वकीलों के कपड़े पहनी भीड़ ने मुझे लात-घूंसो से पीटा, एक के हाथ से छूटता तो दूसरा मारने लगता: कन्हैया
SC की भेजी वकीलों की टीम से कन्हैया से बातचीत का वीडियो आया सामने. देखिए, पढ़िए.
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फोटो - thelallantop
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देशद्रोह के आरोपी जेएनयू छात्रसंघ प्रेसिडेंट कन्हैया कुमार जेल में हैं. कन्हैया का सबसे नया वीडियो सामने आ गया है. वीडियो में कन्हैया कहता है, '15 और 17 फरवरी को पेशी के दौरान वकीलों के कपड़े पहनी भीड़ ने मुझ पर हमला किया. सड़क पर भी मुझे मारने की कोशिश हुई. मुझे कुछ पुलिसवालों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन हमलावर शांत ही नहीं हुए. भीड़ की पिटाई से मेरी पैंट खुल गई. कपड़े फट गए. वो सब मुझे पीटते गए.'
ये वीडियो 17 फरवरी का है. तब जब पटियाला हाउस कोर्ट में पेशी के दौरान कन्हैया की पिटाई हुई थी. पिटाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने वकीलों की एक टीम पटियाला हाउस कोर्ट भेजी थी. ये वीडियो उसी दौरान का है. वीडियो में कपिल सिब्बल समेत सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील कन्हैया से सवाल पूछते नजर आ रहे हैं. वहीं, दिल्ली पुलिस ने देशद्रोह के आरोप में फंसे तीसरे जेएनयू स्टूडेंट आशुतोष से भी शनिवार को पूछताछ की. पुलिस ने AISA मेंबर रामा नागा और अंनत को भी समन भेजा था. सूत्रों के मुताबिक, इन दोनों से भी जल्दी पूछताछ हो सकती है.
https://twitter.com/ANI_news/status/703438319313522688
आगे जानिए पिटाई के बाद उस रोज सुप्रीम कोर्ट के भेजे वकीलों से क्या बोला कन्हैया..
कन्हैया से पूछताछ के बाद वकीलों की टीम ने पुलिस से किए सवाल.. कन्हैया की कोर्ट में पिटाई 17 फरवरी को हुई थी. सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए पांच वकीलों वकीलों की जिस टीम को पटियाला हाउस कोर्ट भेजा था. उन्होंने उस रोज कन्हैया की सिक्योरिटी के लिए जिम्मेदार दिल्ली पुलिस की भी तगड़े तेवर के साथ क्लास लगाई. क्या एचएसओ और क्या बड़े पुलिस अधिकारी. वकीलों ने सवाल किया, 'जब सुप्रीम कोर्ट का आदेश था तो आपके रहते हुए कन्हैया पर हमला कैसे हो गया. आप लोग क्या सो रहे थे. एक बंदा कोर्ट के अंदर तक कन्हैया का पीछा करते हुए आ गया, आपने उसे क्यों नहीं रोका?' वीडियो में देखिए वकीलों के तीखे सवाल और सुट्ट होते पुलिसवालों को... https://www.youtube.com/watch?v=5k48NCddtk8&ebc=ANyPxKqQkL1IfP2IWPaNfQItRIopf_BGzwyDjVXQh7jpJiuOTTDiqeRg9ZHDQbFI_IuXOOyZdKpPjeI6WDAT1SsrVldqznGKlQ
स्टिंग में दिल्ली पुलिस के हेड कॉन्सटेबल एसएसपी रामबीर ने कहा, 'कन्हैया कुमार भीड़ में तो मौजूद था लेकिन मैंने उन्हें नारे लगाते नहीं देखा. ये पहली बार नहीं था कि जब अफजल के सपोर्ट में जेएनयू में नारे लगे हों. तीन साल से अब तक चुपचाप ये प्रोग्राम होता था. पर हां, उमर खालिद ने देश विरोधी नारे लगाए थे.' बता दें रामबीर 9 फरवरी की शाम जेएनयू के प्रोग्राम में सादे कपड़ों में मौजूद थे.
