जापान वालों ने 'Tasty TV' बना डाला, बोर हो जाओ तो चाटकर मजा लो
जापानी प्रोफेसर ने प्रोटोटाइप "लिकेबल" टीवी स्क्रीन बनाई है, जो हूबहू खाने का स्वाद देती है.
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दिमाग घूम गया ना! खबर पढ़ लो. (तस्वीर Pixabay.com से साभार है.)
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क्या आप टीवी देख-देखकर बोर हो गए हैं? रोज-रोज वही चैनल्स, वही घिसे-पिटे प्रोग्राम सिरदर्द देने लगे हैं? तो अब आपके कम हो रहे मजे को बढ़ाने आ रहा है 'टेस्टी टीवी' (Tasty TV). जी हां, अगर टीवी की स्क्रीन देखकर मजा नहीं आ रहा तो उसे चाटकर भी इंजॉय कर सकते हैं.
मजाक लग रहा है ना!
पर मजाक है नहीं. सच में स्वाद देने वाला टीवी आ गया है. वो एक प्रोग्राम तो जरूर देखा होगा- शाका-लाका बूम-बूम. उसमें एक जादुई पेंसिल होती थी, जिसमें एक बच्चा मनपंसद खाना बनाता और खाना उसके सामने हाज़िर हो जाता था. कुछ वैसा ही मामला है. और ये कारनामा कहां हुआ है? सही पकड़े हैं, जापान में. मिलेगा मनचाहा स्वाद दरअसल एक जापानी प्रोफेसर ने प्रोटोटाइप "लिकेबल" टीवी स्क्रीन बनाया है. जो खाने का स्वाद देता है. इस टीवी का अंदाज निराला है, जो आपको स्वाद का करंट देगा. टीवी के सामने डिश का नाम बोला जाता है फिर टीवी स्क्रीन पर स्प्रे किया जाता है. उसके बाद आपका मनचाहा स्वाद आपको मिल जाता है. इस टीवी स्क्रीन का नाम 'टेस्ट द टीवी' (Taste the TV) रखा गया है. फिलहाल इसमें अभी 10 तरह के अलग-अलग डिश के स्वाद हैं. आगे और फ्लेवर जोड़े जाएंगे. मीजी यूनिवर्सिटी का है ये कमाल इस टीवी को बनाने वाले जापान की मीजी यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर होमी मियाशिता ने कहा है कि कोविड महामारी के समय में ये तकनीक बाहरी दुनिया से जुड़ने का अवसर दे सकती है. मियाशिता बताते हैं,इसका लक्ष्य ये है कि लोग दुनिया के किसी भी कोने के रेस्तरां का मजा ले सके, वो भी घर पर बैठे-बैठे.प्रोफेसर मियाशिता की टीम में लगभग 30 स्टूडेंट्स हैं, जिन्होंने इस धाकड़ टेक्नोलॉजी को तैयार करने में मदद की है. उन्होंने बताया कि इस टीवी को 875 डॉलर, मतलब करीब 66 हजार रुपये में खरीदा जा सकता है. हाल में जापान के पत्रकारों के सामने इस डिवाइस को पेश भी किया गया था. इस दौरान एक छात्रा ने टीवी को बताया कि उसे स्वीट चॉकलेट चाहिए, फिर स्क्रीन पर फ्लेवर जेट ने कुछ छिड़काव किए. इसके बाद छात्रा ने स्क्रीन को चाटा और कहा- ये मिल्क चॉकलेट की तरह है. यार ऐसे भौकाल जापान में ही क्यों बनते हैं!
(ये स्टोरी हमारे यहां इंटर्नशिप कर रहे हर्षित ने लिखी है.)

