इलेक्शन मल्लब तामझाम. वोट लेने और देने का खेल. जनता को रिझाकर, पांव पकड़ कर,गिफ्ट बांटकर, डरा-धमकाकर वोट हथियाने का प्रोसेस शुरू हो जाता है. तरह-तरह केनुस्खे आजमाए जाते हैं. कुल जमा ये कि वोट चाहिए बस.यूपी. 20 करोड़ से भी अधिक की जनसंख्या वाला राज्य. 403 विधानसभा सीटें. इधर काइलेक्शन मंगल पर पानी खोजने से कम परेशानी वाला नहीं है. ऐसे तो कानूनी तौर पे वोटके लिए रिश्वत देने पर रोक है, मगर कानून को धता बताने का नाम ही तो इलेक्शन है.चकमा देने में जो जित्ता आगे, कामयाबी उसके हत्थे चढ़ती है. कानपुर जिला प्रशासन इसबार सतर्क है और हर सुराख पर पहरा बिठाने की फ़िराक में है.चुनाव के दिनों में चुनाव आयोग11 फरवरी से यूपी में वोटिंग की शुरुआत होनी है. 24 जनवरी को नॉमिनेशन फाइल होनाशुरू हो जाएगा. ग्रीन पार्क स्टेडियम, कानपुर. यहां 26 जनवरी को भारत और इंग्लैंडके बीच टी-20 मैच खेला जाना है. प्रशासन को शक है कि नेतवन लोग फ्री में टिकट बांटके जनता को लुभाने की कोशिश कर सकते हैं. स्टेडियम वालों को सख्त निर्देश दिया गयाहै कि थोक में टिकट खरीदने वालों पर नजर रखी जाए और तत्काल प्रशासन को सूचित कियाजाए. शराब और पैसे बांटने वालों पर भी नजर रखी जाएगी. अफवाहें न फैले, इसके लिएसोशल मीडिया पर निगरानी शुरू हो गई है.कम ही लोगों को पता है डोबी भी इसलिए फ्री हो पाया था, क्योंकि चुनाव आने थे.वोट मांगना और खींचना भी टैलेंट है. डेमोक्रेसी ईमानदारी के सहारे ही आगे बढ़ सकतीहै. भ्रष्ट इसकी टांग खींचने में लगे रहते हैं, कानून का फर्ज है, डेमोक्रेसी कोसहारा देना और आगे बढ़ाने में मदद करना. ये संघर्षों की बेला है. देखें, कौन कामयाबहोता है!--------------------------------------------------------------------------------ये स्टोरी अभिषेक कुमार ने की है