प्रोटेस्ट में 'फ्री कश्मीर' का पोस्टर लेकर खड़ी लड़की ने बताया कि उसने ऐसा क्यों किया
बवाल हो गया था. देवेंद्र फडणवीस ने भी सवाल खड़े किए थे.

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में हुई हिंसा के बाद देश के कई हिस्सों में इसका विरोध हो रहा है. मुंबई में भी लोगों ने हिंसा के विरोध में प्रोटेस्ट किया. 6 जनवरी के दिन गेटवे ऑफ इंडिया पर भी प्रदर्शन हुआ. लोगों ने नारे लगाए, गाने गाए, पोस्टर्स लेकर खड़े हुए. इन सारे पोस्टर्स के बीच एक पोस्टर कश्मीर के मुद्दे पर भी था. एक लड़की ने हाथ में एक पोस्टर पकड़ा हुआ था, जिस पर लिखा था, 'Free Kashmir'. लड़की की तस्वीर जमकर वायरल हुई. कई सारे सवाल किए जाने लगे. ये पूछा जाने लगा कि किस बात की आज़ादी?
महाराष्ट्र के पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने भी ट्वीट किया. कहा,
'प्रोटस्ट आखिर किसलिए है? 'Free Kashmir' का नारा क्यों? हम मुंबई में इस तरह के अलगाववादी तत्वों को कैसे बर्दाश्त कर सकते हैं? चीफ मिनिस्टर के ऑफिस से दो किलोमीटर की दूरी पर आजादी गैंग ने 'Free Kashmir' के नारे लगाए? उद्धव जी आप अपनी नाक के नीचे एंटी-इंडिया कैंपेन के फ्री कश्मीर को बर्दाश्त करने वाले हैं?'
Protest is for what exactly? Why slogans of “Free Kashmir”? How can we tolerate such separatist elements in Mumbai? ‘Free Kashmir’ slogans by Azadi gang at 2km from CMO? Uddhav ji are you going to tolerate this Free Kashmir Anti India campaign right under your nose???@OfficeofUT https://t.co/zkWRjxuTqA
— Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) January 6, 2020
इस मामले पर शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ने भी फडणवीस को सफाई दी. कहा, 'कोई भी भारत से कश्मीर को आजाद करने की बात करे, ये हम बर्दाश्त नहीं करेंगे.' हालांकि आगे कहा कि पोस्टर को गलत तरीके से समझा गया है. उन्होंने कहा कि उन्होंने अखबार में ऐसा पढ़ा है कि जिस लड़की ने पोस्टर पकड़ा था, वो कश्मीर पर लगे इंटरनेट बैन का विरोध कर रही थी. वहां इंटरनेट की आज़ादी की बात कर रही थी.
सोशल मीडिया पर बहुत से लोगों ने उस लड़की का विरोध किया. किसी ने कहा कि वो देशद्रोही है, किसी ने उसे अलगाववादी बताया. अब इस मामले में उस लड़की ने खुद वीडियो जारी करके सफाई दी है.
लड़की का नाम महक मिर्ज़ा प्रभु है. उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट पर वीडियो डाला और 'फ्री कश्मीर' वाला प्लकार्ड पकड़कर खड़े होने का मकसद भी बताया. महक ने बताया कि लोग सोच रहे हैं कि वो कश्मीर की है, लेकिन वो महाराष्ट्र की ही हैं. आगे बताया कि गेटवे ऑफ इंडिया पर JNU स्टूडेंट्स के जस्टिस के लिए आवाज़ उठाई जा रही थी. इसी प्रोटेस्ट में शामिल होने के लिए वो वहां गई थी. आगे बताया,
'वहां हर मुद्दे पर प्लकार्ड बन रहे थे. जैसे- NRC, CAA, JNU स्टूडेंट्स के लिए. वहां पर साइड में एक प्लकार्ड पड़ा था, जिस पर 'फ्री कश्मीर' लिखा हुआ था. जब मैंने वो देखा, मेरे मन में पहला ख्याल ये आया कि हम यहां पर संविधान में दिए गए मूल अधिकारों की आज़ादी के बारे में बात करने आए हैं और इस वक्त कश्मीर में पिछले 5 महीनों से इंटरनेट पर बैन लगा हुआ है. यानी वहां के लोगों के मूल अधिकार उनके पास अभी नहीं हैं. अगर हम कहते हैं कि वो अपने हैं, तो हमें उन्हें अपने जैसा ट्रीट भी करना चाहिए. उन्हें भी वो अधिकार मिलने चाहिए, जो हमें मिले हुए हैं. उनके पास अपनी बात रखने की आज़ादी होनी चाहिए. बस इसी ख्याल से मैंने वो पोस्टर उठाया. मैं शांति के साथ खड़ी थी. मेरे हाथ में फूल था, जिसका यही मतलब है कि मैं शांति की मांग कर रही थी. उस प्लकार्ड को पकड़ने का मेरा इकलौता मकसद यही था. लेकिन उसे गलत तरीके से लिया गया.'
महक ने ये कहा कि वो किसी गैंग की मेंबर नहीं है और उसे वहां खड़े होने के लिए पैसे भी नहीं दिए गए थे. महक ने आगे कहा कि वो एक साधारण लड़की हैं. यूट्यूब पर वीडियो बनाती हैं. स्टोरी टेलर हैं. यूट्यूब के वीडियो में वो बहुत से मुद्दों पर बात करती हैं. उन वीडियो के जरिए लोग जान सकते हैं कि वो किस तरह की इंसान हैं. आगे कहा,
'अभी जो कुछ भी कहा जा रहा है, वो डराने वाला है. मैं एक साधारण लड़की हूं. एक औरत के नजरिए से मेरी सुरक्षा को लेकर भी ये डराने वाला है.'
महक ने अपील की है कि उनकी बात को बाकी लोगों तक पहुंचाया जाए, ताकि नफरत न फैले. उन्होंने कहा कि अगर ये उनके साथ हुआ है, तो किसी के भी साथ हो सकता है.
वीडियो देखें:

