कासगंज: अकरम ने कहा, मेरी आंख फोड़ने वालों को अल्लाह माफ करे
वो खुश हैं कि एक आंख से ही सही, अपनी नवजात बच्ची को देख तो पाए.
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26 जनवरी की रात अकरम हबीब अपनी प्रेगनेंट बीवी को लेकर अस्पताल के लिए निकले. मगर इससे पहले कि वो अस्पताल पहुंच पाते, एक उन्मादी भीड़ उन तक पहुंच गई. बस इसलिए कि अकरम मुसलमान हैं, उनकी ये हालत कर दी गई.
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