्दू और अंग्रेजी का इस्तेमाल किया गया.
hizb1
हाफिज सईद की मीटिंग में बुरहान वानी को सवाब पहुंचाने के लिए नमाज भी पढ़ी गई.

सैयद सलाउद्दीन और हाफिज सईद के एक साथ आने पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि इससे साबित होता है कि पाकिस्तान की जमीन का इस्तेमाल भारत के खिलाफ गतिविधियों के लिए हो रहा है. पाकिस्तान में आतंकवादी खुलेआम मनमानी कर रहे हैं.


 

ये भी पढ़ें

'उस पार कब्र में लेटे एधी साहेब आतंकी बुरहान के जनाजे को देख उदास हुए होंगे'

बुरहान की मां बोलीं, 'बेटा इस्लामी निजाम के लिए मरा, काफिरों से लड़ते हुए'

मकबूल भट: कश्मीर में आतंक का पहला पोस्टर बॉय

Advertisement

Advertisement

()