बचपन में जब स्कूल जाने का मन नहीं होता था तो अक्सर पेट या सिर दर्द होने लगता था.घर वाले कई बार तो छुट्टी कर लेने की बात कह देते थे. पर जब कभी समझ जाते थे किबहाना कर रहा है तो जबरदस्ती स्कूल भेजा जाता था. कई बार तो बहाना बनाने के लिएपिटाई भी हो जाती थी. पर कभी वो हाथ-पैर बांधकर स्कूल ले जाएं ये नौबत तो नहीं आतीथी. बस ऐसे ही बोल देते थे. जिद करने लगो तो अक्सर कह दिया जाता था कि जाने दो, मतजाओ आज. पर जम्मू के पास ही एक जगह है भटिंडी. यहां से child abuse का एक मामलासामने आया है. यहां म्यांमार से आए एक रिफ्यूजी मां-बाप पर अपने 11 साल के बच्चे कोजंजीरों से बांधकर रखने का इल्जाम लगा है. कहा जा रहा है वो बच्चे को इसलिए बांधकररखते थे कि वो मदरसे से भाग न जाए. पुलिस के हिसाब से लड़के के मां-बाप और मदरसे केहेड मौलवी ने ऐसा करना शुरू किया था. मौलवी की पहचान अब्दुल गफूर के तौर पर हुई है.इन लोगों के हिसाब से पहले ये लड़का कई बार मदरसे से भाग चुका था. बाप ने बताया किजब इस बार वो भागा तो उसकी मां उसे शनिवार को पकड़कर वापस लाई और उसके पांवों मेंजंजीरें डाल दीं. तबसे वो बच्चा वैसे ही रह रहा था. सोमवार को पास के ही रहने वालेकिसी शख्स ने बच्चे की तस्वीर लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी. इसके बाद से वोतस्वीरें वायरल होने लगीं. तब पुलिस ने एक्शन लिया. बच्चे की तस्वीरें सोशल मीडिया,खासकर वाट्सएप पर वायरल हो रही थीं. लड़के को लोकल पुलिस पोस्ट पर ले जाया गया.जहां पर उसकी जंजीरें खोली गईं. और फिर उसे उसके मां-बाप को दे दिया गया. हालांकिइंडियन एक्सप्रेस की खबर के हिसाब से बच्चे को मां-बाप के सुपुर्द करने से पहलेपुलिस ने मां-बाप को चेतावनी दी है. और सेक्शन 36 के तहत केस भी दर्ज कर लिया है.मां-बाप का कहना है कि वो करीब 4 साल पहले बांग्लादेश के रास्ते भारत आए थे. और तीनसाल पहले वो जम्मू आए, जहां वो नरवल में बस गए. बाप गफूर ने माना, ये एक गलत कामथा. पर बच्चा दो बार पहले भी मदरसे से भाग चुका है. इसलिए जब उसकी मां उसे शनिवारको पकड़ कर वापस लाई तो उलेमा उसे मदरसे में भर्ती करने को तैयार नहीं थे. तब इसकीमां ने इसके पांव में जंजीर डाली और उसकी चाभी हमें दे दी. ये मदरसा एक मलिन बस्तीमें चलता है. गफूर के हिसाब से इस मदरसे में म्यांमार के रिफ्यूजियों के लिए 160सीटें हैं. यहां रहने वाले बच्चों के लिए ये लोग आसपास के मुसलमानों और मस्जिदों सेचंदा करके पैसे जुटाते हैं. बच्चे की मां ने मान लिया है कि उसने ही बच्चे के पांवमें चेन डाली थी. मां ने बताया कि इससे पहले उसे एक सरकारी स्कूल में भर्ती करायाथा. वो कभी भी क्लास में नहीं जाता था, इसलिए 6 महीने पहले उसे इस मदरसे में लेजाया गया. जहां रहने की भी फैसिलिटी थी. दो-तीन मंजिल के एक घर में ये मदरसा चलताहै. एक दिन जब पास के जंगलों में मौलाना लोग इस लड़के को लेकर लकड़ी बटोरने गए हुएथे. तो लड़का वहीं से भाग गया. अभी लड़के के बाप को इंडिया में रिफ्यूजी का दर्जाभी नहीं मिला है.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें -WHATSAPP पर दो साल से घूम रहा है ये झूठा मैसेजसचिन के बारे में सबसे खूबसूरत बात हर्षा भोगले ने बताई हैवो लड़कियां, जो बुर्के के नीचे लिप्स्टिक लगाती हैंजो लड़की छोटी सोच और 'काबू' में नहीं आ पाती उसे तुम BITCH कह देते होजय शनिदेव लिखने पर सौ सेकंड में कुछ अच्छा होने का दावा, और ये सच में हो रहा है