"नफरत में चुन-चुनकर मारा"- ट्रेन हत्याकांड वाला RPF कॉन्सटेबल सस्पेंड, और क्या पता चला?
इस मामले की जांच कर रहे वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों ने कोर्ट की टिप्पणियों पर भरोसा किया और चेतन सिंह चौधरी को बर्खास्त कर दिया.

RPF के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त एस. के. एस राठौर ने चेतन सिंह चौधरी को जघन्य अपराध करने के लिए बर्खास्त कर दिया है. उन्होंने 16 अगस्त को इसके लिए आदेश जारी किया. चेतन सिंह पर जयपुर-मुंबई एक्सप्रेस ट्रेन में 4 लोगों की गोली मारकर हत्या करने का आरोप है. इसमें उनके सीनियर ASI टीकाराम मीणा और तीन अन्य लोग शामिल थे.
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, चौधरी फिलहाल न्यायिक हिरासत में है. इस मामले की जांच कर रहे वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों ने कोर्ट की टिप्पणियों पर भरोसा किया और चेतन सिंह चौधरी को बर्खास्त कर दिया. कोर्ट ने कहा कि हो सकता है चेतन ने ASI टीकाराम मीणा की हत्या गुस्से में आकर कर दी. लेकिन ये साफ है कि बाकी तीनों यात्रियों को उसने नफरत के चलते, चुन-चुनकर मारा.
'RPF की छवि खराब हुई'वरिष्ठ रेलवे अधिकारी ने कहा कि इसके चलते वो पूछताछ के लिए किसी मौके का हकदार नहीं है. चेतन सिंह को बर्खास्त करने के आदेश में कहा गया,
आदेश में आगे कहा गया,
RPF कर्मचारियों का साइकियाट्रिक टेस्टइससे एक दिन पहले RPF ने अपने कर्मचारियों का साइकियाट्रिक टेस्ट करवाने की बात भी कही थी. RPF ने कहा कि इसके साथ ही उनके काउंसलिंग सेशन भी होंगे.
आरोप है कि 31 जुलाई की सुबह जयपुर-मुंबई एक्सप्रेस में RPF के एक कॉन्स्टेबल चेतन सिंह ने 4 लोगों की गोली मार कर हत्या कर दी थी. इसके बाद RPF ने ये कदम उठाया है. ट्रेन में हुई गोलीबारी में ASI टीकाराम मीणा और 3 अन्य लोगों की मौत हुई थी.
चेतन ने एक बूढ़े आदमी कदर भानूपुरवाला पर गोली चलाई. इसके बाद B2 कोच में जाकर सैय्यद सैफुद्दीन की गोली मारकर हत्या कर दी. चेतन ने S6 कोच में असगर अब्बास शेख पर भी गोली चलाई. फिर ट्रेन से कूदकर भाग गया. हालांकि, बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया.
वीडियो: जयपुर-मुंबई ट्रेन फायरिंग के चश्मदीद ने RPF जवान चेतन सिंह के बारे में क्या बताया?

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