पुलवामा हमले के लिए विस्फोटक जुटाने वाला आतंकी मुदस्सिर मारा गया
जिस घर में छिपा था, उस घर को ही उड़ा दिया..
Advertisement

सुरक्षाबलों ने मुदस्सिर के साथ 2 और आतंकियों को मार गिराया है
Quick AI Highlights
Click here to view more
सुरक्षाबलों ने पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड मुदस्सिर अहमद खान को मार गिराया है. रविवार को सुरक्षाबलों की जानकारी मिली कि पिंगलिश इलाके में एक घर में कुछ आतंकी छिपे हुए हैं. जिसके बाद उन्होंने तलाशी अभियान शुरू किया. जैसे ही सुरक्षाबल उस घर के पास गए, वैसे ही घर में छिपे आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी. दोनों तरफ से खूब फायरिंग हुई.

पुलवामा हमले की तस्वीर
23 साल का मुदस्सिर अहमद खान जिसे मोहम्मद भाई के नाम से भी जाना जाता था. मुदस्सिर साल 2017 में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा था. इससे पहले उसने ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी कर ली थी और पेशे से इलेक्ट्रीशियन था. जिसके बाद उसने जैश को ज्वॉइन कर लिया. शुरुआत में तो वो एक वर्कर के रूप में काम करता था लेकिन उसकी एक्टिविटी को देखते हुए उसे जैश में बड़ी ज़िम्मेदारी दी गई. ये ज़िम्मेदारी उसे नूर मोहम्मद तांत्रे उर्फ नूर त्राली ने दी. नूर ही वो आतंकी था जिसने घाटी में आतंकी गतिविधियों को दोबारा एक्टिव किया था. लेकिन सुरक्षाबलों ने दिसंबर 2017 में उसे मार गिराया. नूर त्राली के मारे जाने के बाद मुदस्सिर अपने घर से भाग गया और फिर जैश में शामिल हो गया.

मुदस्सिर 2017 में ही जैश-ए-मोहम्मद में शामिल हुआ था (मुदस्सिर की तस्वीर)
सुरक्षाबलों के मुताबिक जनवरी 2018 में जब लेथपोरा में आतंकी हुआ था उसमें भी मुदस्सिर का हाथ था. यहां तक कि इसके एक महीने बाद ही जब फरवरी में सुंजवां में सुरक्षाबलों पर हमला हुआ उसमें भी मुदस्सिर मास्टरमाइंड था. इस आतंकी हमले के बाद 27 फरवरी को NIA ने मुदस्सिर के घर पर छापेमारी की थी. मुदस्सिर लगातार आदिल अहमद डार के कॉन्टैक्ट में था. आदिल अहमद डार ही वो आतंकी था जिसने विस्फोटक भरी गाड़ी से सीआरपीएफ के काफिले में टक्कर मारी थी.

आदिल अहमद डार ने ही पुलवामा में फिदायीन हमला किया था. (फाइल तस्वीर)
पुलवामा हमले के लिए जिस ईकोवैन का इस्तेमाल किया गया वो गाड़ी सज्जाद बट ने हमले के 10 दिन पहले ही खरीदी थी. बट साउथ कश्मीर के बिजबेहारा का रहने वाला है और वो अभी फरार चल रहा है. सुरक्षा एजेंसियों को लगता है कि सज्जाद बट अब पूरी तरह से आतंकी गतिविधियों में शामिल हो चुका है.
आखिर में सुरक्षाबलों ने उस घर को ही विस्फोटक से उड़ा दिया. इस विस्फोट में तीनों आतंकी मारे गए. जानकारी मिली कि तीन आतंकियों में एक मुदस्सिर अहमद खान भी था जिसने पुलवामा हमले के लिए विस्फोटक की व्यवस्था की थी. खबरों के मुताबिक मुदस्सिर ही वो शख्स था जिसे पुलवामा हमले के लिए RDX लाने की जिम्मेदारी दी गई थी.Jammu and Kashmir: Encounter underway between terrorists and security forces in Tral's Pinglish village of Pulwama. (Visuals deferred by unspecified time) pic.twitter.com/Ht2bY7TAAS
— ANI (@ANI) March 10, 2019

पुलवामा हमले की तस्वीर
23 साल का मुदस्सिर अहमद खान जिसे मोहम्मद भाई के नाम से भी जाना जाता था. मुदस्सिर साल 2017 में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा था. इससे पहले उसने ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी कर ली थी और पेशे से इलेक्ट्रीशियन था. जिसके बाद उसने जैश को ज्वॉइन कर लिया. शुरुआत में तो वो एक वर्कर के रूप में काम करता था लेकिन उसकी एक्टिविटी को देखते हुए उसे जैश में बड़ी ज़िम्मेदारी दी गई. ये ज़िम्मेदारी उसे नूर मोहम्मद तांत्रे उर्फ नूर त्राली ने दी. नूर ही वो आतंकी था जिसने घाटी में आतंकी गतिविधियों को दोबारा एक्टिव किया था. लेकिन सुरक्षाबलों ने दिसंबर 2017 में उसे मार गिराया. नूर त्राली के मारे जाने के बाद मुदस्सिर अपने घर से भाग गया और फिर जैश में शामिल हो गया.

मुदस्सिर 2017 में ही जैश-ए-मोहम्मद में शामिल हुआ था (मुदस्सिर की तस्वीर)
सुरक्षाबलों के मुताबिक जनवरी 2018 में जब लेथपोरा में आतंकी हुआ था उसमें भी मुदस्सिर का हाथ था. यहां तक कि इसके एक महीने बाद ही जब फरवरी में सुंजवां में सुरक्षाबलों पर हमला हुआ उसमें भी मुदस्सिर मास्टरमाइंड था. इस आतंकी हमले के बाद 27 फरवरी को NIA ने मुदस्सिर के घर पर छापेमारी की थी. मुदस्सिर लगातार आदिल अहमद डार के कॉन्टैक्ट में था. आदिल अहमद डार ही वो आतंकी था जिसने विस्फोटक भरी गाड़ी से सीआरपीएफ के काफिले में टक्कर मारी थी.

आदिल अहमद डार ने ही पुलवामा में फिदायीन हमला किया था. (फाइल तस्वीर)
पुलवामा हमले के लिए जिस ईकोवैन का इस्तेमाल किया गया वो गाड़ी सज्जाद बट ने हमले के 10 दिन पहले ही खरीदी थी. बट साउथ कश्मीर के बिजबेहारा का रहने वाला है और वो अभी फरार चल रहा है. सुरक्षा एजेंसियों को लगता है कि सज्जाद बट अब पूरी तरह से आतंकी गतिविधियों में शामिल हो चुका है.

