The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • jammu kashmir students defy sepratists and appeared in state board exam

कश्मीर में अलगाववादियों को इन बच्चों के हौसले ने हरा दिया

घाटी में स्कूलों को जलाया जा रहा था. हालात ख़राब थे.

Advertisement
Img The Lallantop
Symbolic Image
pic
जागृतिक जग्गू
15 नवंबर 2016 (Updated: 15 नवंबर 2016, 06:05 AM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share
बुरहान वानी. आतंक का एक नाम. जिंदा था तब भी लोगों की नाक में दम कर रखा था. और मरने के बाद का तो खैर पूछो ही नहीं. कश्मीर के लोगों को थोक के भाव से मुश्किलें दे कर गया है. उसके मरने के बाद घाटी में कर्फ्यू लगा दिया गया. स्कूल बंद कर दिए गए. और जो खुले थे उन्हें आग में झोंक दिया गया. कर्फ्यू के चलते वहां के लोग खाने के लिए मोहताज हो गए. खैर इन सब बुरी घटनाओं के बीच मंडे को कश्मीर में अच्छी बात हुई. बच्चे 12वीं की बोर्ड परीक्षा देने के लिए स्कूल गए. वो भी हाई सेक्योरिटी के बीच. लगभग 95 परसेंट बच्चों ने बोर्ड की परीक्षा दी है. घाटी में हुए हालात को देखते हुए सिलेबस को आधा कर दिया गया था. 10वीं की बोर्ड परीक्षा मंगलवार से शुरू होनी है. 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 3 दिसंबर तक होंगी. सईफा सईद, कोठी बाग गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल की स्टूडेंट है. उसका एग्जाम सेंटर रीगल चौक के पास मौलाना आजाद वीमेंस कॉलेज में है. कल उसका केमेस्ट्री का पेपर था. वो बताती है, 'मैं रैनवारी से हूं. अपने अब्बू के साथ स्कूटर पर बैठकर एग्जाम देने आई हूं. मेरे सारे दोस्त भी यहां मौजूद हैं. क्वेश्चन पेपर बहुत ज्यादा मुश्किल नहीं था.' सईफा के अब्बू का शॉल का बिजनेस है. वो अपनी बेटी के लिए बहुत परेशान थे. और डरे हुए भी. लेकिन एग्जाम सेंटर पर पहुंच कर जब उन्होंने सिक्योरिटी देखी तब जाकर उन्हें सुकून मिला. सईफा के अब्बू के जैसे ही हजारों पेरेंट्स अपने बच्चों को लेकर परीक्षा दिलाने पहुंचे थे. और उन्हें भी वही डर सता रहा था जो सईफा के अब्बू को था. जम्मू कश्मीर स्कूल बोर्ड ऑफ एजुकेशन के चेयरमैन जाहूर अहमद चाट्ट कहते हैं, '32 हजार में से 30 हजार स्टूडेंट्स ने मंडे को एग्जाम दिया है. बच्चों का पेपर अच्छे से निपट गया. कोई दिक्कत नहीं हुई.' टाइम्स ऑफ इंडिया के खबर के मुताबिक स्टेट गवर्नमेंट ने तकरीबन 500 एग्जाम सेंटर पर सिक्योरिटी के पुख्ता इंतजाम किए हैं. लगभग 62 सौ टीचर्स को अपॉइन्ट किया था. एग्जाम सेंटर पर बच्चों को कोई दिक्कत न हो उसका खास ख्याल रखा गया था.  25 स्टूडेंट्स ने तो अरबी में परीक्षा दी है. उनका सेंटर हैदरपोरा के गवर्मेंट गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल में था. और ये स्कूल हुर्रियत नेता सईद अली शाह गिलानी के घर के पास में है.

Advertisement

Advertisement

()