मंगलवार को पूरी तैयारी के साथ दिल्ली में बड़ी रैली की तैयारी में थे गुजरात केविधायक जिग्नेश मेवाणी. समर्थकों की छोटी सी भीड़ के बीच जब दिल्ली के संसद मार्गके लिए निकल रहे थे तो कनॉट प्लेस पर अपनी गाड़ी रोक दी. गाड़ी मेडिकल स्टोर के आगेरुकी. जिग्नेश ने कुछ दवाएं ली. मीडिया साथ ही चल रही थी. सवाल पूछा आप दवा ले रहेहैं, तबीयत ठीक नहीं है, रैली कैसे करेंगे. जिग्नेश का जवाब आत्मविश्वास से भरा थाऔर रोचक भी. बोले 'हमारी तबीयत थोड़ा ठीक नहीं है लेकिन सरकार की तबीयत ज्यादा खराबलग रही है'. सरकार से जिग्नेश मेवाणी का मतलब केंद्र की मोदी सरकार से था. वो संसदमार्ग पर जाकर बहुत बड़ी रैली करने वाले थे. नाम दिया था युवा हुंकार रैली. अपनेसमर्थकों की इतनी भीड़ जुटा देना चाहते थे कि बगल में मौजूद संसद तक उनकी आवाज जोरसे पहुंच जाती. दिल्ली के सियासी हलकों में खलबली मच जाती. मोदी सरकार के मंत्री,अफसर तक चौकन्ने हो जाते. लेकिन ऐसा हो नहीं पाया.एक हाथ में संविधान, दूसरे में मनुस्मृति लिए हुए जिग्नेश मेवाणी रैली की भीड़ पर सोशल मीडिया पर युद्धरैली में ज्यादा लोग नहीं पहुंचे. जो पहुंचे भी थे उनमें से कई लोग जिग्नेश मेवाणीके बोलने से पहले ही चल निकले. विपक्ष खासकर बीजेपी को मौका मिल गया. तुरंत जिग्नेशमेवाणी की रैली को फ्लॉप करार दिया गया. खाली कुर्सियों वाली तस्वीरें सोशल मीडियापर वायरल होने लगी. बीजेपी नेता प्रीति गांधी ने ट्विटर पर खाली पड़ी कुर्सियों कीफोटो डाल दी. साथ में लिख दिया 'देश तोड़ने वालों के मुंह पर करारा तमाचा. मंच परज्यादा लोग हैं, मंच से नीचे कम.'जो जिग्नेश मोदी सरकार की तबीयत ठीक करने की बात कर रहे थे वो कैसे पीछे रहते.उन्होंने मंच से खींची तस्वीर अपने ट्विटर अकाउंट पर डाल दी. लिखा 'अफवाह थी किरैली कैंसल है, मीडिया ने पूछ-पूछ कर रैली को जनसैलाब बना दिया'. रैली जनसैलाब नहींबन पाई. संसद मार्ग पर उतने लोग नहीं पहुंचे जितने की उम्मीद गुजरात के वडगाम सेनिर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी ने की थी. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल यानी एनजीटी नेजंतर-मंतर पर रैलियां और धरना प्रदर्शन पर रोक लगाई है. पुलिस ने इसी आधार पर इसरैली को इजाजत नहीं दी थी. कहा चाहें तो कहीं और जाकर प्रदर्शन कर लें. फिर भीजिग्नेश और उनके समर्थक आए.जिग्नेश ने रैली को जनसैलाब बताया, बीजेपी ने फ्लॉप शोरैली के बारे में अफवाहइस बीच रैली के बारे में एक अफवाह फैल गई. कुछ लोगों ने दावा कर दिया कि मेवाणीसंसद मार्ग के बजाय गीता कॉलोनी के रानी गार्डन अंबेडकर पार्क में रैली करेंगे.पुलिस तक खबर पहुंची तो जल्दबाज़ी में पुलिसवालों को वहां भेज दिया गया. लेकिन वहांकुछ न हुआ.जिग्नेश मेवाणी ने मंच से आरोप लगाया कि मोदी सरकार संविधान और लोकतंत्र दोनों केलिए खतरा है. उनकी मांगों में यूपी के दलित नेता चंद्रशेखर आजाद की जेल से रिहाईप्रमुख थी. लगे हाथ दलितों से जुड़े कई मुद्दे भी उठाए गए. जिग्नेश एक हाथ मेंसंविधान की किताब ली थी दूसरी पर मनुस्मृति थी. मोदी से पूछ रहे थे बताएं कि वोकिसके साथ हैं.मेवाणी और उनका साथ देने आए कई बड़े चेहरों ने बड़े मुद्दे उठाए. सरकार से तीखेसवाल पूछे. जोरदार विरोध जारी रखने की बात कही. लेकिन भीड़ जुटाकर सरकार की तबीयतठीक करने का मेवाणी का इरादा इस बार दिल्ली में सफल नहीं हो पाया?--------------------------------------------------------------------------------दी लल्लनटॉप के लिए ये स्टोरी नीरज ने लिखी है --------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें:चुनाव आयोग को खूंखार बनाने वाले टीएन शेषन आज बुरे हाल में हैंजिसने जालियांवाला बाग का बदला लिया, उसके किसान पोते ने खुदकुशी कर लीदेश के इस हिस्से में बैलों को दी जाती है कोकेन, कहां हैं योगी आदित्यनाथ?PM मोदी नहीं, त्रिपुरा में BJP को बस ये आदमी जिता सकता हैAAP के लिए कुमार विश्वास से बड़ी मुश्किल आ गई हैवीडियो: