JNU में रजिस्ट्रार हैं प्रमोद कुमार. उनको बुधवार की दोपहर ढाई बजे से 10 और लोगोंके साथ एडमिन बिल्डिंग में ही जबरदस्ती रोक कर रखा गया है. कई दिन से नजीब अहमद नामका स्टूडेंट लापता है. उसी की वजह से सारा बवाल हो रहा है. यूनिवर्सिटी के VC ने 15अक्टूबर को उसके गायब होने की जानकारी मीडिया को दी थी. तब से जांच चल रही है, नजीबका पता नहीं चल रहा. स्टूडेंट्स अपना गुस्सा निकालने के लिए इस तरह की जबरदस्ती कररहे हैं. रजिस्ट्रार प्रमोद कुमार ने अपनी तकलीफ बताई. उनकी पत्नी करवा चौथ का व्रतरख रही थीं. प्रमोद को घर जाने नहीं दिया गया. वो कॉलेज आईं ताकि व्रत खोल सकें.उनको अंदर आने नहीं दिया गया. कई और लोग थे जिनके घर में कोई न कोई व्रत था. कुछलोगों की तबीयत खराब थी. लेकिन किसी को घर नहीं जाने दिया. VC, प्रॉक्टर और कईसीनियर लोग एडमिन बिल्डिंग में फंसे रहे. पॉलिटिकल मामला तो है ही पूरा. सब लोगोंने नजीब से भी रिक्वेस्ट की है कि कहीं हो और ये सब देख-सुन रहा हो तो लौट आए. उसकीपूरी मदद की जाएगी.कौन है नजीब अहमदस्कूल ऑफ बायोटेक्नॉलजी से MSc कर रहा है नजीब. शनिवार से लापता है, ऐसा लोग कह रहेहैं. उसके गायब होने से पहले कैंपस में लड़ाई झगड़ा मार कुटाई हुई थी. नजीब के घरवालों ने वसंत कुंज नॉर्थ में किडनैपिंग की FIR दर्ज करा दी. लेकिन नजीब केलड़ाई-झगड़े की वजह, उसके गायब होने की वजह पर माथापच्ची करते रहो. लेकिन नजीब नजाने कहां गायब है.एडमिनिस्ट्रेशन के लोगों को बंधक बनाने वालों की डिमांडइनकी मांगें जो हैं, उनकी मनवाई में थोड़ा पेच है. पेच ये कि जब सारी पहले ही मानली गई हैं तो उनको फिर से कैसे माना जाए. पहली मांग थी कि स्टूडेंट के खोजने के लिएपुलिस के पास रपट करे. VC कह रहे हैं कि वो तो कर चुके. लगातार पुलिस के कनेक्शनमें हैं. दूसरी मांग है कि प्रॉक्टोरियल डिपार्टमेंट इस मामले की जांच करे औरकार्यवाही करे. ये काम भी शुरू हो चुका है. तीसरी मांग कि एडमिनिस्ट्रेशनडिपार्टमेंट नजीब से कहे कि वो लौट आए. ये मांग भी पहले ही मानी जा चुकी है. इसकेबावजूद सारे लोगों को जबरदस्ती गैरकानूनी रूप से अंदर फंसा के रखा गया. जब ये शामको निकलने लगे तो स्टूडेंट्स गेट के आगे लेट गए. अब टीचर लोग उनके ऊपर से चलकर तोजा नहीं सकते थे. तो फंसे रहे वहीं.दूसरे खेमे की सुगबुगाहटदूसरा खेमा नजीब को ही कठघरे में खड़ा किए है. कि उसने ही मार-पीट शुरू की. और अबजो यहां एडमिन लोगों को बंधक बनाया गया है ये तो महाघटिया काम है. देखो ट्वीट्स,जिनमें बताया गया है कि नजीब खुद आरोपी है. और उसकी वजह से कॉलेज स्टाफ को परेशानकरने वाले लाठी खाने वाला काम कर रहे हैं. 1. 2. 3. 4. 5. उसके लिए कॉलेजस्टूडेंट्स की पोस्ट भी देखनी चाहिए.कुछ स्टूडेंट्स पढ़ने की बजाय राजनीति कर रहे हैंगृहमंत्री राजनाथ सिंह रात से अब तक दो बार इस मुद्दे पर दिल्ली के पुलिस कमिश्नरसे बात कर चुके हैं. गृह राज्यमंत्री किरन रिजिजू बहुत गुस्साए हैं. भरे बैठे हैंएकदम. कहा कि कुछ स्टूडेंट्स यहां पढ़ने नहीं राजनीति करने आए हैं. राजनीति लाइन केलोग ऐसी बात कहें तो उनको सीरियसली लेना चाहिए. राजनाथ सिंह की दो मीटिंग के बाद येहिसाब बना है कि पुलिस टीम बनाकर नजीब को खोजेगी.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें: JNU के छात्रों को सरेआम पाकिस्तानी कहा, मिडिल फिंगर दिखाई JNU कीपढ़ाई छोड़, 'दिल्ली का बाबू' बना गांव का मुखिया AMU का मुल्ला भागकर JNU आया तोक्या मिला