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झूठा हलफनामा! पत्नी को गिफ्ट में मिली जमीन को लेकर बुरा फंसे CM सिद्धारमैया, बड़ी 'गड़बड़ी' निकली है

Karnataka News: CM Siddaramaiah की पत्नी को गिफ्ट में मिली जिस जमीन के बदले 2023 में 8 करोड़ के प्लॉट लिए गए, उसकी कीमत CM ने 2018 में 25 लाख रुपये बताई थी.

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12 जुलाई 2024 (अपडेटेड: 12 जुलाई 2024, 02:24 PM IST)
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कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया (फाइल फोटो- PTI)
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कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया विवादों में फंस गए हैं. पिछले तीन विधानसभा चुनावों में उनके हलफनामे में दर्ज की गई संपत्ति के रिकॉर्ड में बड़ी गड़बड़ी का पता चला है (Karnataka CM Wife Land Controversy). मामला मैसूर की 3.26 एकड़ जमीन से जुड़ा है. दावा है कि ये जमीन 14 साल पहले यानी 2010 में CM की पत्नी BM पार्वती को उनके भाई ने गिफ्ट में दी थी. CM ने अपने पिछले हलफनामों में जमीन से जुड़ी जो-जो जानकारी साझा की है, उसी पर विवाद हो रहा है. BJP कर्नाटक सरकार पर हमलावर है.

दरअसल, CM सिद्धारमैया के 2023 वाले हलफनामे में मेंशन किया गया कि गिफ्ट की हुई जमीन के बदले MUDA (Mysore Urban Development Authority) से करीब 8 करोड़ की कीमत वाले 14 हाउसिंग प्लॉट्स ले लिए गए हैं. ये काम विवादित 50:50 ऑल्टरनेट साइट स्कीम के तहत हुआ.

अब यहां सबसे बड़ा ट्विस्ट ये है कि जिस जमीन के बदले 2023 में 8 करोड़ के प्लॉट लिए गए उसकी कीमत CM ने 2018 में केवल 25 लाख रुपये बताई थी.

BJP और JD(S) ने इस लेन-देन पर सवाल उठाए तो अब सिद्धारमैया का कहना है कि वो MUDA के 14 प्लॉट वापस कर देंगे. इसके बदले उन्होंने गिफ्ट वाली जमीन का मार्केट रेट के हिसाब से 62 करोड़ रुपये मुआवजा मांगा है. यानि 2018 में जिस जमीन की कीमत 25 लाख रुपये थी उसके बदले अब वो 62 करोड़ रुपये का मुआवजा चाहते हैं.

बड़ी गड़बड़ी निकली!

इंडियन एक्सप्रेस ने 2013, 2018 और 2023 में विधानसभा चुनावों से पहले सिद्धारमैया के हलफनामों की तुलना जमीन के पब्लिक रिकॉर्ड से की. क्या-क्या पता चला उसे टाइमलाइन के हिसाब से समझ लेते हैं-

2010- केसारे गांव के भूमि रिकॉर्ड से पता चला कि 20 अक्टूबर 2020 को BM मल्लिकार्जुनस्वामी से उनकी बहन BM पार्वती और सिद्धारमैया की पत्नी को 3.16 एकड़ की कृषि जमीन गिफ्ट की.

2013- तीन साल बाद दर्ज हलफनामे में CM ने किसी कृषि जमीन की ओनरशिप का जिक्र नहीं किया.

2018-  हलफनामे में जमीन पर CM की पत्नी के ओनरशिप की बात दर्ज की गई. कृषि भूमि के कॉलम में लिखा गया- भाई से 20 अक्टूबर 2010 में मिला गिफ्ट. हलफनामे में जमीन की कीमत 25 लाख रुपये बताई गई.

2023- हलफनामे में केसारे गांव की जमीन के बदले में MUDA द्वारा 37,190 वर्ग फुट जमीन का आवंटन दिखाया गया. ये प्लॉट्स मैसूर के विजयनगर में हैं. कीमत 8.33 करोड़ रुपये आंकी गई.

राज्य के रिकॉर्ड डेटा के मुताबिक, 2023-24 के बीच भी CM की पत्नी के नाम पर केसारे गांव वाली गिफ्ट की हुई 3.16 एकड़ जमीन दर्ज है. 

CM की सफाई

आरोपों पर सिद्धारमैया ने कहा,

अगर चुनाव आयोग (झूठे हलफनामे की शिकायत पर) नोटिस जारी करता है तो मैं कानून के मुताबिक जवाब दूंगा. ये आरोप राजनीतिक कारणों से लगाए जा रहे हैं. उन्हें इस बात से जलन है कि पिछड़े वर्ग के व्यक्ति सिद्धारमैया दूसरी बार सीएम बने हैं.

अब भी CM की पत्नी के नाम पर ही दर्ज जमीन को लेकर CM के प्रेस सचिव केवी प्रभाकर ने कहा कि इसकी जांच की जानी है.

शिकायतें दर्ज

बेंगलुरु के कार्यकर्ता TJ अब्राहम ने 10 जुलाई को मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास शिकायत दर्ज कराई है. आरोप लगाया है कि सिद्धारमैया ने 2013 के राज्य चुनावों से पहले एक झूठा हलफनामा दायर किया था.

इसके अलावा 2010 में गिफ्ट देने से पहले 2004 में CM के बहनोई के उस जमीन का अधिग्रहण करने के तरीके में गड़बड़ी के भी आरोप हैं. इसको लेकर मैसूर के कार्यकर्ता S कृष्णा की शिकायत को राज्य शहरी विकास विभाग के पास भेजा गया है जो MUDA के साइट आवंटन की जांच कर रहा है.

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि CM और अन्य प्रभावशाली लोगों ने झूठे दस्तावेज बनाए और अवैध रूप से करोड़ों रुपये के प्लॉट हासिल करके MUDA को धोखा दिया. आरोप है कि 3.16 एकड़ जमीन के लिए 2004-2005 के रिकॉर्ड में दिखाया गया कि इसे CM की पत्नी के भाई ने एक दलित किसान से खरीदा था जबकि वो जमीन 1992 में ही MUDA ने साइट्स के लिए अधिग्रहित कर ली थी.

विपक्ष हमलावर

राज्य BJP अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र ने 10 जुलाई को कहा कि 2013 में CM के चुनावी हलफनामे में 3.16 एकड़ जमीन का जिक्र नहीं है और ये चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम का उल्लंघन है.

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केंद्रीय मंत्री और JD(S) नेता HD कुमारस्वामी ने कहा कि इस घोटाले को अन्य पिछले घोटालों की तरह कवर नहीं किया जा सकता.

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