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'विरोध करने पर मारपीट, गेट का ताला भी बंद किया...', अफसरों की पिटाई से आहत होमगार्ड ने दी जान

होमगार्ड ने मंडलीय कमांडेंड, झांसी को शिकायत के लिए लेटर भी भेजा. लेटर में उन्होंने लिखा कि वो काफ़ी आहत हैं और अपनी जान देने जा रहे हैं. होमगार्ड ने कहा कि वो अनपढ़ हैं, भूल चूक माफ करें.

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19 जुलाई 2024 (अपडेटेड: 19 जुलाई 2024, 01:10 PM IST)
Uttar Pradesh News
पुलिस ने दोनों इंस्पेक्टरों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया है. (फ़ोटो - आजतक)
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उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के झांसी ज़िले में एक होमगार्ड के जवान ने कथित रूप से प्रताड़ित होकर अपनी जान दे दी. बताया गया कि होमगार्ड के साथ 2 पुलिस इंस्पेक्टर कथित तौरपर मारपीट करते थे. उन्होंने इस प्रताड़ना की शिकायत करने के लिए मंडलीय कमांडेंड, झांसी को चिट्ठी भी भेजी थी. इसमें उन्होंने लिखा था कि अवैध वसूली का विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई. इससे वो काफ़ी आहत हैं और अपनी जान देने जा रहे हैं. होमगार्ड ने कहा कि वो अनपढ़ हैं, भूल चूक माफ करें.

मृतक का नाम सुरजन सिंह पटेल (57) है. वो फतेहपुर थाना क्षेत्र के बिजौरा गांव के रहने वाले थे. आजतक की ख़बर के मुताबिक़, आत्महत्या की कोशिश के बाद उन्हें तुरंत झांसी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया. पुलिस ने उनके शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है. उनकी एक बेटी और एक बेटा है. सुरजन के बेटे अनूप पटेल ने बताया कि “उनके पिता अंबाबाय स्थित होमगार्ड प्रशिक्षण केंद्र में कुक के पद पर तैनात थे. रोज की ही तरह वो 17 जुलाई को भी ड्यूटी पर गए. वहां इंस्पेक्टर लक्ष्मीशंकर और सुभाष यादव प्रशिक्षण लेने वाले होमगार्ड से वसूली कर रहे थे. इसका उन्होंने विरोध किया.”

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अनूप ने आरोप लगाया कि इस पर दोनों इंस्पेक्टर उनके पिता के साथ मारपीट करने लगे. आरोप है कि दोनों ने सुरजन की बेइज्जती की. इसी से आहत होकर उनके पिता ने अपनी जान दे दी. ऐसा ही आरोप मृतक सुरजन सिंह पटेल ने अपने लेटर में लगाया. दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक़, मंडलीय कमांडेंड को लिखे अपने लेटर में उन्होंने लिखा,

प्रशिक्षण ले रहे लड़कों को सताया जा रहा है. जिस बच्चे की शादी थी, उससे सुभाष इंस्पेक्टर ने 1500 रुपये ले लिये. विरोध करने पर मेरे साथ मारपीट की गई. गेट पर ताला भी लगा दिया गया. मैं जैसे-तैसे दीवार कूदकर आया, वरना वो मार देते. उनका कहना था कि मैंने शराब पी है. शराब पीने पर जांच कराते, मारने का कोई अधिकार नहीं है. मुझे काफ़ी ठेस पहुंची है. मैं आत्महत्या करने जा रहा हूं. मैं अनपढ़ हूं, भूल चूक हो तो माफ करें.

मामले में SP सिटी ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मरने से पहले सुरजन ने मंडलीय कमांडेंड से शिकायत की थी. इसमें उनकी तरफ़ से उत्पीड़न का आरोप लगाकर आत्महत्या की कोशिश के बारे में बताया गया. बेटे के शिकायत पर दोनों इंस्पेक्टरों के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया गया है. सबूतों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी.

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