https://www.youtube.com/watch?v=tkS_yie0hqE&feature=youtu.be
तिहाड़ में कन्हैया की सिक्योरिटी के इंतजाम? कन्हैया की सिक्योरिटी का तिहाड़ में विशेष ख्याल रखा जा रहा है. कन्हैया को अलग सेल में रखते हुए सीसीटीवी से नजर रखी जा रही है. कन्हैया को खाने देने से पहले मेडिकल ऑफिसर से जांच करवाई जाती है. जब कन्हैया अपनी सेल से बाहर निकलता है तो बाकी सारी सेल बंद करने का आदेश दे दिया जाता है. 4 जेलकर्मी 24 घंटे कन्हैया की सुरक्षा में तैनात रहते हैं. किसी कैदी को कन्हैया के पास भटकने तक नहीं दिया जाता है. दिन में दो बार जेल नंबर 3 के डिप्टी सुप्रीटेंडेंट कन्हैया से मिलने जाते हैं.
आगे जानिए पिटाई के बाद उस रोज सुप्रीम कोर्ट के भेजे वकीलों से क्या बोला कन्हैया..
कन्हैया, 'गेट के पास मीडिया वालों ने घेर लिया. पुलिस मुझे उनसे बचाते हुए गेट के अंदर ले गई. तभी गेट से घुसते ही वकील के कपड़े पहनी भीड़ ने मुझ पर हमला किया. ऐसा लग रहा था कि वो लोग एक तैयारी में थे. क्योंकि जो लोग पीट रहे थे, वो दूसरे लोगों को बुला रहे थे, 'आ गया, आ गया.' पूरे रास्ते में कभी मैं गाड़ियों पर गिरा. कभी गाड़ियां मुझ पर. जब मैं अंदर जा रहा था, तभी धक्कों की वजह से मेरी पैंट और टीशर्ट खुल, फट गई. मेरे पर लात घूसों से हमला किया. एक आदमी से छूट रहा था तो दूसरा आदमी मार रहा था. ऐसा लग रहा था कि वो लोग पॉलिटिक्ली मोटिवेटेड हैं. मेरे साथ जो पुलिसवाले थे, उन्हें भी मारा गया. मारने वाली भीड़ में से एक आदमी पीछा करते हुए कमरे के पीछे आकर बैठ जाता है. मैं अपने टीचर से कहता हूं कि ये आदमी मुझे मार रहा था. तो पुलिस उससे पूछती है, तुम कौन हो. तब वो बंदा उल्टा ही पूछ लेता है कि तुम कौन हो. आईकार्ड दिखाओ. उसके बाद पुलिसवालों के सामने ही वो आदमी बाहर निकल गया. मैंने कहा कि मुझे इस आदमी के खिलाफ शिकायत करनी है. पर वो निकल गया. पीटते वक्त वो सब मुझे गाली दे रहे थे. उसके बाद मेरी वकील मेरे साथ आईं. मुझे पानी पिलाया गया. जज ने पूछा कि इसके कपड़े क्यों फटे हुए हैं. पुलिस से जज ने जवाब मांगा कि आपके रहते हुए ये सब कैसे हो गया. जज से मैंने कहा कि मेरे साथ पहले दिन 4 लोग आए थे. उस रोज मुझ पर कोई हमला नहीं हुआ था.'इसके बाद कन्हैया की आंखों में आंसू आ गए. भरे गले के साथ कन्हैया ने कहा,
'मैं इस देश का नौजवान हूं. जेएनयू स्टूडेंट हूं. पीएचडी कर रहा हूं. और मुझे ये बोलकर कि मैं देशद्रोही हूं. मीडिया मेरा ट्रायल कर रहा है. सारा मीडिया नहीं, कुछ लोग हैं. मेरे वकील ने कहा, इसका मेडिकल एग्जामीनिशन होना है. तब जज ने कहा कि अगर ये बाहर जाएगा तो इस पर फिर हमला हो सकता है. तब फिर मैंने यहीं डिस्पेंसरी में अपना इलाज कराया.'कन्हैया का पूरा वीडियो... https://www.youtube.com/watch?v=Op9s4gL2-E8&feature=youtu.be
