ईरान से समझौता चाहते हैं डॉनल्ड ट्रंप! इजरायल के अफसरों का बड़ा दावा
Israeli officials Trump deal Iran: तीन वरिष्ठ इजरायली अधिकारियों ने ईरान जंग पर लेकर बात की. उन्होंने ट्रंप के आगे का प्लान बताया कि राष्ट्रपति मिलिड ईस्ट में बढ़ते तनाव को रोकने के लिए ईरान के साथ एक समझौता करने के लिए इच्छुक नजर आ रहे हैं.

अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग चौथे हफ्ते में कदम रख चुकी है. इस युद्ध से शुरू हुए संकट का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है. नुकसान इतना ज्यादा हो गया है कि डॉनल्ड ट्रंप भी युद्घ रोकने की इच्छा जताने लगे हैं. सोमवार, 23 मार्च को ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने को लेकर बात चल रही है और वो बहुत अच्छे दौर में है. लेकिन खुद ईरान ने ही उनके दावे को खारिज कर दिया. ईरान ने अमेरिका से ऐसी किसी भी बातचीत के होने से इनकार कर दिया.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, अब इजरायल के तीन वरिष्ठ अधिकारियों ने दावा किया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप बढ़ते तनाव को रोकने के लिए ईरान के साथ समझौता करना चाहते हैं. इजरायली अधिकारियों का मानना है कि ट्रंप मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को खत्म करने के मकसद से ईरान के साथ समझौता करने के इच्छुक नजर आ रहे हैं. हालांकि, इस समझौते के हो पाने के आसार कम नजर आ रहे हैं. ये संभावना कम है कि ईरान बातचीत के किसी भी नए दौर में अमेरिका की मांगों से सहमत होगा. ये बातचीत 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल युद्ध शुरू होने के साथ ही टूट गई थी.
अधिकारियों का मानना है कि अगर दोनों देशों के बीच नए दौरे की बातचीत होती है तो अमेरिका की मांग होगी कि ईरान अपने परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को सीमित करे. ये ऐसे मुद्दे हैं जो लंबे समय से दोनों पक्षों के बीच प्रमुख अड़चन बने हुए हैं. यहां सिर्फ ट्रंप ही नहीं बल्कि इजरायल भी अपनी शर्तें लेकर बैठा है. सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के वरिष्ठ सैन्य सलाहकार मोहसिन रजाई ने एक इंटरव्यू में जंग रोकने के लिए तीन मांगों का जिक्र किया. उनकी शर्तें हैं-
ईरान पर लगे सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाए जाएं.
अमेरिकी हमले में ईरान का जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई की जाए.
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ये सुनिश्चित किया जाए कि अमेरिका दोबारा कभी ईरान के मामले में नहीं पड़ेगा.
उनका कहना है कि ईरान इस बार सिर्फ हमले का जवाब नहीं देना चाहता है, बल्कि ये भी सुनिश्चित करना चाहता है कि भविष्य में कोई भी देश सामने से हमला करने से पहले सोचे. मोहसिन रजाई ने इंटरव्यू में ये भी दावा किया कि जंग शुरुआती फेज में ही खत्म होने के कगार पर थी. ट्रंप सीजफायर करना चाहते थे, लेकिन बेंजामिन नेतन्याहू ने जंग जारी रखने को कहा. उनके मुताबिक अमेरिका को पहले ही ये एहसास हो चुका था कि जंग में उनकी जीत नहीं हो सकती, फिर भी इज़रायल के कहने पर हमला किया.
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