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ये तस्वीर बिहार में महा जंगलराज का सबूत है

सिवान में पत्रकार राजदेव रंजन को मार दिया गया, वैसे ही जैसे झारखंड में इंद्रदेव यादव को मार दिया गया.

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14 मई 2016 (अपडेटेड: 13 मई 2016, 04:13 AM IST)
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फोटो - thelallantop
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बिहार के सिवान में कल एक पत्रकार को गोली मार दी गई. वो 'हिंदुस्तान' के ब्यूरो चीफ थे. नाम था राजदेव रंजन. फेसबुक पर ये नाम तलाश लीजिए, आपको हजार वीडियो और फोटोज मिल जाएंगी, जो ब्लर नहीं हैं, जो एडिटेड नहीं हैं. उनकी सफेद शर्ट पर फैला हुआ खून देखिए, अगर आप देख सकें तो. पता लगेगा पत्रकार होने की क्या कीमत चुकाई है राजदेव रंजन ने.
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राजदेव रंजन का जीवित अवस्था का चित्र (Facebook)

42 साल के राजदेव पिछले 24 साल से पत्रकारिता में थे. हत्या की वजह पता तो नहीं है लेकिन लोग कह रहे हैं दबंगों और क्रिमिनल्स के खिलाफ बहुत दिनों से लिख रहे थे. इसीलिए कुछ लोग खार खाए बैठे थे. ये लिखने से ही डर रहा होगा  कि गोली मारने वाले ने इतने पास से गोली मारी है, माथे के बिल्कुल बीचों-बीच और गर्दन पर. ताकि जान बचने की गुंजाइश ही न रह जाए.
ये सब कब हो रहा है? जब जेडीयू एमएलसी के एक पूत अभी-अभी सड़क पर एक लड़के को गोली मारने के मामले में धराए हैं. हम सोचते थे.  कुछ तो कड़ाई हुई होगी बिहार में, फिर भी एक ऐसा मामला सामने आता है. ये दहलाता इसलिए भी है क्योंकि जिस फ्लाईओवर के पास, घात लगाकर दो लोग राजदेव रंजन को गोली मार देते हैं. वो जगह थाने से आधे किलोमीटर भी दूर न होगी.
 

बिहार में पुन: जंगलराज लौट आया है.

सुशासन की सरकार में और तो लोकतंत्र का चौथा स्तंभ भी सुरक्षित नहीं है. पूरे बिहार में अपराधियों का बोलबाला है.

यह जंगल राज नहीं, महा जंगल राज है.

सिवान के हिन्दुस्तान अखबार के ब्यूरो चीफ राजदेव रंजन की हत्या. नीतीश बनारस घूम रहे हैं और बिहार में लोकतंत्र का चौथा स्तंभ खतरे में है.

 
ये दो बातें नीतीश कुमार के विरोधी कह रहे हैं. पहले प्रेम कुमार हैं, बिहार में विपक्ष के नेता दूसरे. भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और बिहार के नेता शाहनवाज़ हुसैन. नीतीश कह सकते हैं वो विरोधी हैं वो ये कहेंगे ही. तो नीतीश कुमार ये तस्वीरें देखें. ये उनके बिहार में महा जंगलराज का सबूत हैं.
https://twitter.com/ANI_news/status/731286257733664768
सिवान के नाम से लोग इसलिए भी चौकन्ने हो जाते हैं क्योंकि सबको पता है. यहां लालू यादव की चलती है. ये वही सिवान है जहां जेएनयू के स्टूडेंट यूनियन प्रेसिडेंट चंद्रशेखर को मार दिया गया था. और नाम आया था शहाबुद्दीन का. और जहां तक मुझे पता है, शहाबुदीन RJD नेता कहाते थे, लालू भी RJD के हैं या कहिए RJD लालू की है और लालू नीतीश के.
सिवान के जेपी चौक पर तीन बंदूकधारी व्यक्तियों ने चंदू पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं. एमएल के नेता श्याम नारायण अौर वहीं ठेला लगाने वाले भुट्टेले मियां उनके साथ इस गोलीबारी में  मारे गए. 
वैसे पत्रकार सिर्फ बिहार के ही नहीं मारे जा रहे. झारखंड के चतरा जिले के देवरिया की बात है. गुरुवार की रात को लगभग नौ बजे पत्रकार इंद्रदेव यादव अपने घर लौट रहे थे . उन्हें भी घात लगाकर बैठे हमलावरों ने गोली से मार दिया. उन पर चार फायर किए गए. दो गोलियां लगीं और उनकी जान चली गई. इंद्रदेव एक लोकल टीवी चैनल में रिपोर्टर थे. झारखंड में भाजपा की सरकार है.

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