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JNU हिंसाः कौन हैं वो आरोपी स्टूडेंट्स जो दिल्ली पुलिस के सामने अब तक हाज़िर नहीं हुए?

सभी ABVP से जुड़े हैं.

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15 जनवरी 2020 (अपडेटेड: 15 जनवरी 2020, 12:34 PM IST)
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jnu हिंसा के तीन संदिग्ध. तस्वीर साभार: इंडिया टुडे
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जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में हुई हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस की जांच चल रही है. इस केस से जुड़े कुछ आरोपी पुलिस की पूछताछ के लिए पेश हो चुके हैं, जबकि कुछ अब तक सामने नहीं आए हैं. पुलिस ने इस केस के तीन संदिग्धों- कोमल शर्मा, रोहित शाह और अक्षत अवस्थी को फरार बताया है. पुलिस का कहना है कि तीनों से इस मामले में संपर्क करने की कोशिश की जा रही है और इन सबके फोन बंद आ रहे हैं.

वीडियो और तस्वीरों में देखे जाने के बाद पुलिस ने इनको पूछताछ के लिए बुलाया था.

Delhi Police: 3 suspects in the JNU violence case - Komal Sharma, Rohit Shah, & Akshat Awasthi are absconding. Forensic Science Laboratory (FSL) team spent the entire day in retrieving CCTV footage from the server. FSL team will come again tomorrow. pic.twitter.com/T4OYW17lLl

तीनों के ABVP से जुड़े होने की पुष्टि

 इंडिया टुडे  के स्टिंग ऑपरेशन में अक्षत अवस्थी और रोहित शाह ने खुद को AVBP कार्यकर्ता बताया था और JNU हिंसा में शामिल होने की बात स्वीकार की थी. अक्षत ने खुद स्वीकार किया कि इस पूरे मामले में 5 जनवरी को उसने ही लड़कों को जुटाया था. अक्षत ने ABVP के 20 कार्यकर्ताओं को जेएनयू से और ABVP के 20 कार्यकर्ताओं को बाहर से बुलाए जाने की बात स्वीकारी है. वहीं स्टिंग ऑपरेशन में रोहित शाह ने कहा था कि उसे गर्व है कि उसने लेफ्ट के छात्रों को पीटा.

इन तीनों संदिग्धों के विद्यार्थी परिषद के सदस्य होने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. ABVP दिल्ली के स्टेट सेक्रेटरी सिद्धार्थ यादव ने यह स्वीकार किया कि एक आरोपी कोमल शर्मा उनके ही संगठन की मेंबर हैं. साथ ही ये भी कहा कि वो भी कोमल से कॉन्टैक्ट नहीं कर पा रहे हैं. सिद्धार्थ यादव ने कहा,

‘सोशल मीडिया पर कोमल के खिलाफ ट्रोलिंग हो रही है, हम कोमल तक पहुंचने में असमर्थ हैं. कोमल के बारे में आखिरी जानकारी ये मिली थी कि वो अपने परिवार के साथ हैं. उनसे कॉन्टैक्ट नहीं हो पा रहा है, तो ये भी नहीं पता कि उन्हें पुलिस का समन मिला भी है या नहीं. इस मामले में और ज्यादा जांच की जरूरत है, ताकि उनके नाम पर लगा धब्बा मिट सके. अगर उन्होंने सच में कुछ किया है, तो उन पर कार्रवाई होनी चाहिए. इसी दौरान, ABVP भी एक संगठन के तौर पर 5 जनवरी को हुई हिंसा के बारे में जांच कर रहा है. इसमें हमने ये पाया है कि हमारे संगठन के बहुत से लोग यूनिवर्सिटी में पीटे गए थे.’

वहीं ANI के मुताबिक, कोमल शर्मा ने राष्ट्रीय महिला आयोग में (NCW) को शिकायत की है कि उन्हें बदनाम किया जा रहा है. महिला आयोग ने इस बारे में मीडिया और दिल्ली पुलिस को संज्ञान लेने के लिए कहा है.

हिंसा की जांच कर रहे DCP जॉय टिर्की ने कहा कि कोमल शर्मा दिल्ली यूनिवर्सिटी के दौलत राम कॉलेज की छात्रा है और उससे पूछताछ के लिए बुलाया गया था.

अब तक क्या हुआ?

JNU में 5 जनवरी को कुछ नकाबपोश गुंडों ने कैंपस में घुसकर हमला किया था. हिंसा में 30 से ज्यादा छात्र और शिक्षक घायल हुए थे. मामले की जांच कर रही SIT ने 10 जनवरी को इस केस में नौ संदिग्ध लोगों के नाम जारी किए थे. इसमें JNUSU अध्यक्ष आइशी घोष का भी नाम था.

जांच में कौन-कौन हुआ शामिल?

 JNU हिंसा के इस मामले में आइशी घोष, चुनचुन कुमार, पंकज मिश्रा, भास्कर विजय, सुचेता तालुकदार, प्रिया रंजन, डोलन सावंत, योगेंद्र भारद्वाज (वॉट्सऐप ग्रुप के एडमिन), विकास पटेल के नाम जारी हुए थे. इन छात्रों में से सात छात्र लेफ्ट, जबकि दो छात्र योगेंद्र भारद्वाज और विकास पटेल छात्र संगठन ABVP से जुड़े बताए जा रहे हैं. अब तक  JNUSU अध्यक्ष आइशी घोष, पंकज मिश्रा और वास्कर विजय से पूछताछ की जा चुकी है. बाकी छात्रों से पुलिस संपर्क करने की कोशिश कर रही है.

दिल्ली पुलिस ने कहा कि फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम भी आज (15 जनवरी) को जेएनयू जाएगी. पूछताछ करेगी.

 कोर्ट ने दिया जांच का आदेश

दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस को पांच जनवरी के हमले में कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए दो वॉट्सऐप ग्रुप के सदस्यों के मोबाइल फोन जब्त करने के लिए कहा था. जस्टिस बृजेश सेठी ने JNU प्रशासन को निर्देश दिया था कि वह पुलिस की तरफ से मांगी जा रही सीसीटीवी फुटेज जल्द से जल्द उपलब्ध कराए. साथ ही वॉट्सऐप और गूगल को निर्देश दिया कि वे पाॅलिसी के मुताबिक जेएनयू हिंसा से संबंधित जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराए.

JNU में हुए हमलों की जांच कर रही दिल्ली पुलिस ने अभी तक कुल तीन मुक़दमे दर्ज किए हैं. डीसीपी जॉय टिर्की के मुताबिक़, दिल्ली पुलिस को जेएनयू के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज नहीं मिली है, क्योंकि ये कैमरे काम नहीं कर रहे थे.


ये स्टोरी हमारे साथ इंटर्नशिप कर रहे शाश्वत ने लिखी है


वीडियो देखें :

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