घोड़ी छोड़ JCB पर बैठ शादी में पहुंचा दूल्हा, दुल्हन उसी पर होकर सवार आई सजना के द्वार
दूल्हे कृष्णा महतो ने JCB को भी दुल्हन की तरह सजाया था.

"पालकी पे होके सवार चली रे, मैं तो अपने साजन के द्वार चली रे." कितने लोगों ने विदाई में 'खलनायक' मूवी का ये गाना सुना है? ये एक गाना थोड़ी है, एक इमोशन है. पहले दुल्हन पालकी/डोली में ससुराल जाती थी. फिर धीरे-धीरे सजी हुई कार का चलन आया. लेकिन अब कई चलन चल रहे हैं. दूल्हे घोड़ी के बजाय ट्रैक्टर, हेलिकॉप्टर में आते हैं. एक दूल्हा तो JCB में बैठकर शादी में पहुंचा और उसी में दुल्हन को बिठाकर अपने घर लाया.
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है. इसमें दूल्हा अपनी दुल्हन को सजी हुई जेसीबी में बैठाकर ले जा रहा है. शायद दूल्हे को पता नहीं है ऐसा करने से उसका चालान कट सकता है. हो सकता है पता भी हो, लेकिन टशन दिखाने का मौका ना छोड़ना चाहता हो.
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक वीडियो रांची के नामकुम प्रखंड के टाटीसिलवे गांव का है. दूल्हे का नाम कृष्णा महतो है. कृष्णा फूलों की सजावट का काम करते हैं. शायद इसी वजह से JCB फूलों से इतनी सजी हुई थी. कृष्णा की बारात चतरा बस्ती निवासी बुधराम महतो की बेटी आरती से तय हुई थी. JCB को सजाने का आइडिया कृष्णा का ही था. उनकी इच्छा थी कि उनकी दुल्हन को अनोखे अंदाज से लाया जाए. इसलिए कृष्णा ने महंगी गाड़ियों की जगह JCB को चुना.
जानकारी के मुताबिक, 13 जून की रात को कृष्णा की बारात JCB पर उनके गांव से 10 किलोमीटर दूर दुल्हन के घर पहुंची. फूलों से सजी JCB को देखकर सभी लोग हैरान थे. JCB में खुदाई के लिए लगे बकेट में मोटे-मोटे गद्दे भी बिछाए गए थे. शादी के बाद उसी JCB में कृष्णा अपनी दुल्हन आरती के साथ घर लौट गए.
वैसे JCB से दुल्हन लाने का यह पहला मामला नहीं है. इससे मिलते-जुलते मामले पहले भी देखने को मिले हैं. कभी JCB से दुल्हन की एंट्री, तो कभी प्री वेंडिंग.
पाकिस्तान के ट्विटर यूजर गुलाम अब्बास शाह ने JCB में दूल्हा-दुल्हन की वीडियो शेयर की.
नंदिनी नाम की यूजर ने एक वीडियो शेयर की. जिसमें दूल्हा-दुल्हन को शादी में ग्रैंड एंट्री करनी थी इसलिए वो JCB में बैठकर आए. लेकिन फिर...
एक और JCB के साथ दुल्हन की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई.
वैसे हम आपको बताना चाहते हैं कि ऐसे JCB पर दुल्हन लाना नादानी है, क्योंकि चालान कट सकता है.

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