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PM मोदी ISRO के वैज्ञानिकों को कैसी कठिनाई में डाल चुके हैं? एस सोमनाथ ने सब बताया

एस सोमनाथ ने पीएम मोदी और उनकी सरकार को लेकर अपनी राय रखी है.

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24 अगस्त 2023 (अपडेटेड: 24 अगस्त 2023, 05:25 PM IST)
ISRO chief S Somanath on PM Modi after Chandrayaan 3 success
एस सोमनाथ ने पीएम मोदी पर क्या कहा? (साभार - पीटीआई)
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चंद्रयान-3 के चांद पर उतरने के बाद एक नाम हर किसी की जबान पर है. एस सोमनाथ. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के प्रमुख. उन्हीं के नेतृत्व में 23 अगस्त की शाम लगभग 6.04 बजे भारत ने इतिहास रचा. चंद्रयान-3 का विक्रम लैंडर चांद के साउथ पोल पर उतरा और ये कारनामा कर दिखाने वाला पहला देश बना भारत. इसके बाद से हर कोई एस सोमनाथ की बात सुनना चाहता है. उन्होंने अपनी बात रखी भी है. ISRO के फ्यूचर प्लान्स से लेकर पीएम नरेंद्र मोदी तक.

एस सोमनाथ ने कहा है कि अगले 14 घंटे चंद्रयान-3 मिशन के लिए बहुत जरूरी हैं. सोमनाथ ने बताया कि भारत सिंतबर 2023 के पहले हफ्ते में आदित्य L1 लॉन्च कर सकता है. ये मिशन सूरज पर रिसर्च करने के लिए तैयार किया जा रहा है. इसी बातचीत के दौरान सोमनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी अपनी राय दी.

सोमनाथ ने कहा कि पीएम मोदी स्पेस वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के लिए एक प्रेरणा हैं और उनकी इस विषय में काफ़ी दिलचस्पी है. 60 साल के सोमनाथ ने मोदी सरकार द्वारा स्पेस सेक्टर में लाए गए बदलावों की तारीफ भी की. सोमनाथ ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा,

‘वो हम सबके लिए एक इंस्पिरेशन हैं. ख़ासकर स्पेस डिपार्टमेंट के वैज्ञानिक और इंजीनियर्स के लिए. उन्होंने एक स्पेस बफर की भी बात की, जिससे पता चलता है कि वो जानते हैं कि हम क्या करते हैं. उनको टेक्नोलॉजी की अच्छी समझ है और वो हमसे कई बार कठिन सवाल भी पूछ लेते हैं. उनको इस विषय में काफी दिलचस्पी है. इसलिए उन्हें हमारी इस सफलता से बहुत खुशी होगी. इससे हमें सरकार और लोगों से आगे के लिए सपोर्ट और प्रोत्साहन भी मिलेगा और स्पेस सेक्टर में हम भारत का विस्तार भी कर पाएंगे.’

ISRO चीफ़ एस सोमनाथ ने आगे मोदी सरकार की नई पॉलिसीज़ पर भी अपनी राय दी. उन्होंने कहा कि नए प्लेयर्स के लिए ये सेक्टर खोले जाने से भारत को फायदा ही होगा. वे बोले,

‘सरकार के रिफॉर्म्स भी इस चीज़ का सबूत हैं. इस सेक्टर में नए प्लेयर्स अब आ सकते हैं. इससे हम भविष्य में ऐसे और मिशन कर पाएंगे. जैसे शुक्र पर जाना, या मार्स पर या कहीं और. ये दर्शाता है कि हम सबमें भारत को इस सेक्टर में बढ़ता हुए देखने की भावना है.’

बता दें, मोदी सरकार ने जून 2020 में अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों की भागीदारी को मंजूरी दी थी. सरकार ने इन बदलावों के बाद पीआईबी के माध्यम से बताया था कि इन सुधारों से स्पेस सेक्टर को नई ऊर्जा और गतिशीलता मिलेगी. इससे देश को अंतरिक्ष में किए जा रहे ऑपरेशन्स के अगले चरण में छलांग लगाने में मदद भी मिलेगी.

वीडियो: चंद्रयान 3 ने लैन्डिंग के बाद चांद की पहली तस्वीर भेजी, ISRO के वैज्ञानिकों ने क्या बताया?

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