जम्मू: मंदिर तोड़फोड़ घटना में सरकारी वादे के बाद विहिप पड़ा ठंडा
गिरफ्तार लोगों की बिना शर्त रिहाई, दोषी पुलिस वालों के सस्पेंशन का सरकारी वादा. कल भीड़ ने घेरा था थाना, फूंक दी थीं आधा दर्जन गाड़ियां.
Advertisement

फोटो - thelallantop
जम्मू के जानीपुर इलाके में हिंसा भड़क गई थी. अब शांत करने के लिए सरकार ने मोर्चा संभाल लिया है. राज्य के हेल्थ मिनिस्टर बाली भगत बुधवार को श्रीनगर से जम्मू पहुंचे. दिन भर पुलिस-प्रशासन के साथ-साथ कई राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के साथ मीटिंग की. सबको समझाया-बुझाया और शांति बनाने की कोशिश की.
विश्व हिन्दू परिषद सबसे ज्यादा बवाल फैलाये था. सभी गिरफ्तार लोगों की बिना शर्त रिहाई की मांग कर रहा था. नहीं तो धरना करने की धमकी थी. वादे के बाद विहिप ठंडा पड़ गया है. सरकार राज्य में फिर से शांति का माहौल बनाने के लिए ये-ये कदम उठाने वाली है-
पुलिस वालों ने बताया मंगलवार शाम मोहम्मद यासिर. और उसका भाई तनवीर अहमद जानीपुर आए हुए थे. दोनों जम्मू के डोडा जिले के रहने वाले हैं. यहीं यासिर मंदिर में गया और छेड़छाड़ की. इससे जम्मू में मज़हबी तनाव फैल गया था.
इस घटना के बाद कुछ लोग गुस्सा गए थे और सड़कों पर निकल आए थे. भीड़ ने थाने को घेर लिया था, आधा दर्ज़न पत्रकारों का सर फोड़ दिया और कई गाड़ियों में आग लगा दी थी. पुलिस को हालात काबू करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा था.
जलती हुई गाडियां और पुलिस स्टेशन
विश्व हिन्दू परिषद सबसे ज्यादा बवाल फैलाये था. सभी गिरफ्तार लोगों की बिना शर्त रिहाई की मांग कर रहा था. नहीं तो धरना करने की धमकी थी. वादे के बाद विहिप ठंडा पड़ गया है. सरकार राज्य में फिर से शांति का माहौल बनाने के लिए ये-ये कदम उठाने वाली है-
1. इस मामले में गिरफ्तार सभी 22 लोगों को बिना शर्त रिहाई होगी 2. दोषी पुलिस वालों को सस्पेंड किया जाएगा 3. आरोपी की दिमागी हालत की जांच होगी 4. मामले की अच्छे से जांच कराई जाएगी
पुलिस वालों ने बताया मंगलवार शाम मोहम्मद यासिर. और उसका भाई तनवीर अहमद जानीपुर आए हुए थे. दोनों जम्मू के डोडा जिले के रहने वाले हैं. यहीं यासिर मंदिर में गया और छेड़छाड़ की. इससे जम्मू में मज़हबी तनाव फैल गया था.
इस घटना के बाद कुछ लोग गुस्सा गए थे और सड़कों पर निकल आए थे. भीड़ ने थाने को घेर लिया था, आधा दर्ज़न पत्रकारों का सर फोड़ दिया और कई गाड़ियों में आग लगा दी थी. पुलिस को हालात काबू करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा था.
जलती हुई गाडियां और पुलिस स्टेशन

.webp?width=60)

