महीनों से गायब जैक मा सामने आए, चीन सरकार की सख्ती के बाद से अंडरग्राउंड थे
चीन की सरकार और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की कथित नाराजगी, जैक मा को भारी पड़ती नजर आई थी.
Advertisement

महीनों तक गायब रहने के बाद जैक मा एक वीडियो में नजर आए हैं.
Quick AI Highlights
Click here to view more
चाइनीज कंपनी अलीबाबा ग्रुप के फाउंडर जैक मा (Jack Ma) मिल गए हैं. पिछले बहुत दिनों से खबरें आ रहीं थीं कि चीन में जैक मा लापता हो गए हैं. लंबे वक्त के बाद वह एक कार्यक्रम में वर्चुअल तरीके से शामिल होते हुए नजर आए हैं. उनके नजर आने का पहला असर उनकी कंपनी के शेयरों पर देखने को मिला. हांगकांग स्टॉक एक्सचेंज में अलीबाबा के शेयर में 6 फीसदी का उछाल देखा गया. अक्टूबर 2020 से जैक मा को किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में नहीं देखा गया था. अफ्रीका में उनकी कंपनी एक टैलेंट शो ‘अफ्रीका बिजनेस हीरो’ करवाती है. इसके फाइनल एपिसोड में उन्हें बतौर जज शामिल होना था, लेकिन वो शामिल नहीं हुए. उनकी जगह कंपनी के एक दूसरे अधिकारी ने कार्यक्रम में शिरकत की. कंपनी ने तब कहा था कि बिजी होने के कारण जैक मा इस प्रोग्राम में नहीं आ पाए हैं. ऐसे में दुनिया भर में उनके चाहने वाले और उनकी कंपनी में इन्वेस्ट करने वालों की सांस अटकी थी. इस खबर से उन्हें राहत जरूर मिली होगी.
कहां मिले जैक मा?
जैक मा के बारे में लेटेस्ट जानकारी चीनी सरकार के अंतर्राष्ट्रीय मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स के जरिए मिली है. ग्लोबल टाइम्स अनुसार
इंग्लिश टीचर से उद्योगपति बने और अलीबाबा ग्रुप के पूर्व चेयरमैन जैक मा युन ग्रामीण अध्यापक थीम वाले सोशल वेलफेयर प्रोग्राम में वीडियो लिंक के जरिए नजर आए. अलीबाबा ग्रुप के सख्त नियामक जांच के घेरे में आने के बाद वह पहली बार से पब्लिक में नजर आए हैं.
वीडियो में जैक मा कैजुअल कपड़ों में नजर आ रहे हैं और एक जगह पर वह किसी जगह पर घूमते भी दिखते हैं. वह अपने पुराने वीडियो से कुछ अलग नजर आ रहे हैं. जहां वह अपने पहले के वीडियो में काफी जोश-खरोश से बातचीत करते दिखाई देते थे, वहीं इस नए वीडियो में वो काफी शांत और थके हुए नजर आ रहे हैं. इस वीडियो में उन्हें यह कहते हुए देखा जा सकता है कि वह अपना ज्यादातर वक्त अब परोपकार के कामों में बिता रहे हैं. चीनी सरकार की आलोचना के बाद हुए थे लापता अक्टूबर 2020 में जैक मा ने एक कार्यक्रम में चीन सरकार की आलोचना की थी. उन्होंने शंघाई में कार्यक्रम के दौरान चीन के स्वामित्व वाले बैंकों की आलोचना की थी. देश के फाइनेंशियल रेग्युलेटर्स पर भी सवाल उठाए थे. उन्होंने सिस्टम में सुधार की मांग करते हुए ग्लोबल बैंकिंग रेगुलेशन को ‘बूढ़े लोगों का क्लब’ कह दिया था. ऐसा माना जा रहा है कि इस भाषण को चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ने खुद पर हमले के रूप में देखा. सरकार को उनकी बातें अच्छी नहीं लगीं, और इसका असर भी देखा गया. चीन की सरकार और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की कथित नाराजगी, जैक मा को भारी पड़ती नजर आई. नवंबर में उनके ‘एंट ग्रुप’ के 37 अरब अमेरिकी डॉलर वाले आईपीओ को निलंबित कर दिया गया. जैक की फाइनेंशियल टेक कंपनी एंट ग्रुप पर भी लगाम कसी गई. यही नहीं अलीबाबा ग्रुप के खिलाफ गैरकानूनी तरीकों से बाजार में वचर्स्व बनाने के आरोपों में भी जांच शुरू कर दी गई. इसके बाद जैक मा के चीन छोड़ने पर रोक लगा दी गई है. तभी से अलीबाबा के शेयरों में गिरावट दर्ज की जा रही है.Jack Ma Yun, the English teacher turned entrepreneur and former executive chairman of #Alibaba, showed up at a rural teacher-themed social welfare event via video link on Wed, his first public appearance since Alibaba came under tougher regulatory scrutiny.https://t.co/VXywPHEeyv pic.twitter.com/DKCXhASIhu
— Global Times (@globaltimesnews) January 20, 2021

