हिंदूवादी नेता कमलदेव गिरी हत्याकांड में दो आरोपी गिरफ़्तार, पुलिस ने बताई हत्या की वजह
पुलिस ने बताया कि हत्याकांड के मुख्य आरोपी सतीश प्रधान और जाहिद हैं. अभी तक गुलज़ार और मतिउर रहमान को गिरफ्तार किया गया है.

हिंदूवादी संगठन गिरिराज सेना के प्रमुख कमलदेव गिरी (Kamaldev Giri) की हत्या में पुलिस ने गुलज़ार हुसैन और मतिउर रहमान नाम के दो लोगों को गिरफ़्तार किया है. बीते 12 नवंबर की शाम को हिंदूवादी नेता कमलदेव की हत्या कर दी गई थी. इस मामले में 21 नवंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर झारखंड की चक्रधरपुर ज़िला पुलिस ने कमलदेव हत्याकांड की नई जानकारियां सामने रखीं. पश्चिम सिंहभूम पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर ने बताया कि पूरा मामला आपसी दुश्मनी का था और आरोपियों ने साज़िशन कमल देव की हत्या की थी.
पुलिस ने सूचना दी है कि हिंदूवादी नेता कमलदेव की हत्या के मुख्य आरोपी, सतीश प्रधान और जाहिद हैं. इन दोनों ने प्लैन बनाया और कथित तौर पर अपने छह साथियों के साथ बम और चाकू मार कर कमलदेव की हत्या की. गुलज़ार हुसैन और मतिउर रहमान, मुख्य आरोपी सतीश प्रधान और जाहिद के सहयोगी हैं. गुलज़ार और मतिउर ने कमलदेव गिरी की निगरानी की और हत्यारों को कमलदेव गिरि की जानकारी पहुंचाई थी, जिसके बाद अपराधियों ने चक्रधरपुर के भारत भवन चौक पर कमलदेव की बम और गोली मारकर हत्या कर दी. मौक़े से फ़रार हो गए.
पुलिस ने CCTV फुटेज देखे. कॉल डिटेल्स की जांच की. और, इन्हीं तमाम सबूतों के आधार पर इस पूरे मामले का खुलासा किया. आजतक के सत्यजीत की रिपोर्ट के मुताबिक़, पुलिस ने अभी तक इस हत्याकांड के पीछे की मुख्य वजह सतीश प्रधान और कमलदेव के बीच के आपसी विवाद को ही बताया है. पहले भी कुछ मौक़ों पर सतीश प्रधान और कमलदेव गिरी के बीच झड़प और मारपीट हुई है. जांचकर्ताओं का ये भी कहना है कि काफ़ी समय से सतीश प्रधान कमलदेव की हत्या की योजना बना रहा था. चक्रधरपुर के मंडलसाई, सिमिदिरी जैसे इलाक़ों के युवकों से संपर्क किया. हालांकि, पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर ने बताया कि इस घटना के पीछे और भी कई कारण हो सकते हैं. जांच जारी है और मामले में सभी तथ्य खंगाले जा रहे हैं.
CCTV में श्रद्धा के कातिल आफ़ताब के हाथ में क्या दिखा?

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