कश्मीर में रेप के इरादे से घर में घुसे आतंकी, नाकाम रहने पर 12 साल के बच्चे को मार डाला
सुरक्षाबलों ने दोनों को मार गिराया.
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प्रतीकात्मक फोटो
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दो आतंकवादी घर में घुसे और बंदूक की नोक पर परिवार को बंधक बना लिया. आतंकवादियों का इरादा परिवार की लड़की से रेप करना था. इसका पता चलते ही परिवार ने लड़की को किसी तरह बचा लिया. अपनी हवस पूरी नहीं कर पाने से झल्लाए आतंकवादियों ने परिवार को मारा-पीटा और 12 साल के बच्चे की हत्या कर दी. हालांकि सुरक्षाबलों ने दोनों आतंकवादियों को मार गिराया. मामला जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा का है.
क्या है मामला दैनिक भास्कर की खबर के मुताबिक बांदीपोरा में हाजिन के मीर मोहल्ला में गुरुवार शाम दो आतंकवादी हथियारों के बल पर जबरन एक घर में घुस गए. आतंकवादियों ने परिवार की एक लड़की से रेप करने की कोशिश की, लेकिन परिवार की सूझबूझ से वे अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाए. इसके बाद आतंकवादियों ने परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट शुरू कर दी.

सुरक्षाबलों ने आतंकियों को घेर कर मार दिया.
चाचा को बचाया, भतीजा फंस गया चीख पुकार सुन पड़ोसियों ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी. मौके पर पहुंचे सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभाला और परिवार के सदस्यों को एक-एक कर बाहर निकालना शुरू किया. अपने को घिरता देख आतंकवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस ने परिवार के कई सदस्यों को तो बाहर निकाल लिया, लेकिन 12 साल के आतिफ अहमद और उसके चाचा घर में ही फंसे रह गए. हालांकि पुलिस ने किसी तरह हमीद (चाचा) को भी छुड़ा लिया.
आतंकवादियों के कब्जे में फंसे आतिफ को छुड़ाने के लिए पुलिस ने मोहल्ले के बुजुर्गों और आतिफ के घरवालों से अपील करवाई. परिवार ने आतंकियों से कहा कि तुम जो कर रहे तो वह जिहाद नहीं है. यह जलालत है. अल्लाह के लिए इन बेगुनाहों को छोड़ दो. बच्चे की मां चिखती रही, मेरे बेटे को छोड़ दो, इसने क्या बिगाड़ा है. इसे छोड़ दो लेकिन आतंकवादियों का दिल नहीं पसीजा और उन्होंने 12 साल के मासूम की हत्या कर दी.
बच्चे की हत्या के बाद सुरक्षाबलों ने दोनों आतंकवादियों को मार गिराया. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दोनों आतंकवादी पाकिस्तानी थे. उनकी पहचान अली उर्फ फुकरान और हुबैब के रूप में हुई है. दोनों लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी थे. 12 साल के आतिफ का जब जनाजा उठा तो लोगों में आतंकवादियों के खिलाफ भारी गुस्सा था.
देखें वीडियो: बीजेपी ने उम्मीद्वारों की लिस्ट में स्मृति ईरानी के नाम के साथ पहले पारसी लिखा, बाद में हटाया
क्या है मामला दैनिक भास्कर की खबर के मुताबिक बांदीपोरा में हाजिन के मीर मोहल्ला में गुरुवार शाम दो आतंकवादी हथियारों के बल पर जबरन एक घर में घुस गए. आतंकवादियों ने परिवार की एक लड़की से रेप करने की कोशिश की, लेकिन परिवार की सूझबूझ से वे अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाए. इसके बाद आतंकवादियों ने परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट शुरू कर दी.

सुरक्षाबलों ने आतंकियों को घेर कर मार दिया.
चाचा को बचाया, भतीजा फंस गया चीख पुकार सुन पड़ोसियों ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी. मौके पर पहुंचे सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभाला और परिवार के सदस्यों को एक-एक कर बाहर निकालना शुरू किया. अपने को घिरता देख आतंकवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस ने परिवार के कई सदस्यों को तो बाहर निकाल लिया, लेकिन 12 साल के आतिफ अहमद और उसके चाचा घर में ही फंसे रह गए. हालांकि पुलिस ने किसी तरह हमीद (चाचा) को भी छुड़ा लिया.
आतंकवादियों के कब्जे में फंसे आतिफ को छुड़ाने के लिए पुलिस ने मोहल्ले के बुजुर्गों और आतिफ के घरवालों से अपील करवाई. परिवार ने आतंकियों से कहा कि तुम जो कर रहे तो वह जिहाद नहीं है. यह जलालत है. अल्लाह के लिए इन बेगुनाहों को छोड़ दो. बच्चे की मां चिखती रही, मेरे बेटे को छोड़ दो, इसने क्या बिगाड़ा है. इसे छोड़ दो लेकिन आतंकवादियों का दिल नहीं पसीजा और उन्होंने 12 साल के मासूम की हत्या कर दी.
बच्चे की हत्या के बाद सुरक्षाबलों ने दोनों आतंकवादियों को मार गिराया. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दोनों आतंकवादी पाकिस्तानी थे. उनकी पहचान अली उर्फ फुकरान और हुबैब के रूप में हुई है. दोनों लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी थे. 12 साल के आतिफ का जब जनाजा उठा तो लोगों में आतंकवादियों के खिलाफ भारी गुस्सा था.
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