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कानपुर के विकास दुबे एनकाउंटर पर लोग सवाल उठाते रह गए, जांच रिपोर्ट ने अपना काम कर दिया

जानिए एनकाउंटर करने वाली पुलिस का क्या हुआ?

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20 जनवरी 2021 (अपडेटेड: 20 जनवरी 2021, 02:17 PM IST)
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‘विकास दुबे कानपुर वाला’. 10 जुलाई 2020 को विकास एनकाउंटर में मारा गया था. (फाइल फोटो- PTI)
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हां तो भइया, विकास दुबे (Vikas Dubey) को पुलिस जिस गाड़ी में लेकर आ रही थी, वो गाड़ी पलट गई थी. विकसवा पुलिस से पिस्तौल छीनिस और भगने की कोशिश करने लगा. इसी चक्कर में मारा गया. ये निष्कर्ष हम नहीं दे रहे. ये बात कह रही है मजिस्ट्रेट और न्यायिक जांच की रिपोर्ट. कानपुर के विकास दुबे केस में पुलिस को क्लीन चिट मिल गई है. बिकरू कांड के बाद पुलिस और विकास दुबे गैंग की तीन मुठभेड़ हुई थीं. जिसमें चार बदमाश मारे गए थे, इन मुठभेड़ों में विकास दुबे एनकाउंटर भी था. इन्हीं मामलों को लेकर जिलाधिकारी के आदेश पर मजिस्ट्रेट और न्यायिक जांच बैठाई गई थी. जांच में एनकाउंटर को सही पाया गया है. पुलिस को क्लीन चिट मिल गई है और तीनों एनकाउंटर की रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी गई है. अमर उजाला से बात करते हुए कानपुर के जिलाधिकारी आलोक तिवारी ने बताया –
“विकास दुबे और प्रभात मिश्रा एनकाउंटर की न्यायिक जांच हुई. वहीं प्रेम कुमार और अतुल दुबे एनकाउंटर की मजिस्ट्रेटी जांच कराई गई. जांच में सभी एनकाउंटर सही पाए गए हैं और सभी पुलिसकर्मियों को क्लीन चिट दे दी गई है.”
क्या हुआ था 10 जुलाई को एसटीएफ और यूपी पुलिस (UP Police) विकास दुबे को उज्जैन से कानपुर ला रही थी. कार से. पुलिस की ओर से दर्ज कराई गई FIR में कहा गया था कि सचेंडी थाना क्षेत्र में कुछ पशुओं के अचानक रोड पर आ जाने की वजह से पुलिस की गाड़ी पलट गई. कार पलटते ही विकास ने इंस्पेक्टर रमाकांत पचौरी की पिस्टल छीनी और भागने की कोशिश की. पुलिस ने रोका तो फायरिंग की. क्रॉस फायरिंग में मारा गया. जांच में पुलिस के इस दावे को सही बताया गया है. विकास दुबे केस का फ्लैशबैक कानपुर देहात का गांव है- बिकरू. यहां 2 जुलाई 2020 की रात बदमाश विकास दुबे के घर पुलिस दबिश देने पहुंची. विकास ने अपने साथियों के साथ पुलिस पर हमला कर दिया. विकास के गैंग ने डीएसपी देवेंद्र मिश्रा समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी. बिकरू कांड के बाद विकास फरार हो गया. पुलिस ने उसके तमाम साथियों को पकड़ा. विकास के तीन साथी मुठभेड़ में मारे गए. लेकिन विकास का पता नहीं चल रहा था. आख़िरकार 9 जुलाई को उसे उज्जैन से गिरफ्तार किया गया. मध्य प्रदेश से वापस यूपी लाते समय 10 जुलाई की सुबह कानपुर से पहले पड़ने वाले सचेंडी के पास एनकाउंटर में विकास मारा गया.

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