बुरहान वानी. आतंक का एक नाम. जिंदा था तब भी लोगों की नाक में दम कर रखा था. औरमरने के बाद का तो खैर पूछो ही नहीं. कश्मीर के लोगों को थोक के भाव से मुश्किलेंदे कर गया है. उसके मरने के बाद घाटी में कर्फ्यू लगा दिया गया. स्कूल बंद कर दिएगए. और जो खुले थे उन्हें आग में झोंक दिया गया. कर्फ्यू के चलते वहां के लोग खानेके लिए मोहताज हो गए. खैर इन सब बुरी घटनाओं के बीच मंडे को कश्मीर में अच्छी बातहुई. बच्चे 12वीं की बोर्ड परीक्षा देने के लिए स्कूल गए. वो भी हाई सेक्योरिटी केबीच. लगभग 95 परसेंट बच्चों ने बोर्ड की परीक्षा दी है. घाटी में हुए हालात कोदेखते हुए सिलेबस को आधा कर दिया गया था. 10वीं की बोर्ड परीक्षा मंगलवार से शुरूहोनी है. 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 3 दिसंबर तक होंगी. सईफा सईद, कोठी बागगर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल की स्टूडेंट है. उसका एग्जाम सेंटर रीगल चौक के पासमौलाना आजाद वीमेंस कॉलेज में है. कल उसका केमेस्ट्री का पेपर था. वो बताती है,'मैं रैनवारी से हूं. अपने अब्बू के साथ स्कूटर पर बैठकर एग्जाम देने आई हूं. मेरेसारे दोस्त भी यहां मौजूद हैं. क्वेश्चन पेपर बहुत ज्यादा मुश्किल नहीं था.' सईफाके अब्बू का शॉल का बिजनेस है. वो अपनी बेटी के लिए बहुत परेशान थे. और डरे हुए भी.लेकिन एग्जाम सेंटर पर पहुंच कर जब उन्होंने सिक्योरिटी देखी तब जाकर उन्हें सुकूनमिला. सईफा के अब्बू के जैसे ही हजारों पेरेंट्स अपने बच्चों को लेकर परीक्षादिलाने पहुंचे थे. और उन्हें भी वही डर सता रहा था जो सईफा के अब्बू को था. जम्मूकश्मीर स्कूल बोर्ड ऑफ एजुकेशन के चेयरमैन जाहूर अहमद चाट्ट कहते हैं, '32 हजार मेंसे 30 हजार स्टूडेंट्स ने मंडे को एग्जाम दिया है. बच्चों का पेपर अच्छे से निपटगया. कोई दिक्कत नहीं हुई.' टाइम्स ऑफ इंडिया के खबर के मुताबिक स्टेट गवर्नमेंट नेतकरीबन 500 एग्जाम सेंटर पर सिक्योरिटी के पुख्ता इंतजाम किए हैं. लगभग 62 सौटीचर्स को अपॉइन्ट किया था. एग्जाम सेंटर पर बच्चों को कोई दिक्कत न हो उसका खासख्याल रखा गया था. 25 स्टूडेंट्स ने तो अरबी में परीक्षा दी है. उनका सेंटरहैदरपोरा के गवर्मेंट गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल में था. और ये स्कूल हुर्रियतनेता सईद अली शाह गिलानी के घर के पास में है.