कन्हैया से पूछताछ के बाद वकीलों की टीम ने पुलिस से किए सवाल.. कन्हैया की कोर्ट में पिटाई 17 फरवरी को हुई थी. सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए पांच वकीलों वकीलों की जिस टीम को पटियाला हाउस कोर्ट भेजा था. उन्होंने उस रोज कन्हैया की सिक्योरिटी के लिए जिम्मेदार दिल्ली पुलिस की भी तगड़े तेवर के साथ क्लास लगाई. क्या एचएसओ और क्या बड़े पुलिस अधिकारी. वकीलों ने सवाल किया, 'जब सुप्रीम कोर्ट का आदेश था तो आपके रहते हुए कन्हैया पर हमला कैसे हो गया. आप लोग क्या सो रहे थे. एक बंदा कोर्ट के अंदर तक कन्हैया का पीछा करते हुए आ गया, आपने उसे क्यों नहीं रोका?' वीडियो में देखिए वकीलों के तीखे सवाल और सुट्ट होते पुलिसवालों को... https://www.youtube.com/watch?v=5k48NCddtk8&ebc=ANyPxKqQkL1IfP2IWPaNfQItRIopf_BGzwyDjVXQh7jpJiuOTTDiqeRg9ZHDQbFI_IuXOOyZdKpPjeI6WDAT1SsrVldqznGKlQ
JNU के सिक्योरिटी असिस्टेंट का खुलासा
आज तक के स्टिंग 'ऑपरेशन JNU' में नया खुलासा हुआ. स्टिंग ऑपरेशन में उन लोगों से बात की गई, जिनको पुलिस ने अपना गवाह बनाया. जेएनयू के सिक्योरिटी असिस्टेंट ने स्टिंग में कहा, '9 फरवरी की शाम कन्हैया JNU के साबरमती ढाबे पर मौजूद ही नहीं था. कन्हैया ने गंगा ढाबे के पास स्पीच जरूर दी थी. लेकिन मैंने कन्हैया को किसी भी तरह की नारेबाजी करते नहीं सुना. क्योंकि डीएसयू और एबीपीवी मेंबर्स आपस में भिड़ने को हो रहे थे, इसलिए कन्हैया शांति की अपील कर रहा था.' याद रहे कि अमरजीत दिल्ली पुलिस के लिए चश्मदीद गवाह है.
स्टिंग में दिल्ली पुलिस के हेड कॉन्सटेबल एसएसपी रामबीर ने कहा, 'कन्हैया कुमार भीड़ में तो मौजूद था लेकिन मैंने उन्हें नारे लगाते नहीं देखा. ये पहली बार नहीं था कि जब अफजल के सपोर्ट में जेएनयू में नारे लगे हों. तीन साल से अब तक चुपचाप ये प्रोग्राम होता था. पर हां, उमर खालिद ने देश विरोधी नारे लगाए थे.' बता दें रामबीर 9 फरवरी की शाम जेएनयू के प्रोग्राम में सादे कपड़ों में मौजूद थे.
https://www.youtube.com/watch?v=tkS_yie0hqE&feature=youtu.be
तिहाड़ में कन्हैया की सिक्योरिटी के इंतजाम? कन्हैया की सिक्योरिटी का तिहाड़ में विशेष ख्याल रखा जा रहा है. कन्हैया को अलग सेल में रखते हुए सीसीटीवी से नजर रखी जा रही है. कन्हैया को खाने देने से पहले मेडिकल ऑफिसर से जांच करवाई जाती है. जब कन्हैया अपनी सेल से बाहर निकलता है तो बाकी सारी सेल बंद करने का आदेश दे दिया जाता है. 4 जेलकर्मी 24 घंटे कन्हैया की सुरक्षा में तैनात रहते हैं. किसी कैदी को कन्हैया के पास भटकने तक नहीं दिया जाता है. दिन में दो बार जेल नंबर 3 के डिप्टी सुप्रीटेंडेंट कन्हैया से मिलने जाते हैं.

